नोएडा से जुड़ी हर बड़ी खबर, 29 अक्टूबर के अखबारों से, एक साथ पढ़ें
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 02:11 AM
Noida News: नोएडा उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध शहर है। हर कोई नोएडा के विषय में जानना चाहता है। यहां नोएडा के प्रतिदिन के सभी समाचार अखबारों के हवाले से हम समाचार प्रकाशित करते हैं। नोएडा शहर से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों में 29 अक्टूबर को क्या खास समाचार प्रकाशित हुए हैं यहां एक साथ पढऩे को मिलेंगे।
Noida News: समाचार अमर उजाला से
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “एनसीआर का सबसे प्रदूषित शहर रहा ग्रेनो” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि ग्रेटर नोएडा मंगलवार को एनसीआर का सबसे प्रदूषित शहर रहा। साथ ही, देश में छठे नंबर पर दर्ज किया गया जबकि नोएडा आठवें स्थान पर रहा। ग्रेनो का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) रेड जोन के करीब 296 तक पहुंच गया। सुबह से ही बादलों के साथ स्मॉग छाया रहा। धूप कुछ ही देर तक ही निकली। स्मॉग के कारण लोगों को सांस लेने में दिक्कत हुई। साथ ही, आंखों में जलन महसूस हुई। छठ व्रतियों को भी दिक्कत का सामना करना पड़ा। दिवाली के बाद से ग्रेनो की हवा खराब श्रेणी में चल रही है। पांच दिनों से ग्रेनों में प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। नोएडा के साथ-साथ ग्रेनों में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि शहर की हवा दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है लेकिन प्राधिकरण और यूपीपीसीबी के अफसर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। सड़कों पर धूल उड़ रही है। सड़कें टूटी हैं। जगह-जगह कूड़ा जलाया जा रहा है। इधर, ग्रेनों में दो वायु गुणवत्ता मॉनिटरिंग स्टेशन हैं। एक ग्रेनों वैस्ट के नॉलेज पार्क-5 में बालक इंटर कॉलेज और दूसरा नॉलेज पार्क-3 शारदा विश्वविद्यालय में लगा हुआ है। मंगलवार को ग्रेनो वेस्ट से ज्यादा प्रदूषण ग्रेनों में रहा। शाम को चार बजे ग्रेनो वेस्ट का एक्यूआई 280 रहा लेकिन तब ग्रेनो का एक्यूआई 311 दर्ज किया गया |
Noida News:
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “ये हाल... शाम को बनी टूटी हुई सड़क, सुबह बिखर गईं गिट्टियां” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि छठ पर नोएडा स्टेडियम सेक्टर-21ए में आवागमन को देखते हुए नोएडा प्राधिकरण ने मास्टर प्लान रोड-1 पर उखड़ी सड़क के हिस्से को बनवाया था। पैचवर्क का यह काम रात भर नहीं टिका। सुबह जो भी वाहन चालक वहां से गुजरे उनको रात में बने हिस्से में लगाई गई गिट्टियां डामर से अलग बिखरी हुई दिखीं। यहां से दो पहिया वाहन चालकों का आवागमन मुश्किल हो गया। सूचना पर शाम को मरम्मत कर गई टीम अपने श्रमिकों के साथ गिट्टियां बटोरने के लिए पहुंची। यह वीडियो सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर वायरल हुआ। लोगों ने गुणवत्ता पर सवाल उठाए। यह काम वर्क सर्कल-1 की तरफ से करवाया गया था। वहीं प्राधिकरण की तरफ से बताया गया कि यहां पर सीवर लाइन में लीकेज से पानी रिस रहा था। सतह भी गीली थी। इसलिए करवाया गया पैचवर्क नहीं टिका। प्राधिकरण के जीएम सिविल एसपी सिंह ने बताया कि अब यहां की समस्या दूर करवाकर फिर काम करवाया जाएगा। यह निर्देश संबधित वर्क सर्कल को दिए गए हैं
Hindi News:
अमर उजाला ने 29 अक्टूबर 2025 के अंक में प्रमुख समाचार “यात्रियों की बढ़ी भीड़, 30 तक पांच लाख तक आंकड़ा पहुंचने का अनुमान” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि इस दिवाली और छठ, के दौरान रोडवेज की बसों में सफर करने वालों की संख्या पांच लाख तक पहुंच सकती है। केवल 18 से 22 अक्तूबर तक पांच दिन में ढाई लाख से अधिक शहरवासियों ने अपने घर पहुंचने के लिए निगम की बसों में यात्रा की। हालांकि उसके बाद यात्रियों की संख्या में कमी देखी गई, लेकिन अतिरिक्त फेरे 30 अक्तूबर तक जारी रहेंगे। रोडवेज के अधिकारियों के अनुसार, दिवाली और छठ जैसे बड़े त्योहारों पर इस बार नोएडा और ग्रेटर नोएडा में रोडवेज बसों के अतिरिक्त फेरे 18 से 30 अक्तूबर तक के लिए बढ़ा दिए गए थे। जिससे सफर करने वाले यात्रियों की संख्या में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई। भीड़ को देखते हुए परिवहन निगम ने यात्रियों की सुविधा के लिए बसों की संख्या बढ़ाने के साथ कई रूटों पर एसी कोच भी चलाए। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 18 से 30 अक्तूबर के बीच यात्रियों के सफर करने की संख्या पांच लाख तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।
