भारत के लिए 1 अक्टूबर को है बड़ा दिन, होगी बड़ी घोषणा
भारत
चेतना मंच
29 Sep 2025 04:56 PM
भारत
के
लिए
1
अक्टूबर
-2025 (1 October 2025)
का
दिन
बहुत
ही
खास
दिन
है।
दरअसल
1
अक्टूबर
-2025 (1 October 2025)
को
भारतीय
रिजर्व
बैंक
(RBI)
बड़ी
घोषणा
करेगा।
RBI
की
मौदिक
नीति
समिति
की
बैठक
चल
रही
है।
RBI
की
यह
बैठक
29
सितंबर
2025
को
शुरू
हुई
है।
RBI
की
विशेष
समिति
की
यह
बैठक
दो
दिन
तक
चलेगी।
दो
दिन
की
बैठक
के
बाद
RBI
इस
बैठक
के
नतीजों
की
घोषणा
करेगा।
जानकार
सूत्रों
का
दावा
है
कि
1
अक्टूबर
-2025 (1 October 2025)
को
RBI
रेपो
रेट
कम
करने
की
घोषणा
करके
भारत
के
नागरिकों
को
दीपावली
का
बड़ा
गिफ्ट
दे
सकता
है।
Repo Rate
रेपो रेट घटाकर लोन की किश्त में छूट दे सकता है RBI
RBI
की
मौद्रिक
बैठक
को
लेकर
अनेक
प्रकार
के
अनुमान
लगाए
जा
रहे
हैं।
RBI
को
लेकर
लग
रहे
अनुमान
के
विषय
में
1
अक्टूबर
को
पूरी
जानकारी
मिल
जाएगी।
RBI
की
मौद्रिक
समिति
की
बैठक
में
रेपो
रेट
कम
करने
का
बड़ा
फैसला
हो
सकता
है।
वर्तमान
समय
में
रेपा
रेट
5.50
प्रतिशत
है।
इस
कारण
बैंकों
से
लोन
लेने
वालों
को
महंगी
EMI
देनी
पड़
रही
है।
अनुमान
लगाया
जा
रहा
है
कि
RBI
रेपो
रेट
को
0.25
प्रतिशत
तक
कम
कर
सकता
है।
रेपो
रेट
कम
होने
से
बैंकों
से
लोन
लेने
वालों
की
EMI
यानि
की
प्रति
माह
दी
जाने
वाली
किश्त
कम
हो
सकती
है।
इस
बीच
कुछ
विशेषज्ञों
की
दूसरी
राय
भी
सामने
आई
है।
दूसरी
राय
वाले
विशेषज्ञों
का
कहना
है
कि
RBI
रेपो
रेट
को
ज्यों
का
त्यों
रखने
का
फैसला
कर
सकता
है।
अमेरिका को सबक सिखाने के लिए RBI लेगा बड़ा फैसला
आपको
बता
दें
कि
RBI
में
मौदिक
नीति
समिति
सबसे
महत्वपूर्ण
समिति
होती
है।
RBI
के
गर्वनर
संजय
मल्होत्रा
की
अध्यक्षता
में
चल
रही
RBI
मौद्रिक
समिति
की
बैठक
में
अमेरिका
के
टैरिफ
के
कारण
बड़ा
फैसला
लिया
जा
सकता
है।
अमेरिका
द्वारा
भारत
पर
लगाए
गए
टैरिफ
के
बाद
भी
भारत
की
अर्थव्यवस्था
मजबूत
है।
यह
संदेश
देने
के
लिए
RBI
रेपो
रेट
कम
करने
की
घोषणा
करके
भारत
के
नागरिकों
को
दीपावली
से
पहले
ही
दीपावली
का
बड़ा
गिफ्ट
दे
सकता
है।
वर्ष
-2025
में
RBI
की
मौद्रिक
समिति
की
चार
बैठकों
में
से
तीन
बैठकों
में
रेपो
रेट
कम
किया
गया
है।
वर्ष
-2024
में
RBI
ने
रेपो
रेट
6.50
प्रतिशत
तय
कर
रखा
था।
पिछली
तीन
बैठकों
में
रेपो
रेट
को
घटाकर
5.50
तक
लाया
गया
है।
अनुमान
है
कि
इस
बार
की
बैठक
में
भी
रेपो
रेट
कम
किया
जाएगा।
यह भी पढ़े: योगी सरकार की नई योजना : उत्तर प्रदेश के इन चार शहरों में बनेगी टाउनशिप
क्या होता है रेपो रेट?
रेपो
रेट
की
चर्चा
चल
रही
है।
हो
सकता
है
कि
आप
के
रेपो
रेट
को
नहीं
भी
जानते
हों।
हम
आपको
आसान
शब्दों
में
बता
देते
हैं
कि
रेपो
रेट
क्या
होता
है
?
रेपो
रेट
(Repo Rate)
वह
दर
है
जिस
पर
भारतीय
रिज़र्व
बैंक
(RBI)
देश
के
बैंकों
को
अल्पकालिक
(Short Term)
ऋण
प्रदान
करता
है।
जब
बैंकों
को
पैसों
की
कमी
होती
है
तो
वे
अपने
सिक्योरिटीज
(
जैसे
सरकारी
बॉन्ड
)
को
गिरवी
रखकर
RBI
से
पैसे
उधार
लेते
हैं।
इस
उधार
पर
RBI
जो
ब्याज
दर
वसूलता
है
,
वही
रेपो
रेट
कहलाती
है।
RBI
समय
-
समय
पर
रेपो
रेट
में
बदलाव
करके
अर्थव्यवस्था
को
नियंत्रित
करता
है।
जैसे
रेपो
रेट
बढ़ाना
:
जब
महंगाई
ज़्यादा
होती
है
,
तो
RBI
रेपो
रेट
बढ़ा
देता
है।
इससे
बैंकों
को
महंगा
ऋण
मिलता
है
और
वे
आम
जनता
को
भी
ऊँचे
ब्याज
पर
लोन
देते
हैं।
इससे
बाज़ार
में
पैसे
का
प्रवाह
कम
हो
जाता
है
और
महंगाई
घटाने
में
मदद
मिलती
है।
रेपो
रेट
घटाना
:
जब
आर्थिक
विकास
को
बढ़ावा
देने
की
ज़रूरत
होती
है
,
तो
RBI
रेपो
रेट
घटा
देता
है।
इससे
बैंक
सस्ते
ऋण
लेते
हैं
और
लोगों
को
भी
कम
ब्याज
पर
लोन
देते
हैं।
नतीजतन
,
बाज़ार
में
पैसों
की
उपलब्धता
बढ़
जाती
है।
रेपो रेट का असर आम जनता पर
रेपो
रेट
सीधे
-
सीधे
आम
आदमी
की
ज़िंदगी
को
प्रभावित
करती
है।
होम
लोन
,
कार
लोन
और
पर्सनल
लोन
की
EMI
रेपो
रेट
बढ़ने
पर
महंगी
हो
जाती
है।
रेपो
रेट
घटने
पर
EMI
सस्ती
हो
जाती
है।
निवेशकों
,
व्यापारियों
और
उद्योगों
के
लिए
भी
इसका
सीधा
असर
पड़ता
है।
रेपो
रेट
: RBI
बैंकों
को
पैसे
देता
है।
रिवर्स
रेपो
रेट
:
बैंक
अपने
अतिरिक्त
पैसे
को
RBI
के
पास
जमा
करते
हैं
और
उस
पर
ब्याज
पाते
हैं।
Repo Rate
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