
Noida News: नोएडा उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध शहर है। हर कोई नोएडा के विषय में जानना चाहता है। यहां नोएडा के प्रतिदिन के सभी समाचार अखबारों के हवाले से हम समाचार प्रकाशित करते हैं। नोएडा शहर से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों में 24 अक्टूबर को क्या खास समाचार प्रकाशित हुए हैं यहां एक साथ पढऩे को मिलेंगे।
Noida News: समाचार अमर उजाला से
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “त्योहारों पर रोडवेज की बसों से घर रवाना हुए 2.90 लाख लोग” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि इस वर्ष धनतेरस से भाई दूज के एक दिन पहले तक करीब 2.90 लाख शहरवासियों ने अपने घरों की ओर जाने के लिए उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों का सहारा लिया। 16 से 22 अक्तूबर के बीच रोजाना नोएडा और ग्रेटर नोएडा डिपो से हजारों यात्री रोडवेज की बसों से रवाना हुए। इस दौरान नोएडा डिपो से कुल 1.74 लाख यात्रियों ने बसों से सफर किया। वहीं ग्रेनों डिपो से करीब 1.16 लाख लोगों ने रोडवेज बसों में यात्रा की।
परिवहन निगम के अधिकारियों के मुताबिक सबसे अधिक भीड़ 20 अक्तूबर को रहो। इसी दिन अकेले नोएडा डिपो से 31,977 यात्री रवाना हुए। वहीं ग्रेटर नोएडा से 17,142 यात्री बसों में सवार हुए। इसी तरह 20 और 21 अक्तूबर को भी बसों में भारी भीड़ रही। अधिकारियों के मुताबिक त्योहारों के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त बसे एसी कोच चलाने का फैसला लिया गया था। यूपी रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि त्योहारों के समय हर दिन रूट पर यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि नोएडा से आगरा, मथुरा, अलीगढ़, मेरठ, बिजनौर और बरेली जैसे शहरों के लिए भी एसी बसें चलाई गई। डिपो में लौटने के बाद बसों की तुरंत जांच की जा रही है, ताकि उन्हें जल्द से जल्द दोबारा रवाना किया जा सके। त्योहारों के मद्देनजर यह भी तय किया गया है कि किसी भी चालक, परिचालक या कर्मचारी को छुट्टी नहीं दी जाएगी, जिससे बस सेवा निर्वाध रूप से चलती रहे
Noida News:
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “अब नोएडा एयरपोर्ट के पास बना सकेंगे घर” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि यमुना सिटी में आवासीय भूखंड लेने के लिए इच्छुक लोगों के लिए यीडा जल्दी ही योजना लांच करेगा। नोएडा एयरपोर्ट के पास सेक्टर-5 में इन भूखंडों को विकसित किया जा रहा है। यहां जमीन खरीद की प्रक्रिया करीब-करीब पूरी हो चुकी है। अब यहां विकास कार्य शुरू कराए जाएंगे। अधिकारियों के मुताबिक रेरा में पंजीकरण होने के बाद नए साल में करीब 2200 भूखंडों की योजना लांच कर दी जाएगी। नोएडा एयरपोर्ट और सेक्टर-10 में उत्तर भारत के पहले सेमीकंडक्टर प्लांट के नजदीक विकसित हो रहे इस सेक्टर में आवासीय भूखंड की योजना दीपावली पर लांच की जानी प्रस्तावित थी। रेरा में पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाने के चलते इसे स्थगित कर दिया गया था। अब यहां विकास कार्य शुरू कराने के साथ ही योजना को नए साल के तोहफे के रूप में लांच किया जाने की तैयारी है।
यमुना प्राधिकरण से मिली जानकारी के मुताबिक सेक्टर-5 यमुना सिटी में सबसे अच्छी लोकेशन पर मौजूद है। यहां अन्य सेक्टरों की तुलना में ज्यादा जगह ग्रीनबेल्ट के लिए छोड़ी गई है। वहीं यमुना एक्सप्रेसवे के लिए सीधे पहुंच मार्ग मिलेगा। भविष्य में प्रस्तावित खुर्जा-पलवल एक्सप्रेसवे भी इस सेक्टर के नजदीक होगा। सीईओ राकेश कुमार सिंह ने बताया कि यमुना सिटी में आवासीय भूखंडों की अच्छी मांग बनी हुई है। सेक्टर-5 में भूखंड विकसित किए जा रहे हैं। इसमें सभी आकार के भूखंड रहेंगे। लॉटरी के माध्यम से इन आवासीय भूखंड आवंटित किए जाएंगे। रेरा पंजीकरण मिलते ही इस योजना को लांच कर दिया जाएगा।
Hindi News:
अमर उजाला ने 24 अक्टूबर 2025 के अंक में प्रमुख समाचार “हवा की गति बढ़ने से घटा प्रदूषण, राहत अब भी नहीं” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि ग्रेटर नोएडा और नोएडा के वायु प्रदूषण में काफी सुधार हुआ है। दोनों शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक रेड जोन से ऑरेंज जोन में पहुंच गया है। बृहस्पतिवर को नोएडा का एक्यूआई 276 और ग्रेनो का 280 रहा। हालांकि ग्रेनो एनसीआर का दूसरा और नोएडा तीसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा। यूपीपीसीबी के अफसरों का मानना है कि हवा की गति और तापमान बढ़ने से एक्यूआई कम हुआ है। बुधवार को नोएडा का एक्यूआई 330 और ग्रेनो का एक्यूआई 308 दर्ज हुआ था। गोवर्धन पूजा के अगले दिन वायु प्रदूषण में वृद्धि होने की उम्मीद थी। लेकिन बृहस्पतिवार को ऐसा कुछ नहीं हुआ। दोनों शहरों के वायु प्रदूषण में सुधार देखने को मिला। जबकि पिछले साल गोवर्धन पूजा से अगले दिन नोएडा का एक्यूआई 313 और ग्रेनो का एक्यूआई 248 रहा था। इस बार दिवाली और गोवर्धन पूजा के बीच एक दिन का फासला रहा है। इसका असर वायु प्रदूषण पर भी देखने को मिला है। वहीं यूपीपीसीबी के अफसरों का कहना है कि बृहस्पतिवार को तापमान अधिक रहा है और हवा भी चली है। नमी कम होने के कारण वायु प्रदूषण हवा के साथ आगे चला गया।
Noida News: समाचार दैनिक जागरण से
दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में 24 अक्टूबर 2025 का प्रमुख समाचार “सड़क हादसे में कार सवार सीआरपीएफ के हवलदार की मौत, तीन घायल” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि यमुनी एक्सप्रेसवे पर बृहस्पतिवार को सड़क हादसे में कार सवार सीआरपीएफ के हवलदार की मौत हो गई। कार चालक व उसकी पत्नी व बेटा घायल हो गए। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा है। गंभीर रूप से घायल महिला व उसके बेटे का उपचार जारी है।
अमृतसर (पंजाब) के बाबा बकाला के कंचन किशोर दुबे ने बताया कि वह एसेंट कार से पंजाब से अपने मामा सीआरपीएफ के हवलदार 43 वर्षीय वीरेंद्र कुमार शुक्ला निवासी बारालोटा, पलामू, झारखंड व अपनी पत्नी 30 वर्षीय रुपलाता व बेटे 10 वर्षीय मानस संग पंजाब से झारखंड जा रहे थे। यमुना एक्सप्रेसवे पर नोएडा से आगरा की 34 और जाते वक्त ३ किमी माइलस्टेन के अचानक ब्रेक लगाने से उनकी कार पीछे से जा टकराई। हादसे में कार काफी क्षतिग्रस्त हो गई। चालक कंचन सिंह, उनके मामा सीआरपीएफ के हवलदार वीरेंद्र कुमार शुक्ला व उनकी पत्नी रुपलता व पुत्र मानस गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस व जेपी इन्फ्राटेक टीम ने' उन्हें एंबुलेंस की सहायता से जेवर स्थित कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने उनके मामा वीरेंद्र कुमार शुक्ला को मृत घोषित कर दिया। कार चालक कंचन किशोर को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। उनकी पत्नी रुपलता व बेटे मानस का उपचार जारी है। पुलिस ने मृतक सीआरपीएफ के हवलदार के शव को पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में प्रमुख समाचार “बाढ़ से तबाह 430 किसानों को प्रशासन ने दी राहत” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि अगस्त-सितंबर में यमुना नदी के अचानक बढ़े जलस्तर ने ग्रेटर नोएडा जिले के किसानों की जिंदगी उजाड़ की मेहनत की फसलें बाढ़ के पानी में डूब गईं। वहीं 15 किसानों के खेतों में बने झोपड़ी जैसे अस्थायी मकान भी तबाह हो गए। किसानों की हजारों बीघा फसलें नष्ट होने से उनके परिवारों के सामने भूख-प्यास व आर्थिक संकट की स्थिति बन गई, पर प्रशासन की मदद से उनकी उम्मीदें फिर से जाग उठी हैं। तहसील की ओर से दी गई विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन ने बाढ़ से प्रभावित किसानों को कुल 29.89 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति जारी कर दी है। इस क्षतिपूर्ति में जेवर तहसील के 326 और सदर तहसील के 104 किसानों को बैंक खाते में यह राशि भेजी गई है।
किसान बताते हैं कि भले ही नुकसान 'भारी है, पर जीवन में फिर से जुटने की जिद उन्हें आगे बढ़ा रही है। अगस्त के आखिर और सितंबर महीने के पहले सप्ताह में हथनीकुंड बैराज से पानी छोड़ने से यमुना नदी बैराज से तपानी आया था। इसके साथ ही जिले में भी यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया था। यमुना का डूब क्षेत्र जलमग्न हो गया था। इसकी वजह से किसानों की हजारों बीघा जमीन पर खड़ी फसलों के साथ अवैध फार्म हाउस डूब गए थे। बाद में बाढ़ का पानी उतरने के बाद प्रशासन ने तहसील से नुकसान का आंकलन कराया था। जेवर तहसील में सर्वाधिक किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा था। बताया गया कि जेवर तहसील क्षेत्र के 326 और सदर तहसील में 104 किसानों लि की फसल को नुकसान पहुंचा। क्षतिपूर्ति के तहत जेवर तहसील के किसानों को 22.58 लाख व सदर तहसल के किसानों को 7.30 ताज रुपये बांटा गया है।
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