RBI की नई पेशकश, अब हर महीने बिना झंझट सुरक्षित कर पाएंगे निवेश
भारत
RP Raghuvanshi
27 Nov 2025 04:37 PM
भारत
RP Raghuvanshi
27 Nov 2025 04:37 PM
आम निवेशकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अब सरकारी ट्रेजरी बिल्स (T-Bills) में भी SIP यानी सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान के जरिए निवेश की सुविधा शुरू कर दी है। RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक के दौरान इस पहल का ऐलान किया। RBI
क्या है ये नई सुविधा?
इस योजना का उद्देश्य है रिटेल निवेशकों को सरकारी प्रतिभूतियों में आसान, सुरक्षित और नियमित निवेश का विकल्प देना। ये सुविधा RBI के ‘रिटेल डायरेक्ट प्लेटफॉर्म’ पर उपलब्ध कराई गई है। RBI ने अब म्यूचुअल फंड की तरह T-Bills में भी SIP की सुविधा शुरू कर दी है, जहां निवेशक हर सप्ताह या हर महीने ऑटोमैटिक रूप से तय रकम का निवेश कर सकते हैं। अब हर बार नीलामी के समय मैन्युअल बोली लगाने की जरूरत नहीं होगी निवेश अपने आप हो जाएगा।
क्यों है ये स्कीम खास?
सरकारी गारंटी: T-Bills भारत सरकार द्वारा जारी किए जाते हैं, इसलिए इन्हें जोखिम-मुक्त माना जाता है।
बेहतर रिटर्न: सेविंग अकाउंट की तुलना में (2-3% ब्याज), T-Bills में 6-7% तक सालाना रिटर्न मिल सकता है।
लचीलापन: निवेशक SIP को कभी भी बदल या रद्द कर सकते हैं।
कम निवेश में शुरुआत: न्यूनतम ₹10,000 से निवेश की शुरुआत की जा सकती है।
कैसे करें निवेश?
RBI का रिटेल डायरेक्ट प्लेटफॉर्म या उसका मोबाइल ऐप डाउनलोड करें।
अपना गिल्ट अकाउंट (Gilt Account) खोलें।
SIP के लिए आवर्ती निवेश की राशि और अंतराल (मासिक/साप्ताहिक) तय करें।
निवेश तय तिथि पर अपने-आप नीलामी में लग जाएगा।
T-Bills क्या होते हैं?
T-Bills यानी ट्रेजरी बिल्स अल्पकालिक सरकारी ऋण होते हैं जिन्हें सरकार 14, 91, 182 या 364 दिनों की अवधि के लिए जारी करती है। ये डिस्काउंट पर बेचे जाते हैं और मैच्योरिटी पर पूरा मूल्य मिलता है जिससे पूंजी वृद्धि होती है। उदाहरण के तौर पर-अगर ₹130 अंकित मूल्य वाला बिल ₹128 में खरीदा गया तो 91 दिनों बाद ₹130 मिलेंगे।
सरकारी भरोसा- पैसा डूबने का कोई खतरा नहीं
लिक्विडिटी- जरूरत पर बिक्री संभव
स्मार्ट सेविंग हैबिट- नियमित निवेश की आदत और कम जोखिम, स्थिर रिटर्न।
रेपो रेट में नहीं हुआ बदलाव
इस नई घोषणा के साथ RBI ने रेपो रेट को भी 5.5% पर स्थिर रखा है। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि मौद्रिक नीति में सतर्कता बरती जा रही है और वैश्विक हालात पर RBI की कड़ी नजर है। RBI की यह पहल उन निवेशकों के लिए एक बेहतरीन मौका है, जो बिना जोखिम के नियमित और सुरक्षित निवेश करना चाहते हैं। SIP के जरिए T-Bills में निवेश से न केवल सेविंग की आदत बनेगी, बल्कि बेहतर रिटर्न के साथ आर्थिक सुरक्षा भी मिलेगी।