Ram Mandir : राम भक्तों के लिए खुशखबरी, जनवरी 2024 से कर सकेंगे अयोध्या के मंदिर में राम लला के दर्शन
Ram Mandir in Ayodhya
भारत
RP Raghuvanshi
27 Nov 2025 05:26 AM
Ram Mandir : भगवान राम की राजधानी रही अयोध्या नगरी में श्रीराम का भव्य मंदिर इसी वर्ष दिसंबर में बनकर तैयार हो जाएगा। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के एक ट्रस्टी ने दावा किया है कि 1 जनवरी 2024 से रामभक्तों को अयोध्या के मंदिर में भगवान राम के दर्शन होने लगेंगे। ट्रस्टी ने बताया कि मंदिर का 60 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो गया है। इस बीच यह भी खबर आ रही है कि राम मंदिर का मुख्य द्वार महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में स्थित चन्द्रपुर के जंगलों मंे पाई जाने वाली सागौन की लकड़ी से बनाया जाएगा।
Ram Mandir :
1 जनवरी 2024 से शुरू होंगे भगवान श्रीराम के दर्शन
सब जानते हैं कि 9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला देते हुए अयोध्या में श्रीराम का भव्य मंदिर बनाने का रास्ता साफ कर दिया था। कोर्ट ने मंदिर बनाने के लिए सरकार को एक ट्रस्ट बनाने का निर्देश दिया था। सरकार ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नाम से ट्रस्ट का गठन किया था। इसी ट्रस्ट की देखरेख में अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर बनाया जा रहा है। ट्रस्ट का दावा है कि श्रीराम मंदिर के निर्माण का 60 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है। अक्टूबर 2023 तक का मंदिर का ग्रांउड फ्लोर बनकर तैयार हो जाएगा। सब-कुछ योजना के अनुसार चलता रहा तो 1 जनवरी 2024 से अयोध्या के मंदिर में राम के भक्त भगवान रामलला के दर्शन कर पाएंगे।
1800 करोड़ रूपए में बनेगा मंदिर
टापको बता दें कि अयोध्या का श्रीराम मंदिर 108 एकड़ जमीन पर बनाया जा रहा है। इतने बड़े भू-भाग पर बनने वाला यह विश्व का पहला मंदिर होगा। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इस मंदिर को बनाने के लिए 1800 करोड़ रूपए का बजट निर्धारित किया है। यानि कि इस मंदिर को बनाने पर 1800 करोड़ रूपए खर्च होंगे। ट्रस्ट पहले ही घोषणा कर चुका है कि अयोध्या में बनने वाला भगवान श्रीराम का यह मंदिर दुनिया का सबसे भव्य एवं दिव्य मंदिर होगा।
विदर्भ के सागौन की लकड़ी से बनेगा मंदिर का द्वार
आपको बता दें कि महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में स्थित चंद्रपुर के जंगल में पाई जाने वाली बेशकीमत सागौन की लकड़ी से अयोध्या के राममंदिर का मुख्य द्वार (दरवाजा) बनाया जाएगा। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने चंद्रपुर से लकड़ी मंगाने की सारी व्यवस्था कर ली है। इसी महीने की 29 तारीख (29 मार्च 2023) को चंद्रपुर से सबसे कीमती मानी जाने वाली सागौन की लकड़ी अयोध्या भेजी जाएगी। सब जानते हैं कि विदर्भ के चंद्रपुर में अनेक घने जंगल मौजूद हैं। इन जंगलों में उच्च दर्जे की सागौन के वृक्ष पैदा होते हैं। सागौन के इन वृक्षों की लकड़ी को बेशकीमत माना जाता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर दिल्ली में बने नए संसद भवन वाले सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट में भी चंद्रपुर के सागौन की लकड़ी इस्तेमाल की गयी है।
क्या है मंदिर का महत्व
आपको पता ही होगा कि अयोध्या का बाबरी मस्जिद विवाद अनेक दशकों तक भारत का सबसे बड़ा विवाद रहा। इस विवाद को लेकर अनेक बार देश भर में दंगे हुए। राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस), भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी), विश्व हिन्दु परिषद (बीएचपी) एवं बजरंग दल समेत अनेक हिन्दुवादी संगठनों ने इस मुददे पर लम्बी लड़ाई लड़ी। 6 दिसंबर 1992 को कार सेवकों ने बाबरी मस्जिद का ढांचा ढहा दिया था। लम्बी अदालती लड़ाई के बाद 9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या को राम की जन्मभूमि मानते हुए वहां मंदिर बनाने का ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। तमाम हिन्दुओं मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीराम का जन्म अयोध्या में इसी स्थान पर हुआ था। जहां यह मंदिर बनाया जा रहा है। इसलिए इस मंदिर में भगवान श्रीराम के दर्शन करने का विशेष महत्व माना जा रहा है। इस मंदिर के कारण ही पूरा अयोध्या क्षेत्र विश्व का प्रमुख पर्यटन स्थल बनकर उभरेगा। इन दिनों पूरे क्षेत्र में पर्यटन की दृष्टि से बड़े पैमाने पर विकास कार्य चल रहे हैं। सैकड़ों की संख्या में होटल, गेस्ट हाउस एवं रेस्टोरेंट आदि स्थापित हो रहे हैं।