Noida News: समाचार दैनिक जागरण से
दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में 29 अक्टूबर 2025 का प्रमुख समाचार “यीडा सिटी में हाइड्रोजन बसें चलाने की तैयारी” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि यमुना प्राधिकरण क्षेत्र (यीडा. सिटी) में इलेक्ट्रानिक के साथ ही अब हाइड्रोजन बसें चलाने की तैयारी है। लेह, लद्दाख के बाद ग्रेटर नोएडा दूसरा शहर होगा, जहां इस तरह की बसों का संचालन किया जाएगा। बसों से प्रदूषण के बजाय, सिर्फ पानी की भाप निकलेगी। नशनल यमुना प्राधिकरण के एक अधिकारी ने मुताबिक, नेशनल थर्मल पावर कारपोरेशन (एनटीपीसी) ने यमुना सिटी में हाइड्रोजन बसें चलाने को प्रस्ताव भेजा है। इसे नवंबर के मध्य से ही शुरू करने पर विचार है। इससे शहर को ग्रीन ट्रांसपोर्ट के रूप में भी नई पहचान मिलेगी। एनटीपीसी शुरू में चार लग्जरी एसी बसें संचालित करेगी, जिनमें 45 सीटें होंगी। यह बसें एक बार हाइड्रोजन भरने पर करीब 600 किलोमीटर तक चल सकेंगी और इनमें से सिर्फ पानी की भाप निकलेगी। इससे प्रदूषण नहीं होगा। बसों का ईंधन भरना और रखरखाव एनटीपीसी ही संभालेगी। चालक और परिचालक की जिम्मेदारी यमुना प्राधिकरण की होगी। तीन साल के इस पायलट प्रोजेक्ट को सफलता मिली तो भविष्य में दिल्ली-एनसीआर में हाइड्रोजन बसों का उपयोग बढ़ाया जाएगा। इस प्रस्ताव को बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। बसों के लिए एनटीपीसी हाइड्रोजन ईंधन प्लांट में तैयार करेगी। खास बात यह है कि यह हाइड्रोजन शोधित किए गए गंदे पानी से बनाई जाएगी। यमुना सिटी स्थित एयरपोर्ट के साथ कई सड़क, एक्सप्रेसवे व हाइवे से कनेक्टिविटी होगी, यहां यातायात का दबाव नोएडा व ग्रेटर नोएडा के मुकाबले अधिक होगा। ऐसे शहर की हवा को वायु प्रदूषण से मुक्त रखने के लिए यह परियोजना काफी हद तक मददगार होगी।
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दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में प्रमुख समाचार “शेयर बाजार में निवेश के नाम पर इंजीनियर से ठगे 1.30 करोड़” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट के एक इंजीनियर से साइबर ठगों ने शेयर बाजार में निवेश के बहाने 1.30 करोड़ की ठगी की है। जब मुनाफा नहीं मिला, तब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासी दया दास, जो एक प्राइवेट कंपनी से सेवानिवृत्त इंजीनियर हैं, शेयर बाजार में रुचि रखते हैं। 18 अगस्त को उनके वाट्सअप पर एक ठग का संदेश आया। जिसने खुद को सीएचसीपी ग्लोबल सिक्योरिटीज कंपनी का प्रबंधक बताया। ठग ने दावा किया कि उसके मार्गदर्शन में निवेश करने पर 15-20 प्रतिशत का मुनाफा सुनिश्चित है। दया दास को एक वाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जहां अन्य सदस्य भी मुनाफे का दावा कर रहे थे। ठग ने एक एप पर पंजीकरण करके छोटे-छोटे निवेश करने के लिए दया दास को प्रेरित किया। प्रारंभ में, दया ने निवेश किया और कुछ दिनों में मुनाफा भी देखा। जब उन्होंने रकम निकालकर अपने बैंक खाते में ट्रांसफर की, तो ठग पर उनका विश्वास बढ़ गया। इसके बाद, दया ने 20 अगस्त से 18 अक्टूबर के बीच 25 बार में 1.30 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। एप पर उनका पोर्टफोलियो लगभग पांच करोड़ रुपये का दिखने लगा। जब दया ने मुनाफा और अपनी रकम निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने उनसे और पैसे जमा कराने को कहा। रकम न देने पर ठगों ने संपर्क तोड़ लिया। दया ने एनसीआरपी पोर्टल और साइबर थाना पुलिस से शिकायत की। साइबर क्राइम थाना प्रभारी रंजीत कुमार ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है और ठगी में शामिल बैंक खातों की जानकारी जुटाई जा रही है।
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