दिवाली से पहले PhonePe को मिला बड़ा तोहफा, RBI ने दी बड़ी मंजूरी
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 02:49 PM
देश की अग्रणी फिनटेक कंपनियों में शुमार PhonePe को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से एक बड़ी मंजूरी मिल गई है। अब फोनपे ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर के रूप में काम कर सकेगा। दिवाली से पहले यह मंजूरी फोनपे और देश के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम दोनों के लिए किसी तोहफे से कम नहीं है। RBI
अब मिलेगा पेमेंट एग्रीगेटर का दर्जा
आरबीआई ने शुक्रवार को PhonePe को ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर का लाइसेंस दे दिया। इसका मतलब है कि अब यह कंपनी न केवल डिजिटल पेमेंट की सुविधा देगी, बल्कि छोटे और मझोले व्यापारियों (SMEs) को पेमेंट कलेक्शन और सेटलमेंट की भी सेवाएं दे सकेगी। पहले तक फोनपे सिर्फ पेमेंट ट्रांजैक्शन की सुविधा देता था लेकिन अब यह मर्चेंट्स को पूरी पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विस प्रोवाइड कर सकेगा।
SME सेक्टर पर खास फोकस
फोनपे मर्चेंट बिजनेस के सीईओ युवराज सिंह शेखावत ने इस मौके पर कहा, “इस मंजूरी के बाद अब हम खासकर SME सेक्टर में बेहतर सर्विस दे पाएंगे, जहां अब तक व्यापारियों को सीमित और कमतर सेवाएं मिलती थीं।” फोनपे अब छोटे व्यापारियों को अपने प्लेटफॉर्म पर तेजी से ऑनबोर्ड कर सकेगा और उन्हें एक स्मूथ व सिक्योर पेमेंट अनुभव देगा।
क्या होता है ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर?
ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर ऐसी सर्विस होती है जो व्यापारियों को उनके ग्राहकों से क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, UPI, नेट बैंकिंग और वॉलेट्स के जरिए ऑनलाइन पेमेंट लेने में मदद करती है। आइए समझते हैं यह कैसे काम करता है।
मर्चेंट ऑनबोर्डिंग: कोई व्यापारी एग्रीगेटर के साथ रजिस्टर करता है, जहां उसकी KYC और बिजनेस वेरिफिकेशन होती है।
पेमेंट गेटवे इंटीग्रेशन: एग्रीगेटर व्यापारी की वेबसाइट या ऐप में डिजिटल पेमेंट सिस्टम जोड़ता है जिसे पेमेंट गेटवे कहते हैं।
कई पेमेंट ऑप्शन: कस्टमर को UPI, कार्ड, नेट बैंकिंग, वॉलेट जैसी कई सुविधाएं मिलती हैं।
पेमेंट प्रोसेसिंग और सेटलमेंट: जब ग्राहक पे करता है, तो एग्रीगेटर उस पेमेंट को प्रोसेस करता है और कन्फर्मेशन या फेलियर का मैसेज भेजता है।
2016 में लॉन्च हुई PhonePe अब भारत की सबसे बड़ी फिनटेक कंपनियों में से एक बन चुकी है। आज इसके पास 65 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड यूजर्स, 4.5 करोड़ से ज्यादा मर्चेंट नेटवर्क, रोजाना 36 करोड़ से ज्यादा ट्रांजैक्शन। फोनपे का पोर्टफोलियो अब सिर्फ पेमेंट तक सीमित नहीं है। यह लेंडिंग, इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन, वेल्थ प्रोडक्ट्स, हाइपरलोकल ई-कॉमर्स (पिनकोड) और इंडस ऐपस्टोर जैसे क्षेत्रों में भी तेजी से विस्तार कर रहा है। RBI