Rajya Sabha : खरगे के बयान पर मचा बवाल, हाथ जोड़कर मांगी माफी
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भारत
चेतना मंच
11 Mar 2025 08:33 PM
Rajya Sabha : संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में मंगलवार को राज्यसभा में भारी हंगामा हुआ। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा उपसभापति हरिवंश के खिलाफ दिए गए एक बयान को लेकर भाजपा ने कड़ा विरोध जताया और उनसे माफी की मांग की। मामला बढ़ता देख खरगे को हाथ जोड़कर सफाई देनी पड़ी और अंततः उन्होंने माफी मांग ली।
क्या है पूरा मामला?
राज्यसभा की कार्यवाही के दौरान जब मल्लिकार्जुन खरगे कुछ कहना चाह रहे थे, तब उपसभापति हरिवंश ने उन्हें रोक दिया और कांग्रेस के ही वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह को बोलने का अवसर दिया। इस पर खरगे नाराज हो गए और अपनी सीट से उठकर बोलना शुरू कर दिया। जब उपसभापति ने उन्हें रोका, तो उन्होंने इसे तानाशाही करार दिया।
खरगे ने कहा, "मैं बोलना चाहता हूं, इसकी तैयारी भी की है। और आपको क्या-क्या ठोकना है, यह हम ठोकेंगे।" उपसभापति ने इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई और सत्ता पक्ष के सांसदों ने इसका जोरदार विरोध किया। हंगामे के बीच खरगे ने तुरंत अपनी सफाई देते हुए कहा कि उनका इशारा सरकार की ओर था, न कि उपसभापति की ओर।
जेपी नड्डा का कड़ा पलटवार
भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने खरगे के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्ष के नेता ने ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया। वह एक अनुभवी नेता हैं और संसदीय परंपराओं को जानते हैं। आसन के लिए इस तरह के शब्दों का प्रयोग अस्वीकार्य है और यह सदन का अपमान है।" नड्डा ने खरगे से बिना शर्त माफी मांगने और अपने शब्दों को कार्यवाही से हटाने की मांग की।
खरगे ने मांगी माफी
भारी हंगामे के बाद, खरगे को अपने शब्दों पर सफाई देनी पड़ी और उन्होंने सदन में हाथ जोड़कर माफी मांगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान उपसभापति के लिए नहीं बल्कि सरकार के खिलाफ था। हालांकि, भाजपा इस सफाई से संतुष्ट नहीं हुई और उन्होंने खरगे से बिना शर्त माफी की मांग जारी रखी।
राज्यसभा में हुए इस हंगामे के चलते कार्यवाही बाधित हुई और सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। अब देखना यह होगा कि इस विवाद के बाद सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चल पाती है या नहीं। Rajya Sabha