रक्षाबंधन पर बन रहे हैं दुर्लभ योग, जानें राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 04:17 AM
रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का प्रतीक है और इस साल ये पर्व शनिवार 9 अगस्त 2025 को मनाया जा रहा है। इस बार का रक्षाबंधन विशेष शुभ संयोगों और मुहूर्तों के साथ आया है। खास बात यह है कि भद्रा काल का साया नहीं रहेगा जिससे दिनभर राखी बांधना शुभ रहेगा। बहनों को भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधने के लिए करीब 7 घंटे 37 मिनट का शुभ समय मिलेगा। Raksha Bandhan
रक्षाबंधन 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त
पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 8 अगस्त दोपहर 2:12 बजे
पूर्णिमा तिथि समाप्त: 9 अगस्त दोपहर 1:24 बजे
राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
9 अगस्त को सुबह 05:47 बजे से दोपहर 01:24 बजे तक
शुभ समय की कुल अवधि: लगभग 7 घंटे 37 मिनट
भद्रा काल से नहीं कोई बाधा
रक्षाबंधन जैसे शुभ पर्व पर भद्रा काल में राखी बांधना वर्जित माना जाता है क्योंकि यह समय अशांति और विघ्न पैदा करने वाला माना गया है।
इस बार भद्रा काल कब है?
8 अगस्त दोपहर 2:12 बजे से लेकर 9 अगस्त रात 1:52 बजे तक।
यानी भद्रा काल मुहूर्त शुरू होने से पहले ही समाप्त हो जाएगा जिससे पूरे दिन राखी बांधना शुभ रहेगा।
राहुकाल में राखी बांधने से बचें
राहुकाल: 9 अगस्त को सुबह 09:07 बजे से 10:47 बजे तक।
राहुकाल में किसी भी शुभ कार्य की मनाही होती है। ज्योतिषाचार्यों की मानें तो राखी राहुकाल से पहले या बाद में ही बांधनी चाहिए।
रक्षाबंधन पर बन रहे हैं ये शुभ योग
इस बार रक्षाबंधन पर कई शुभ योग बन रहे हैं जो इस पर्व को और भी खास बना देते हैं-
सर्वार्थ सिद्धि योग
सुबह 5:47 बजे से दोपहर 2:23 बजे तक।
इस योग में किया गया कार्य निश्चित रूप से फलदायी होता है।
सौभाग्य योग
9 अगस्त सुबह से 10 अगस्त तड़के 2:15 बजे तक
यह योग जीवन में सौभाग्य और समृद्धि लाता है।
शोभन योग
9 अगस्त सुबह से 10 अगस्त तड़के 2:15 बजे तक।
यह योग प्रेम और पारिवारिक सौहार्द को बढ़ाता है।
अभिजीत मुहूर्त
दोपहर 12:17 बजे से 12:53 बजे तक।
यह दिन का सबसे शक्तिशाली और शुभ समय माना जाता है। इस दौरान राखी बांधना अत्यंत शुभ रहेगा।
दिन की शुरुआत स्नान कर के पवित्रता से करें।
एक थाली सजाएं जिसमें रोली, चावल, राखी, दही, मिठाई, दीपक आदि हो।
भगवान की पूजा के बाद भाई को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर बैठाएं।
भाई के सिर पर रुमाल/गमछा और बहन के सिर पर चुनरी होना चाहिए।
भाई को तिलक लगाएं, अक्षत चढ़ाएं और राखी बांधें।
आरती करें, मिठाई खिलाएं और आशीर्वाद दें।
भाई बहन को उपहार और वचन दें।
तीन गांठों का महत्व
बहुत कम लोगों को पता होता है कि राखी में तीन गांठें लगाना अत्यंत शुभ होता है।
पहली गांठ: भाई की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए।
दूसरी गांठ: जीवनभर भाई द्वारा बहन की रक्षा के लिए।
तीसरी गांठ: भाई-बहन के रिश्ते में हमेशा प्रेम और मिठास बनी रहे। Raksha Bandhan