हाईकोर्ट के इस फैसले से राम रहीम को बड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन वह फिलहाल जेल से बाहर नहीं आएंगे। इसकी वजह यह है कि उनके खिलाफ अन्य मामलों में सजा बरकरार है, जिनमें साध्वियों से दुष्कर्म का मामला भी शामिल है।

Ram Rahim : डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में बड़ी कानूनी राहत मिली है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने इस मामले में पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के आधार पर बरी कर दिया है। अदालत ने पंचकूला स्थित विशेष सीबीआई अदालत के फैसले में आंशिक बदलाव करते हुए राम रहीम को संदेह का लाभ दिया। हाईकोर्ट के इस फैसले से राम रहीम को बड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन वह फिलहाल जेल से बाहर नहीं आएंगे। इसकी वजह यह है कि उनके खिलाफ अन्य मामलों में सजा बरकरार है, जिनमें साध्वियों से दुष्कर्म का मामला भी शामिल है।
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने आरोपियों की ओर से दाखिल अपीलों पर सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया। अदालत ने मामले से जुड़े सबूतों, गवाहों और कानूनी दलीलों का विस्तार से परीक्षण किया। सुनवाई के बाद कोर्ट इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि गुरमीत राम रहीम के खिलाफ आरोपों को उस स्तर तक साबित नहीं किया जा सका, जो दोषसिद्धि के लिए आवश्यक होता है। इसी आधार पर उन्हें बरी कर दिया गया।
हालांकि, इस मामले में दोषी ठहराए गए अन्य तीन आरोपी कुलदीप, निर्मल और किशन लाल को कोई राहत नहीं मिली। हाईकोर्ट ने उनकी उम्रकैद की सजा को यथावत रखा है।
पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में विशेष सीबीआई अदालत ने वर्ष 2019 में गुरमीत राम रहीम को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। यह मामला वर्ष 2002 में सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या से जुड़ा था। अब कई साल बाद हाईकोर्ट ने उसी फैसले को आंशिक रूप से बदलते हुए राम रहीम को इस केस में बरी कर दिया है। यद्यपि हाईकोर्ट के फैसले से राम रहीम को इस मामले में राहत मिली है, लेकिन उनकी जेल से रिहाई फिलहाल संभव नहीं है। वह पहले से ही दो साध्वियों से दुष्कर्म मामले में 20 साल की सजा काट रहे हैं। वर्तमान में वह रोहतक की सुनारिया जेल में बंद हैं। बीच-बीच में उन्हें पैरोल भी मिलती रही है, लेकिन अन्य मामलों में सजा जारी रहने के कारण इस फैसले का सीधा असर उनकी रिहाई पर नहीं पड़ेगा। Ram Rahim