
Noida News: नोएडा, उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख और तेजी से विकसित होता शहर, हमेशा खबरों में बना रहता है। अगर आप नोएडा से जुड़ी ताज़ा जानकारी चाहते हैं, तो हम आपके लिए यहां हर दिन के मुख्य समाचारों का संकलन प्रस्तुत करते हैं। यहाँ आपको नोएडा के विभिन्न प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों का 15 अक्टूबर का पूरा अपडेट एक साथ पढ़ने को मिलेगा।
Noida News: समाचार अमर उजाला से
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “ईस्टर्न पेरीफेरल से 130 मीटर रोड को जोड़ेगा नया क्लोवर लीफ” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि ग्रेटर नोएडा और ग्रेनो वेस्ट को जोड़ने वाली 130 मीटर सड़क सीधे ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे (ईपीई) से जुड़ेगी। सिरसा के पास ईपीई पर नया क्लोवर लीफ बनाकर इसे जोड़ने की योजना है। इसके लिए ग्रेनो प्राधिकरण ने एनएचएआई को प्रस्ताव भेजा है। एनएचएआई इसकी फिजीबिलिटी को परख रहा है। अधिकारियों का कहना है कि क्लोवर लीफ के बनने से लंबे समय से चला आ रहा 130 मीटर सड़क के लिए जरूरी जमीन विवाद खत्म होगा। वहीं, यमुना सिटी से भी ये रोड सीधे जुड़ जाएगी। प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि 130 मीटर रोड को सिरसा के पास सीधे ईपीई और यमुना सिटी की 120 मीटर रोड से जोड़ने की योजना है। इसमें बड़ा विवाद सिरसा के पास करीब 150 मीटर लंबाई में जमीन के अधिग्रहण से जुड़ा है। ऐसे में यह पैच ग्रेनो प्राधिकरण नहीं बना सका है। इससे वाहनों को अभी नजदीक में ही सिरसा कट के पास बने ईपीई के पुराने क्लोवर लीफ तक जाना होता है। यहां वाहनों को सिरसा रोटरी से एक पुरानी खराब सड़क से गुजरना होता है। इस मुश्किल को तभी खत्म किया जा सकता है जब 130 मीटर सड़क का काम पूरा हो या नया क्लोवर लीफ बने। एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने बताया कि एनएचएआई ने प्रस्ताव पर काम शुरू दिया है। एनएचएआई से अनुमति मिलने के बाद निर्माण शुरू किया जाएगा। प्रयास है कि एनएचएआई ही इस क्लोवर लीफ को बनाए। जरूरी सहयोग प्राधिकरण देगा। अगर यह प्रोजेक्ट पूरा हुआ तो ग्रेनो और ग्रेनो वेस्ट से सीधे ईपीई की पहुंच हो जाएगी। यहां से यमुना सिटी और नोएडा एयरपोर्ट तक भी सीधे ट्रैफिक जा सकेगा। एयरपोर्ट के जल्द शुरू होने की संभावना को देखते हुए यह प्रोजेक्ट जरूरी हो गया है।
Noida News:
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “आज से कूड़ा जलाने पर रोक, धूल उड़ी तो जुर्माना” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान का पहला चरण लागू कर दिया है। अब खुले में कूड़ा व पत्ते जलाने पर पूरी तरह रोक रहेगी। साथ ही, सभी निर्माणाधीन साइट और अन्य जगह पर धूल उड़ने से रोकने के इंतजाम करने होंगे। साथ ही, सड़क किनारे भोजन स्टॉल व वाणिज्यिक रसोई में कोयले व लकड़ी का इस्तेमाल नहीं होगा। अगर किसी जगह पर नियमों का उल्लंघन मिला तो जुर्माना लगेगा। मंगलवार को दिल्ली का एक्यूआई 200 के पार ऑरेंज जोन में चला गया है। साथ ही आने वाले दिनों में वायु प्रदूषण में सुधार होने की उम्मीद नहीं है बल्कि वायु प्रदूषण का स्तर और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में आयोग ने दिल्ली-एनसीआर में ग्रेप लागू कर दिया है। यूपीपीसीबी के अफसरों का कहना है कि निर्माणाधीन और ध्वस्तीकरण साइटों पर धूल नियंत्रण के उपाय करने होंगे। पानी का छिड़काव करने के साथ निर्माण सामग्री को ढककर रखना होगा। खुले में कूड़ा और पत्ते जलाने पर पूरी तरह रोक रहेगी। ढाबा आदि में कोयले व लकड़ी के चूल्हे का इस्तेमाल नहीं होगा। साथ ही, अन्य नियमों का भी पालन करना होगा। अगर किसी स्तर पर लापरवाही बरती गई तो कार्रवाई होगी। विभाग के साथ-साथ प्राधिकरण की टीमें भी लगातार जांच करेंगी। नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा।
Hindi News:
