दिवाली के बाद आरबीआई दे सकता है तोहफा, होम-कार लोन में दिख सकता है असर
भारत
RP Raghuvanshi
20 Oct 2025 03:11 PM
भारत
RP Raghuvanshi
20 Oct 2025 03:11 PM
रिजर्व बैंक आफ इंडिया (आरबीआई) इस साल दिवाली के बाद आम जनता को राहत देने वाला ऐलान कर सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि आरबीआई नीतिगत ब्याज दर में कटौती कर सकता है, जिससे होम और कार लोन की किश्तों पर सीधे असर पड़ेगा और क्रेडिट डिमांड में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिलेगा। RBI's Gift :
गोल्डमैन सैक्स की रिपोर्ट क्या कहती है
गोल्डमैन सैक्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस वर्ष के अंत तक यानी दिसंबर में आरबीआई मौद्रिक समीक्षा बैठक में नीतिगत दर में कटौती का ऐलान कर सकता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जीएसटी में हालिया कटौती और घरेलू नियामकीय ढील से ऋण मांग में सुधार होगा। विशेषज्ञों के अनुसार, राजकोषीय समेकन का सबसे बड़ा दबाव अब पीछे छूट चुका है, जिससे अर्थव्यवस्था में धीरे-धीरे क्रेडिट फ्लो बढ़ सकता है।
आरबीआई की रिपोर्ट में क्या लिखा है
आरबीआई ने हाल ही में कुछ उपाय किए हैं, जिनसे सप्लाई साइड क्रेडिट की स्थिति में सुधार आने की उम्मीद है। हालांकि, वृद्धिशील ऋण की सीमा व्यापक अर्थव्यवस्था में मांग की स्थिति पर निर्भर करेगी। रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि बाहरी प्रतिकूल परिस्थितियां, जैसे:
* अमेरिका में वीजा की लागत में बढ़ोतरी, जो भारतीय कंपनियों को प्रभावित कर रही है।
* भारतीय वस्तुओं पर अमेरिकी टैरिफ में वृद्धि, जो निर्यात को धीमा कर सकती है।
ये कारक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता पैदा कर सकते हैं और ऋण की मांग को प्रभावित कर सकते हैं।
मुद्रास्फीति और विकास दर में सुधार
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित भारत की मुद्रास्फीति इस साल सितंबर में घटकर 8 वर्षों के निचले स्तर 1.54% पर आ गई। इससे आबीआई को नीतिगत दर में कटौती और विकास को बढ़ावा देने के लिए अधिक लिक्विडिटी डालने का अवसर मिला। आरबीआई ने 2025-26 के लिए जीडीपी वृद्धि दर के अनुमान को 6.5% से बढ़ाकर 6.8% कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि जीएसटी सुधार और विकास-प्रेरक संरचनात्मक सुधारों से बाहरी बाधाओं के प्रतिकूल प्रभावों की भरपाई होगी।
जीडीपी में बढ़ोतरी और मांग की स्थिति
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा के अनुसार, भारत का जीडीपी 2025-26 की पहली तिमाही में 7.8% बढ़ा, जो मजबूत निजी खपत और स्थिर निवेश के कारण संभव हुआ।
* विनिर्माण क्षेत्र और सेवाओं में विस्तार के चलते सकल मूल्य वर्धन में 7.6% की वृद्धि हुई।
* अच्छे मानसून और मजबूत कृषि गतिविधि के कारण ग्रामीण मांग मजबूत बनी हुई है।
* शहरी मांग में धीरे-धीरे सुधार देखा जा रहा है।
होम और कार लोन पर क्या असर होगा?
यदि आरबीआई नीतिगत दर में कटौती करता है, तो:
* होम लोन की ईएमआई में कमी देखने को मिलेगी।
* कार लोन की किश्तें भी सस्ती होंगी।
* ऋण लेने वालों को क्रेडिट की उपलब्धता आसान होगी।
इससे न केवल उपभोक्ता राहत मिलेगी, बल्कि अर्थव्यवस्था में क्रेडिट डिमांड और निवेश भी बढ़ेगा।