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National News:: ऑपरेशन सिंदूर को याद करते हुए सिंह ने कहा, "यह एक ऐसा मोड़ था जिसने पूरी दुनिया को यह संदेश दिया कि भारत अब वह देश नहीं रहा जो पुरानी सोच पर चलता है,

National News: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को कहा कि भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को "अपनी मर्जी से" और "अपनी शर्तों पर" रोका। उन्होंने कहा कि देश पाकिस्तान के खिलाफ एक लंबी लड़ाई के लिए तैयार था। सिंह ने पाकिस्तान की कड़ी आलोचना करते की और कहा कि भारत परमाणु हमले की "धमकी" के झांसे में नहीं आया।
'टाइम्स ऑफ इंडिया' की रिपोर्ट के मुताबिक नेशनल सिक्योरिटी समिट 2.0 को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, हमने ठीक उन्हीं लोगों को निशाना बनाया जिन्होंने हम पर हमला किया था। मैं यहां फिर से यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि हमने यह ऑपरेशन इसलिए नहीं रोका क्योंकि हमारी क्षमताएं कम हो गई थीं। हमने इसे अपनी मर्ज़ी से, अपनी शर्तों पर रोका, और यदि ज़रूरत पड़ती, तो हम एक लंबी लड़ाई के लिए पूरी तरह से तैयार थे।"
सिंह ने कहा, "और हमारे पास 'सर्ज कैपेसिटी' (आकस्मिक ज़रूरत के समय अपनी क्षमताओं को बढ़ाने की क्षमता) भी थी। न केवल हमारे पास यह पहले थी, बल्कि आज भी है, अब तो यह पहले से भी कहीं ज़्यादा मज़बूत है। इसलिए, मुझे नहीं लगता कि अब और कुछ कहने की ज़रूरत है।" उन्होंने साथ ही यह भी जोड़ा कि भारत अपनी मज़बूत 'सर्ज कैपेसिटी' को लगातार बनाए हुए है।
'परमाणु हमले की धमकी भी दी गई'
रक्षा मंत्री ने कहा, "हमारे सैन्य-औद्योगिक तंत्र ने बार-बार यह साबित किया है कि वह न केवल शांति-काल की ज़रूरतों के लिए, बल्कि युद्ध-काल में तेज़ी से आपूर्ति करने के लिए भी पूरी तरह तैयार है। हालांकि उस दौरान हमें परमाणु हमले की धमकी भी दी गई थी, लेकिन हम उस झाँसे में नहीं आए।"
सिंह ने कहा, "हमने उन धमकियों को नज़रअंदाज़ कर दिया, उन पर कोई ध्यान नहीं दिया, वही किया जो ज़रूरी था—जो राष्ट्रीय हित में ज़रूरी था। यही नई विश्व व्यवस्था है, नए विश्व का नया भारत। भारत दुनिया को यह संदेश दे रहा है कि आतंकवाद और उसके प्रायोजकों के बीच कोई अंतर नहीं किया जाएगा,"
ऑपरेशन सिंदूर को याद करते हुए सिंह ने कहा, "यह एक ऐसा मोड़ था जिसने पूरी दुनिया को यह संदेश दिया कि भारत अब वह देश नहीं रहा जो पुरानी सोच पर चलता है, जहां हमारी धरती पर आतंकवादी हमले होते थे और हम सिर्फ कूटनीतिक बयान जारी करके रह जाते थे।"
पाकिस्तान पर कसा तंज
रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा, "आतंकवाद केवल एक राष्ट्र-विरोधी कृत्य नहीं है, बल्कि इसके कई आयाम हैं; आतंकवाद से तभी निपटा जा सकता है, जब हम इसके तीनों आयामों—परिचालन, वैचारिक और राजनीतिक—से एक साथ निपटें। आतंकवाद का असली 'IP एड्रेस' (पहचान) उसकी वैचारिक और राजनीतिक जड़ें हैं, जहां वह फलता-फूलता है।"
सिंह ने कहा,"हमने हमेशा देखा है कि पाकिस्तान जैसे देशों ने लगातार आतंकवाद का समर्थन किया है, और यही कारण है कि भारत और पाकिस्तान दोनों को एक ही समय पर आज़ादी मिली, लेकिन आज भारत दुनिया भर में अपनी सूचना प्रौद्योगिकी (IT) के लिए जाना जाता है, जबकि पाकिस्तान को दूसरे IT, यानी 'अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद' का केंद्र माना जाता है।"
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