अमर उजाला ने 15 अक्टूबर 2025 के अंक में प्रमुख समाचार “34 क्योस्क की योजना के लिए आरएफपी जारी” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि सेक्टर-38 ए में जीआईपी और बोटेनिकल गार्डेन मेट्रो स्टेशन के बीच और सेक्टर-18 मार्केट में नो-कार लेन के क्योस्क योजना के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) मंगलवार को जारी हो गई। नोएडा प्राधिकरण ने दोनों स्ट्रीट मार्केट के क्योस्क का व्यक्तिगत आवंटन न कर एजेंसी को किराए पर देने का निर्णय लिया है। आरक्षित किए गए किराए पर दोनों जगहों के लिए अलग-अलग प्राधिकरण 7 नवंबर तक आवेदन लेगा। इसके बाद ई-नीलामी होगी। प्राधिकरण ने इसके बाद स्ट्रीट मार्केट लेने वाली एजेंसी के लिए भी शर्तें रखी हुई हैं। एजेंसी किसी को भी किराए पर यह क्योस्क नहीं उठा सकेगी। सिर्फ वही दुकानें यहां खुलेंगी जो दिल्ली के कनाट प्लेस, खान मार्केट जैसे बड़ी बाजार या देश के दो महानगरों में पहले से स्थापित होंगी। दरअसल प्राधिकरण का लक्ष्य यहां नामी और स्थापित ब्रांड लाने का है। सेक्टर-18 के 15 और सेक्टर-38 ए के 19 क्योस्क के लिए आरएफपी जारी हुई है। आवेदन मंगलवार से ही लेने की शुरुआत प्राधिकरण ने कर दी है। आवेदन करने वाली एजेंसी को सेक्टर-18 के लिए करीब 11 लाख तो सेक्टर-38 ए के लिए 12 लाख रुपये आवेदन के साथ धरोहर राशि जमा करनी होगी।
प्राधिकरण ने सेक्टर-38 ए के 19 क्योस्क का सालाना शुरुआती किराया 1,28,25,600 रुपये रखा है। सेक्टर-18 के 15 कियोस्क के लिए सालाना किराया 1,17,60000 रुपये तय किया गया है। चुनी जाने वाली एजेंसी आगे सालाना किराए के तीन महीने के बराबर सिक्योरिटी धनराशि देनी होगी। वहीं प्रत्येक वर्ष का किराया अग्रिम जमा करना होगा। प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत के करीब किराया भी बढ़ेगा। दोनों ही जगहों पर 10 से ज्यादा कियोस्क खाने-पीने की दुकानों के लिए आरक्षित किए गए हैं।
Noida News: समाचार दैनिक जागरण से
दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में 15 अक्टूबर 2025 का प्रमुख समाचार “शेयर बाजार में निवेश के नाम पर कारोबारी से ठगे 61 लाख” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि शेयर बाजार में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने कारोबारी से 61 लाख रुपये की ठगी कर ली। मुनाफे समेत रकम नहीं निकलने पर पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। नोएडा सेक्टर 143 के रहने वालें प्रथम अग्रवाल पेशे से कारोबारी हैं। वह शेयर बाजार में भी रुचि रखते हैं। इंटरनेट मीडिया पर अप्रैल में निवेश संबंधी विज्ञापन देखा था। इसके लिंक से वह वाट्सएप ग्रुप में जुड़ गए। ग्रुप में निवेश संबंधी जानकारी के अलावा मुनाफे के स्क्रीन शाट भी साझा हो रहे थे। यह देखकर प्रथम ने भी निवेश कर मुनाफा कमाने की सोची। ठगों ने प्रथम का एप पर पंजीकरण कराकर छोटा-छोटा निवेश कराया। मुनाफा खाते में वापस कर विश्वास दिलाया। जैसे जैसे ठग कहते गए। वैसे वैसे प्रथम करते गए। प्रथम ने दस से अधिक बार में 61 लाख ठगों के बताये पांच खातों में ट्रांसफर कर दिए। एप पर मुनाफा एक करोड़ रुपये के ऊपर पहुंचा तो प्रथम ने जुलाई में रकम निकालनी चाही, पर ठग कर के रूप और रकम मांगने लगे। मना करने पर संपर्क बंद कर लिया। साइबर क्राइम थाना प्रभारी रंजीत कुमार ने बताया कि केस दर्ज कर खातों की जानकारी जुटाई जा रही है।
दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में प्रमुख समाचार “अग्निशमन कर्मियों ने सीखा सीपीआर देकर लोगों की जान बचाने का तरीका” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि प्रकाश अस्पताल के विशेषज्ञों ने मंगलवार को अग्निशमन विभाग के लिए सीपीआर और फर्स्ट एड ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किया। फेज-वन सेक्टर-दो में फायर स्टेशन के कर्मियों को डमी बाडी से सीपीआर देने का तरीका समझाया। इस बीच अग्निशमन कर्मियों ने भी सीपीआर की टेक्नीक को शारीरिक रूप से कर अनुभव लिया। अस्पताल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर आयुष चौहान ने बताया कि जागरूकता कार्यक्रम करने का उद्देश्य अग्निशमन कर्मी और स्टाफ को आकस्मिक परिस्थिति में जरूरतमंद की मदद कर जीवन सुरक्षित करने के लिए तकनीक सिखाना था। प्रशिक्षण के जरिए अग्निशमन कर्मियों ने हार्ट अटैक, जलने की घटनाएं और अन्य आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई करने की क्षमता बढ़ाने पर फोकस किया। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को सीपीआर करने का सही तरीका, फर्स्ट एड देने की विधि और समय पर इलाज की अहमियत को विस्तार से समझाया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार चौबे ने टीम के प्रयास की सराहना की। विशेषज्ञों ने कहा कि उनका उद्देश्य एक सुरक्षित और जागरूक समाज बनाना है। फायर डिपार्टमेंट जैसे पहले प्रतिक्रिया देने वाले कर्मियों को प्रशिक्षित करना उसी दिशा में एक कदम हैं। भविष्य में ऐसे और प्रशिक्षण कार्यक्रम विभिन्न स्थानों पर आयोजित किए जाएंगे।
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