Rajya Sabha : अडाणी पर रास में रार, कार्यवाही सोमवार तक स्थगित
Raar on Adani, proceedings adjourned till Monday
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 01:37 PM
नई दिल्ली। अडाणी समूह से जुड़े मुद्दे की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) गठित करने की मांग समूचा विपक्ष अड़ा हुआ है। बुधवार को विपक्षी सदस्यों ने अपनी मांगों को लेकर राज्यसभा में जोरदार हंगामा किया। हंगामे और शोर—शराबे के कारण राज्यसभा की बैठक एक बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। सदन की कार्यवाही अब सोमवार को होगी।
प्रतिस्पर्धा (संशोधन) विधेयक, 2022 लोकसभा से पारित
हंगामे के कारण उच्च सदन की कार्यवाही एक बार स्थगित होने के बाद दोपहर दो बजे जब पुन: आरंभ हुई, तब कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों के सदस्य जेपीसी की मांग को लेकर फिर से नारेबाजी करने करने। शोरगुल के बीच ही राज्यसभा के महासचिव ने सूचित किया कि प्रतिस्पर्धा (संशोधन) विधेयक, 2022 लोकसभा से पारित हो गया है। इसके बाद सभापति के आदेश पर केंद्रीय वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव ने ‘वन संरक्षण संशोधन विधेयक, 2023’ के लिए संयुक्त समिति के गठन के प्रस्ताव का उल्लेख करते हुए राज्यसभा के कुछ सदस्यों को इसमें नामित करने का प्रस्ताव रखा।
शोर के बीच दब गई खरगे की आवाज
विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने इस पर आपत्ति की। उन्होंने सवाल किया कि यह क्या हो रहा है? हालांकि उनकी पूरी बात शोरशराबे में नहीं सुनी जा सकी। इसके बाद, सभापति जगदीप धनखड़ ने दो बजकर तीन मिनट पर सदन की कार्यवाही तीन अप्रैल, सोमवार को सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। सदन में बृहस्पतिवार को राम नवमी के कारण अवकाश रहेगा। शुक्रवार की एक अतिरिक्त छुट्टी रहेगी। अब सदन की अगली बैठक तीन अप्रैल, सोमवार को पूर्वाह्न 11 बजे होगी।
इससे पहले, सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होने के मात्र पांच मिनट के बाद ही, हंगामे की वजह से दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई थी। उच्च सदन में हंगामे की वजह से आज भी शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं हो पाया। बैठक शुरू होते ही कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने अडाणी समूह से जुड़े मुद्दे की जांच के लिए जेपीसी गठित करने की मांग करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। कुछ सदस्य आसन के समीप आकर नारेबाजी करने लगे। हंगामे के बीच ही सभापति धनखड़ ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए। फिर उन्होंने सदन को सूचित किया कि उन्हें नियम 267 के तहत, नियत कामकाज स्थगित कर अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा करने के लिए आठ नोटिस मिले हैं। इसके आगे उन्होंने कुछ कहना चाहा, लेकिन हंगामे की वजह से वह अपनी बात कह नहीं पाए। उन्होंने सदस्यों से शांत रहने और कार्यवाही चलने देने की अपील की। लेकिन, सदन में व्यवस्था बनते न देख उन्होंने 11 बजकर करीब पांच मिनट पर बैठक दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी।
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