
Noida News: नोएडा उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध शहर है। हर कोई नोएडा के विषय में जानना चाहता है। यहां नोएडा के प्रतिदिन के सभी समाचार अखबारों के हवाले से हम समाचार प्रकाशित करते हैं। नोएडा शहर से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों में 07 जुलाई को क्या खास समाचार प्रकाशित हुए हैं यहां एक साथ पढऩे को मिलेंगे।
Noida News: समाचार अमर उजाला से
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “निजी हाथों को सौंपी जाएगी सामुदायिक केंद्रों की कमान” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण शहर के सामुदायिक केंद्रों का संचालन से लेकर रखरखाव की जिम्मेदारी निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रहा है। प्राधिकरण ने कंपनी के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) निकालकर कंपनियों से आवेदन मांगने है। इसमें जरूरत के हिसाब से कंपनियों को सामुदायिक केंद्रों का निर्माण करने का भी अधिकार दिया जाएगा। शहर में लोगों ने इसका विरोध किया है। उनका कहना है कि प्राधिकरण स्वयं या फिर सेक्टर की आरडब्ल्यूए को संचालन का अधिकार दें। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण हाल ही में 16 सेक्टर और गांवों में सामुदायिक केंद्रों का निर्माण करा रहा है। जबकि पुराने सेक्टरों में भी सामुदायिक केंद्र बने है, लेकिन उनका रखरखाव नहीं हो रहा है। प्राधिकरण एक तय शुल्क लेकर उनके उपयोग की अनुमति देता है, लेकिन अब प्राधिकरण केंद्रों का संचालन निजी हाथों में देने जा रहा है। प्राधिकरण ने कंपनियों ने से ईओआई मांगी है। पा रहा है। इस कारण निजी कंपनी को जिम्मेदारी दी जाएगी। जरूरत के हिसाब से सामुदायिक केंद्रों का निर्माण भी किया जा सकेगा। साथ ही संचालन से लेकर रखरखाव की जिम्मेदारी भी होगी। अफसरों का कहना है कि शुल्क पर प्राधिकरण नजर रखेगी।
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “चेरी काउंटी की में महिलाओं की घटना के बाद जिम सुरक्षा पर सवाल” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि ग्रेनो वेस्ट की चेरी काउंटी सोसाइटी के जिम सेंटर में पुरुष ट्रेनर की हरकत के बाद महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। अधिकारी और सोसाइटियों की देखरेख के जिम्मेदार भी कटघरे में हैं, क्योंकि ग्रेनो वेस्ट की अधिकतर सोसाइटियों में महिला जिम ट्रेनर नहीं हैं। स्विमिंग कोच भी तैनात नहीं किए गए हैं। यह स्थिति तब है जब खेल विभाग समय-समय पर जांच करता रहता है। हालांकि घटना के बाद चेरी काउंटी में बिल्डर ने महिला ट्रेनर तैनात कर दी है। पिछले साल यूपी महिला आयोग ने जिम और योग सेंटरों में महिला ट्रेनर रखने का नियम जारी किया था। इस साल खेल विभाग ने जांच भी की थी, जिसमें ज्यादातर जिम का पंजीकरण नहीं मिला। विभाग ने नोटिस भी दिया। कुछ जिम सेंटरों पर जुर्माना भी लगाया, लेकिन स्थिति नहीं सुधरी। स्थिति यह है कि आज भी अधिकतर जिम सेंटरों में महिला ट्रेनर नहीं हैं।
Hindi News:
अमर उजाला ने 07 जुलाई 2025 के अंक में प्रमुख समाचार “बिजली व्यवस्था में सुधार पर 125 करोड़ खर्च किए, स्थिति नहीं सुधरी” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि नोएडा में विद्युत इंफ्रास्ट्रक्चर और वितरण कार्यों पर करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद बिजली आपूर्ति की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। हाल ही में हुई एक समीक्षा बैठक में पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन ने स्वीकार किया कि विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए भारी-भरकम धनराशि खर्च की गई, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिले। नोएडा में भी बिजली आपूर्ति और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार के लिए कराए कामों की यही स्थिति हैं। तकरीबन 125 करोड़ रुपये खर्च किए गए, फिर भी उपभोक्ताओं को लगातार बिजली कटौती, कम वोल्टेज और ट्रांसफार्मर फेल होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। नोएडा के विभिन्न सेक्टरों में रहने वाले उपभोक्ताओं का कहना