
Rajyasabha Elections 2022 : राज्यसभा चुनाव के लिए प्रक्रिया जारी है। आगामी 10 जून को राज्यसभा की 57 सीटों के लिए मतदान होगा और नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तारीख 10 मई निर्धारित है। आपको बता दें कि केंद्र और यूपी में सत्तारुढ भाजपा के 25 सांसद रिटायर होने जा रहे हैं। राज्यसभा चुनाव को लेकर गुणाभाग शुरु हो गया है। किस दल के हिस्से में कितनी सीटें आने की संभावना है। इस पर मंथन शुरु हो गया है।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार भाजपा के 25 रिटायर हो रहे हैं। इन 25 सीटों में से 22 सीटों पर भाजपा की वापसी की संभावना जाहिर की जा रही है। आपको यह भी बता दें कि सबसे ज्यादा 11 सीट उत्तर प्रदेश से हैं। यहां की सात सीटों पर भाजपा की वापसी होती नजर आ रही है। आगे जानते हैं कि किसी राज्य में किस पार्टी की कितनी सीटें हैं।
उत्तर प्रदेश यूपी में 11 सीटों के लिए चुनाव होगा। जिनमें से सात सीटें भाजपा के खाते में जाती दिख रही हैं। तीन सीटों पर सपा गठबंधन के उम्मीदवार राज्यसभा पहुंचेंगे। इनमें कपिल सिब्बल और जयंत चौधरी जैसे नाम शामिल हैं। विधायकों की संख्या को देखते हुए एक सीट पर वोटिंग की नौबत आ सकती है। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में एक राज्यसभा सांसद के लिए 34 विधायकों के समर्थन की आवश्यक्ता होती है।
उत्तराखंड: उत्तराखंड में इस चुनाव में राज्यसभा की सिर्फ एक सीट है, जो कि भाजपा के खाते में जाएगी। यहां 36 विधायकों का समर्थन जरूरी है।
पंजाब: पंजाब में राज्यसभा की दो सीटों पर चुनाव होंगे। दोनों ही सीटें आम आदमी पार्टी के खाते में जाएगी। यहां 40 विधायकों का समर्थन जरूरी है।
हरियाणा: हरियाणा में भी राज्यसभा की दो सीटें हैं। 31 विधायकों के समर्थन की आवश्यक्ता है। भाजपा और कांग्रेस एक-एक सीटें जीत सकती है।
राजस्थान: राजस्थान में राज्यसभा की कुल 4 सीटें हैं, जिनपर चुनाव होने हैं। यहां 2 सीटें सीधे तौर पर कांग्रेस के खाते में जाएगी। वहीं, एक भाजपा के खाते में। यहां एक सीट के लिए 41 विधायकों की आवश्यक्ता है।
मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश में एक सीट के लिए 76 विधायकों के समर्थन की आवश्यक्ता है। एमपी में राज्यसभा की कुल तीन सीटों पर चुनाव होने हैं। इनमें से दो भाजपा और एक कांग्रेस जीत सकती है।
महाराष्ट्र: महाराष्ट्र में 6 सीटों पर चुनाव होने हैं। राज्यसभा की एक सीटे के लिए 42 विधायकों के समर्थन की आवश्यक्ता है। महाराष्ट्र में तीन सीटें महाराष्ट्र विकास अघाड़ी के खाते में जाती दिख रही है। दो पर भाजपा जीत सकती है। इसके अलावा एक सीट पर चुनाव की नौबत आएगी।
कर्नाटक: भाजपा शासित कर्नाटक में राज्यसभा की 4 सीटों पर चुनाव होने वाले हैं। इनमें से दो बीजेपी और एक कांग्रेस को जाती दिख रही है। चौथी सीट पर पेच फंसा हुआ है।
तमिलनाडु: तमिलनाडु की राज्यसभा की 6 सीटों के लिए चुनाव होंगे। यहां एक सीट के लिए 41 विधायकों के समर्थन की आवश्यक्ता है। इस राज्य में डीएमके-कांग्रेस गठबंधन 4 सीटें जीतती दिख रही है। कांग्रेस को डीएमके अपने खाते से एक सीट देगी। वहीं, दो विपक्षी पार्टी को जाती दिख रही है।
तेलंगाना: तेलंगाना में सिर्फ 2 सीटों पर चुनाव होंगे। दोनों ही सीटें टीआरएस जीत सकती है।
आंध्र प्रदेश: यहां की दोनों सीटें सत्तारूढ़ एसआर के खाते में जाएगी। यहां एक सीट के लिए 36 विधायकों के समर्थन की आवश्यक्ता है।
ओडिशा: बीजेडी यहां सभी तीन सीटें जीतती दिख रही है। आपके बता दें कि राज्यसभा की एस सीट के लिए 38 विधायकों के समर्थन की आवश्यक्ता है।
छत्तीसगढ़: कांग्रेस पार्टी यहां की दोनों राज्यसभा सीटों पर कब्जा कर सकती है। यहां 31 विधायकों के समर्थन की जरूरत है।
बिहार: नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों पर चुनाव होने वाले हैं। इनमें से तीन बीजेपी-जेडीयू के खाते में जाती दिख रही है। वहीं, दो पर आरजेडी को जीत मिलती दिख रही है। यहां एक सीट के लिए 41 विधायकों की आवश्यक्ता है।
झारखंड: यहां राज्यसभा की कुल दो सीटों पर चुनाव हैं। यहां एक जेएमएम और एक बीजेपी जीत सकती है। यहां 27 विधायकों के समर्थन की आवश्यक्ता है।