राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपनी राजनीतिक और आंदोलनात्मक रणनीति को लेकर कदम तेज कर दिए हैं। इसी कड़ी में CJP के नेताओं ने भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत से मुलाकात की है।

Rakesh Tikait meeting with CJP : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपनी राजनीतिक और आंदोलनात्मक रणनीति को लेकर कदम तेज कर दिए हैं। इसी कड़ी में CJP के नेताओं ने भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत से मुलाकात की है। इस बैठक के बाद किसानों, छात्रों और युवाओं को एक मंच पर लाने की रणनीति को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, इस मुलाकात को लेकर अभी तक किसी भी तरह के गठबंधन या औपचारिक समझौते का ऐलान नहीं किया गया है। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील और अन्य मुद्दों को लेकर विभिन्न संगठनों की ओर से विरोध प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है। CJP नेताओं का कहना है कि बैठक में भविष्य की रणनीति और जन आंदोलनों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। Rakesh Tikait meeting with CJP
जानकारी के अनुसार, CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका समेत पार्टी के कुछ नेताओं ने भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत से मुलाकात की। बैठक में किसानों, छात्रों और युवाओं को एक साझा मंच पर जोड़ने की योजना पर चर्चा हुई। आशुतोष रांका ने कहा कि देश के किसान, छात्र और युवा अगर एक साथ आते हैं तो उनकी आवाज को मजबूती मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में अलग-अलग वर्गों के लोग मिलकर सरकार के सामने अपनी मांगें रखेंगे। Rakesh Tikait meeting with CJP
भारतीय किसान यूनियन टिकैत (अराजनीतिक) ने राजस्थान के अलवर जिले में एक बड़ी किसान महापंचायत आयोजित करने का ऐलान किया है। यह महापंचायत 30 जुलाई को सरिस्का क्षेत्र और आसपास के 186 गांवों के किसानों को लेकर आयोजित की जाएगी। किसान संगठन इस महापंचायत के जरिए किसानों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे। माना जा रहा है कि इस आयोजन में बड़ी संख्या में किसानों के पहुंचने की संभावना है। Rakesh Tikait meeting with CJP
प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में दिल्ली में आयोजित किसान महापंचायत में शामिल होने के लिए कई राज्यों से किसान दिल्ली की ओर रवाना हुए थे। हालांकि, हरियाणा पुलिस ने किसानों को आगे बढ़ने से रोक दिया था। किसान नेताओं ने उस समय कहा था कि पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के किसान इस आंदोलन में शामिल होंगे। पुलिस कार्रवाई के बाद किसान संगठनों ने आगे की रणनीति बनाने की बात कही थी। Rakesh Tikait meeting with CJP
धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे के बाद CJP ने अपनी आगे की रणनीति को लेकर संकेत दिए थे। पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा था कि यह पहला कदम है और आगे की लड़ाई जारी रहेगी। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि आने वाले समय में किन मुद्दों को लेकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। लेकिन राकेश टिकैत से हुई मुलाकात के बाद राजनीतिक हलकों में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। Rakesh Tikait meeting with CJP
CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने केंद्र सरकार पर बातचीत में दिए गए आश्वासनों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि 25 जुलाई को हुई वार्ता के बाद भी कई मुद्दों पर कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि समझौते को लिखित रूप दिया जाए, सभी दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं और भविष्य में नए मुकदमे दर्ज न किए जाएं। रांका ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया गया तो संगठन एक बार फिर आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होगा। फिलहाल राकेश टिकैत और CJP नेताओं की मुलाकात के बाद आगे की रणनीति को लेकर सभी की नजरें बनी हुई हैं। Rakesh Tikait meeting with CJP
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