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Noida News: नोएडा उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध शहर है। हर कोई नोएडा के विषय में जानना चाहता है। यहां नोएडा के प्रतिदिन के सभी समाचार अखबारों के हवाले से हम समाचार प्रकाशित करते हैं। नोएडा शहर से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों में 23 अप्रैल को क्या खास समाचार प्रकाशित हुए हैं यहां एक साथ पढऩे को मिलेंगे।
Noida News: समाचार अमर उजाला से
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “पानी-बिजली की जानकारी घर बैठे मिलेगी, जून में लॉन्च होगा पोर्टल, अधिकारी कार्यालय से ही कर सकेंगे समस्याओं का समाधान” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि यमुना सिटी के भूखंड की लोकेशन और वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी अब घर बैठे पा सकेंगे। आवंटियों को यह सुविधा मुहैया कराने के लिए इसके लिए प्राधिकरण प्राधिकरण जून में यीडा वन मैप पोर्टल लॉन्च करेगा। अधिकारियों के अनुसार, यीडा वन मैप पोर्टल गुरुग्राम की नियो-जियो कंपनी विकसित कर रही है। इस पोर्टल के जरिए आवंटी यमुना प्राधिकरण क्षेत्र की सभी सुविधा की जानकारी ऑनलाइन हासिल कर सकेंगे। शिकायत पर अधिकारी भी दफ्तर में बैठकर ही इसकी पड़ताल कर सकेंगे। इसके साथ ही पोर्टल को आधुनिक तरीके से अपडेट किया जाएगा। यह पोर्टल आवंटी को मिट्टी की गुणवत्ता और भू-जल के स्तर के बारे में भी जानकारी देगा। हाल ही में यमुना क्षेत्र में खुदाई के दौरान बेसमेंट में पानी का रिसाव होने लगा था। बिल्डर की ओर से नक्शे में भी बदलाव करने की योजना तैयारी की गई है। इस पोर्टल के शुरू होने के बाद ऐसी समस्याओं की समाधान हो सकेगा।
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “अरुण विहार के 4,752 मकानों पर हाईकोर्ट ने मांगी रिपोर्ट” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि अरुण विहार सेक्टर-28, 29, 37 में बने मकान, फ्लैट का अतिक्रमण अब उजागर होगा। हाईकोर्ट ने नोएडा प्राधिकरण से इन तीनों सेक्टरों को लेकर रिपोर्ट मांगी है। प्राधिकरण ने सर्वे शुरू करवा दिया है। मौके पर अधिकतम मकानों में छोटा-बड़ा अतिक्रमण मौजूद है। इससे सेक्टर निवासियों में हड़कंप मचा हुआ है। अरुण विहार रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने प्राधिकरण के सीईओ को पत्र भेजकर अतिक्रमण-अवैध निर्माण को नियमित करने की मांग की है। यह भी कहा है कि इसका शुल्क निवासी देने को तैयार हैं। पिछले 40 वर्षों से यहां पर मुख्य रूप से पूर्व सैनिक व उनके परिवार रहते हैं। इन परिवारों ने अपनी जरूरत के अनुसार छोटे-मोटे परिवर्तन किए हैं, मकसद नियमों का उल्लंघन करना नहीं था। यदि किसी निवासी ने सार्वजनिक स्थल सड़क, पार्क या कॉमन छत पर निर्माण किया है तो उसे हटवाना उचित होगा। तीनों सेक्टरों को 1980 से बसाने की शुरुआत हुई थी। इनकी पहचान खासतौर पर सैन्य सेवा से जुड़े परिवारों से है। यहां पर अलग-अलग श्रेणी में मकान, फ्लैट बने हुए हैं। इनमें भूतल व दो मंजिल, भूतल व एक मंजिल व एक मंजिल के मकान शामिल हैं। सभी मकान व फ्लैटों की संख्या 4,752 है। प्राधिकरण के नियम के मुताबिक मूल नक्शे से अलग अगर एक ग्रिल भी लगी है तो वह अतिक्रमण है और अवैध निर्माण है। नियम के मुताबिक उसे टूटना चाहिए। अब इन सेक्टरों में अवैध निर्माण पर कई पड़ोसियों में विवाद चल रहा है। जानकारी के मुताबिक ऐसे ही सेक्टर-28 विवाद में महिला आवंटी की तरफ से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। इस याचिका पर सुनवाई में पहले कोर्ट ने प्राधिकरण से की गई कार्रवाई का ब्यौरा मांगा था। इस ब्यौरे से कोर्ट संतुष्ट नहीं हुआ, फिर तीनों सेक्टरों के सभी मकानों पर रिपोर्ट मांग ली है। यह रिपोर्ट तैयार करवाने के लिए प्राधिकरण का वर्क सर्कल-2 ने सर्वे शुरु करवाया है।
Hindi News:
अमर उजाला ने 23 अप्रैल 2025 के अंक में प्रमुख समाचार “60 हजार उपभोक्ताओं को ऑनलाइन नहीं पहुंच रहे बिजली बिल” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि बिजली निगम के 60 हजार उपभोक्ताओं को बिजली बिल ऑनलाइन नहीं मिल पा रहा है। निगम अब इनका व्हाटसएप तैयारी कर रहा है। बीते महीनों में निगम ने साढ़े तीन लाख उपभोक्ताओं की केवाईसी (अपने ग्राहक को जानो) की थी। ताकि उपभोक्ताओं को बिल तैयार होने से लेकर जमा करने की जानकारी एसएमएस, व्हाटसएप और ई-मेल से मिलती रहे। कुछ उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर बदल जाने या पोर्टल पर गलत नंबर अंकित हो जाने की वजह से उपभोक्ताओं तक सूचनाएं नहीं पहुंच पा रही है। इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि शिकायत के बाद भी समाधान नहीं हो रहा है। अधीक्षण अभियंता विवेक पटेल ने बताया कि बिजली निगम के अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र के जेई और लाइनमैन अपने-अपने क्षेत्र के उपभोक्ताओं के घर जाकर जानकारियां दुरुस्त करेंगे।
Noida News: समाचार दैनिक जागरण से
दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में 23 अप्रैल 2025 का प्रमुख समाचार “दो युवा कारोबारी से 18.70 लाख की लूट में यूपी पुलिस के सिपाही संग दो गिरफ्तार” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि दो युवा कारोबारी दोस्तों से 18.70 लाख रुपये की लूट मामले में यूपी पुलिस के सिपाही संग दो आरोपितों को मंगलवार को गिरफ्तार किया। पुलिस ने लूट की रकम में से छह लाख रुपये नकद, 11.20 लाख रुपये बैंक खातों में फ्रीज कराकर घटना में इस्तेमाल दो कार बरामद कीं। पीड़ितों 'के एक दोस्त ने सिपाही समेत छह लोगों के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई थी। सभी कानपुर के रहने वाले हैं। पुलिस अन्य चार फरार आरोपितों की तलाश में जुटी है। ट्रैवल एजेंसी चलाने वाला कानपुर। नगर का अश्विन नोएडा सेक्टर 76 स्थित सिलिकान सिटी सोसायटी में रहता है। कानपुर में आभूषण का काम करने वाला रजत, दीपांशु व शोभित के साथ 18 अप्रैल को अश्विन के फ्लैट पर पहुंचे थे। चारों दोस्त हैं। दीपांशु जबरन रात को एक बजे शराब पीने के बहाने सोसायटी से बाहर लाया। चारों लोग शोभित की एसयूवी कार से घूमने निकल पड़े। रास्ते में उनकी कार को क्रेटा व स्कार्पियो कार सवार चार लोगों ने जबरन रोका। अश्विन व रजत को अपनी गाड़ियों में बैठा लिया। अश्विन की कार में बैठे एक व्यक्ति ने खुद को एसटीएफ पुलिसकर्मी बताया। क्रिप्टो करेंसी समेत अनाप शनाप तरीके से नंबर दो का पैसा कमाने की बात बोलते हुए डराया। हथियार दिखाकर मारपीट करते हुए रुपयों की मांग की।
अश्विन डर गया और उसने कमरे पर कैश होने की बात कही। आरोपित रजत को बंधक बनाकर अश्विन को कमरे पर लेकर गए। वहां से 7.50 लाख रुपये नकद, लैपटाप आदि सामान लूट लिया। फिर दोबारा अश्विन को कार में बैठाया। कार को लेकर नोएडा ग्रेटर एक्सप्रेसवे होते हुए यमुना एक्सप्रेसवे की ओर ले गए। रास्ते में अश्विन के बैंक खाते से आनलाइन 11.20 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। फिर 19 अप्रैल की शाम जेवर टोल से करीब 35 किलोमीटर आगे अलीगढ़ की सीमा में उतारकर चले गए। घटना से डरा हुआ अश्विन बस पकड़कर नोएडा कमरे पर पहुंचा। आपबीती स्वजन को बताई। 20 अप्रैल की शाम को अश्विन ने सेक्टर 113 थाना पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। सर्विलांस व सीसीटीवी मदद से कानपुर नगर के गुजेनी के कोमल सिंह व बर्रा के आरूष त्रिपाठी को गिरफ्तार किया। आरुष अधिवक्ता और कोमल यूपी पुलिस में 2015 का भर्ती सिपाही है। वर्तमान में तैनाती प्रयागराज में है, लेकिन वह 14 माह से अनुपस्थित चल रहा है।
DCP नोएडा रामबदन ने बताया कि अश्विन ने रजत, दीपांशु व शोभित को वीडियो काल कर बिस्तर पर पड़े नोटों की गड्डियां दिखाई थीं। बीएमडब्ल्यू कार बुक कराने के बारे में बताया था। इतने पैसे कमाने के पीछे क्रिप्टो करेंसी से मुनाफा होना बताया था। रुपये देखकर दीपांशु के मन में लालच आ गया था। उसने कोमल, आरूष, गौरव, उत्कर्ष, शोभित को साथ लेकर घटना को अंजाम देने की योजना बनाई थी। गौरव व उत्कर्ष क्रेटा कार से, कोमल व आरुष स्कार्पियो कार से नोएडा आए थे। दीपांशु ने सभी को आश्वस्त किया था कि अश्विन के गलत पैसा कमाने से वह पुलिस को घटना की जानकारी नहीं देगा लेकिन अश्विन के मुकदमा दर्ज कराने पर पूरी घटना परत दर परत खुल गई। पुलिस अधिकारी दीपांशु, शोभित, गौरव और उत्कर्ष को जल्द ही दबोचने का दावा कर रहे हैं। एक अन्य के भी शामिल होने की जानकारी पुलिस को मिली है।