है कि गर्मी के मौसम में बिजली कटौती ने उनकी दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित किया है। बार-बार शिकायत करने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने इस स्थिति पर कड़ा रुख अपनाते हुए पावर कॉरपोरेशन के प्रबंधन से तत्काल इस्तीफे की मांग की है। परिषद का कहना है कि इतनी बड़ी धनराशि खर्च करने के बाद भी कोई सुधार न होना प्रबंधन की अक्षमता को दर्शाता है। उपभोक्ताओं का कहना है कि नोएडा में बिजली के तारों का जाल, पुराने ट्रांसफार्मर और अपर्याप्त रखरखाव जैसी समस्याएं आम हैं। कई इलाकों में बिजली कटौती की कोई पूर्व सूचना भी नहीं दी जाती, जिससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानी होती है। विभिन्न आरडब्ल्यूए समेत उद्यमी संगठनों ने भी मांग की है कि प्रबंधन अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करे और जवाबदेही तय करें। इस मामले में मुख्य अभियंता एसके जैन का कहना है कि पहले के मुकाबले विद्युत आपूर्ति बेहतर हुई है।
Noida News: समाचार दैनिक जागरण से
दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में 07 जुलाई 2025 का प्रमुख समाचार “पांच रूट पर कांवड़ यात्रा के डायवर्जन से बढ़ेगा रोडवेज का किराया” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि कांवड़ यात्रा के चलते होने वाले डायवर्जन की वजह से रोडवेज भी अपने बस रूटों में परिवर्तन करेगा। इसकी वजह से पांच रूटों पर चलने वाली बसों के किराए में वृद्धि की जाएगी। यह परिवर्तन डायवर्जन के दिन से लागू कर दिया जाएगा। डायवर्जन होने से बसों को दूसरे मार्गों से ले जाने पर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी। डायवर्जन से किलोमीटर बढ़ने के कारण किराए में भी वृद्धि होगी। प्रबंधन की तरफ से नोएडा से मेरठ रूट पर आठ रुपये की वृद्धि की गई है। इस रूट पर यात्रियों को सामान्य दिनों में 122 रुपये किराया देना होता है। लेकिन डर्डायवर्जन लागू होने के बाद 130 रुपये देने होंगे। वहीं, नोएडा से हरिद्वार रूट पर 21 रुपये बढ़ाए जाएंगे। इस रूट पर जहां आम दिनों में 379 रुपये किराया है वहीं, डायवर्जन के बाद किराया बढ़कर 408 रुपये कर दिया जाएगा। इसके अलावा नोएडा-हरिद्वार के तीन अलग-अलग रूटों पर भी वृद्धि हुई है। नोएडा-मेरठ- हरिद्वार वाया नजीबाबाद रूट पर 76 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। वहीं नोएडा-हरिद्वार वाया चंदक रूट पर किराया 380 रुपये लिया जाएगा। इसके अलावा नोएडा -हरिद्वार वाया किला रूट पर यात्रियों से 406 रुपये लिए जाएंगे। एआरएम रोहिताश सिंह ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर रूट डायवर्जन लागू होने के बाद रेट प्रभावी हो जाएंगे। इसका सबसे अधिक असर नोएडा-मेरठ रूट पर यात्रा करने वाले यात्रियों पर पडेगा। नोएडा डिपो से एक दिन में करीब आठ हजार यात्री इस रूट पर सफर करते हैं।
दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में प्रमुख समाचार “जर्जर हो चुके प्राथमिक स्कूल पटाड़ी के नवनिर्माण की मांग” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि ग्राम प्रधान पटाड़ी ने गांव के जर्जर प्राथमिक स्कूल के नवनिर्माण की मांग की है। आरोप लगाया कि एनटीपीसी दादरी द्वारा स्कूल के नवनिर्माण को शिक्षा विभाग को लाखों रुपये जारी होने के बाद भी नवनिर्माण शुरू नहीं है। सैकड़ों बच्चों का जीवन दांव पर है। ग्राम प्रधान सोनी देवी ने उपजिलाधिकारी को पत्र सौंपकर नवनिर्माण की मांग की है। ग्राम प्रधान पटाड़ी सोनी देवी ने लिखित शिकायत में बताया कि गांव का प्राथमिक स्कूल जर्जर हो चुका है। छत का प्लास्टर टूटकर जमीन पर गिरता है। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने एक साल पहले इसकी शिकायत बीएसए से की थी, पर कार्रवाई न होने पर एनटीपीसी दादरी से स्कूल नवनिर्माण की मांग की थी। एनटीपीसी ने स्कूल के नवनिर्माण को 32,45,000 रुपये स्वीकृत किए थे। इसका चेक शिक्षा विभाग को आठ फरवरी 2025 को दे दिया गया है। उसके बाद भी विभाग द्वारा स्कूल के नवनिर्माण के लिए कोई कार्रवाई आज तक नहीं की गई है।
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