
Noida News: नोएडा उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध शहर है। हर कोई नोएडा के विषय में जानना चाहता है। यहां नोएडा के प्रतिदिन के सभी समाचार अखबारों के हवाले से हम समाचार प्रकाशित करते हैं। नोएडा शहर से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों में 09 सितंबर को क्या खास समाचार प्रकाशित हुए हैं यहां एक साथ पढऩे को मिलेंगे।
Noida News: समाचार अमर उजाला से
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “ईडी ने जब्त कीं उन्नति फॉर्च्यून ग्रुप की 100 करोड़ की संपत्तियां” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उन्नति फॉर्च्यून समूह की 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्तियां अटैच कर दी हैं। ईडी सेक्टर-119 स्थित द अरण्या सोसाइटी में फ्लैट खरीदारों की रकम के डायवर्जन की जांच कर रही है। बिल्डर ने खरीदारों से ली गई रकम का इस्तेमाल निर्माण कार्य में नहीं कर फंड डायवर्ट कर दिए थे। अब तक की जांच में परियोजना में 126.5 करोड़ रुपये का फंड डायवर्जन की बात सामने आई है। यह फंड डायवर्जन वर्ष 2011 से लेकर वर्ष 2019 के बीच बिल्डर समूह की तरफ से किया गया। इस वजह से मौके पर फ्लैट समेत अन्य निर्माण कार्य अधूरे रहे। यही नहीं बिल्डर ने प्राधिकरण का बकाया भी जमा नहीं किया। इससे प्रोजेक्ट में जो फ्लैट बने उनमें से अधिकतर खरीदारों की रजिस्ट्री भी नहीं हो पाई। अब बिल्डर की संपत्तियां अटैच होने के बाद परियोजना के फ्लैट खरीदारों के लिए हल निकलने की उम्मीद जगी है। ईडी ने उन्नति फॉर्च्यून ग्रुप के प्रमोटर अनिल मिठास को 16 अप्रैल को कई ठिकानों पर छापा मारने के बाद गिरफ्तार किया था। अनिल मिठास अभी न्यायिक हिरासत में है। ईडी की जांच में इस परियोजना में किया गया फंड डायवर्जन साफ तौर पर उजागर हुआ है। जांच में सामने आया है कि प्रोजेक्ट में फ्लैट खरीदारों से 522.9 करोड़ रुपये परियोजना में जुटाए गए। इस राशि में ज्यादातर हिस्सा बिल्डर ने परियोजना में न लगाकर शेयर मार्केट में निवेश किया। इसके अलावा बांड खरीदने, लोन और निर्माण सामग्री के अग्रिम भुगतान, सिक्योरिटी के नाम पर राशि निकाली गई थी। इससे परियोजना के तहत निधारित काम नहीं हो पाए। यूपी रेरा की तरफ से मामले में पहले कराए गए ऑडिट में 107 करोड़ रुपये का डायवर्जन मिला था। प्रवर्तन निदेशालय ने पूर्व में बिल्डर समूह की जांच में 25 करोड़ 94 लाख रुपये की चल-अचल संपत्तियों को अटैच किया था
Noida News:
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “भंगेल एलिवेटेड और वेस्ट टू वंडर पार्क के लोकार्पण की तैयारी” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि भंगेल एलिवेटेड रोड व वेस्ट टू वंडर पार्क (जंगल ट्रेल) का लोकार्पण 25 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी कर सकते हैं। आदित्यनाथ मुख्यमंत्री 25 सितंबर को इंडिया एक्सपो मार्ट में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का उद्घाटन करेंगे। नोएडा प्राधिकरण ने इन दोनों परियोजनाओं के लोकार्पण को समय मांगा है। अभी मुख्यमंत्री कार्यालय से समय मिलने की पुष्टि नहीं की गई है। अगाहपुर से सेक्टर-82 तक भंगेल एलिवेटेड का निर्माण करीब-करीब पूरा हो गया है। प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कुछ छोटे काम बचे हैं जो जल्द पूरे कर लिए जाएंगे। वहीं सेक्टर-94 महामाया फ्लाइओवर के पास वेस्ट टू वंडर पार्क भी भी बनकर तैयार है। नोएडा जंगल ट्रेल नाम के पार्क में यहां कबाड़ व लोहे से अलग-अलग जानवरों की आकृतियां बनाई गई हैं।
Hindi News:
अमर उजाला ने 09 सितंबर 2025 के अंक में प्रमुख समाचार “यमुना सिटी में बनेंगे कैंसर और डायग्नोसिस के उपकरण” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि कैंसर, दिल की बीमारियों के इलाज और जांच में उपयोग होने वाले उपकरण यमुना सिटी में ही बनेंगे। इसके लिए पांच बीमारियों व जांच प्रक्रिया में उपयोग होने वाले उपकरण के सेक्टर को यमुना प्राधिकरण (यीडा) ने मेडिकल डिवाइस पार्क में प्राथमिकता देगी। जहां इन उपकरणों को बनाने के लिए सस्ती दरों पर जमीन कंपनियों को दी जाएंगी। वहीं कॉमन फेसिलिटी भी तैयार कर अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करने वाली अनुभवी एजेंसी से संचालन कराया जाएगा। सोमवार को सीईओ राकेश कुमार सिंह ने बताया कि मेडिकल डिवाइस पार्क हमारी प्राथमिकता में है। सरकार की योजना है कि उन सेक्टरों पर भी काम कराया जाए जिनके लिए उपकरणों को आयात करना होता है। खासतौर पर कैंसर, डायबिटीज और हार्ट डिसीज जैसे मामलों में जांच व इलाज किफायती हो। इसके लिए इन सेक्टरों के उपकरण यहां बनाएं जाएं। मेडिकल डिवाइस पार्क में अभी तक 89 भूखंड आवंटित हैं। 66 भूखंड अभी आवंटन के लिए तैयार हैं। अधिकारियों का कहना है कि रेडियोलॉजी व इमेजिंग टेक्नोलॉजी डिवाइस, एनेस्थेटिक्स व कार्डियोलॉजी रेस्पिरेटरी मेडिकल डिवाइस, कैंसर केयर जैसे रेडियोथेरेपी डिवाइस, इंप्लांट, इन विट्रो डायग्नोसिस उपकरण शामिल किए गए हैं। कैंसर केयर और रेडियोलॉजी के क्षेत्र में निवेश बढ़ाने पर यीडा काम कर रहा है।
Noida News: समाचार दैनिक जागरण से
दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में 09 सितंबर 2025 का प्रमुख समाचार “जिला अस्पताल में काटा हंगामा तो खानी पड़ सकती है हवालात की हवा” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि जिला अस्पताल में गंभीर रोगों का इलाज के दौरान चिकित्सकों से भिड़ना या बेवजह हंगामा करने पर तीमारदार व शरारती तत्वों को हवालात में रात बितानी पड़ सकती है। सेक्टर-39 में अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पुलिस कमिश्नरेट की निगरानी में होगी। चिकित्सकों की सुरक्षा व कानून व्यवस्था बनाने को अस्पताल परिसर में नवीन पुलिस बूथ बना है। यहां उपनिरीक्षक समेत है। यहां पुलिसकर्मियों की तैनाती हो चुकी है। अस्पताल प्रशासन अब कमिश्नरेट के उच्च अधिकारी द्वारा उद्घाटन का इंतजार कर रहा है। अस्पताल में लगातार आधुनिक सुविधाएं बढ़ने पर गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर व दिल्ली से आने वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। प्रबंधन का दावा है कि इलाज को प्रतिदिन तीन चार हजार मरीज डाक्टरों से परामर्श लेते हैं। पिछले दिनों अस्पताल में 4,500 मरीज पहुंचने पर बीते वर्षों का रिकार्ड टूट गया था। वहीं, अल्ट्रासाउंड, रक्त जांच, डेंगू, मलेरिया, एक्स-रे समेत अन्य जांच सुविधाओं को मरीजों के बीच मारामारी रहती है। बीते माह अस्पताल के दूसरे तल पर मरीजों में आपस में जमकर लात-घूंसे चले थे। उसके पहले एक सुरक्षाकर्मी पर महिलाओं ने हमला कर दिया था। यही नहीं, एक महिला डाक्टर और स्टाफ नर्स से भी बदतमीजी व छेड़छाड़ की घटना हो चुकी है। महिला सुरक्षा के प्रति कार्यवाहक मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. अजय राणा काफी गंभीर हैं। उधर, सहायक पुलिस आयुक्त प्रवीण कुमार सिंह का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर अस्पताल में पुलिस बूथ बना है। इसका निरीक्षण कर जल्द ही उद्घाटन कराया जाएगा।
दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में प्रमुख समाचार “कचरा कलेक्शन कंपनी पर पांच लाख रुपये का जुर्मानाक” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि नोएडा में डोर टू डोर कचरा उठाने का काम एजी एनवारी इंजन प्रोजेक्ट लिमिटेड करती है। इसकी निगरानी सेक्टर-94 में आइटीएमएस कमांड कंट्रोल से होती है। सोमवार को प्राधिकरण अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी संजय कुमार खत्री ने अन्य अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। आइटीएमएस से लोकेशन देखी, तो पाया कि डोर टू डोर गाड़ियां कई एरिया में नहीं जा रहा है। कंपनी पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया मृया। इसके बाद सेक्टर-94 व 126 गए, वहां केबिल एजेंसियों ने खोदाई कर मरम्मत नहीं की। कंपनियों को नोटिस जारी किया गया। सेक्टर-126 एचसीएल के पास. वेंडिंग जोन में वेडर्स ने डस्टबिन नहीं रखे थे। निर्देश दिया कि वेंडर्स को तीन दिन में हरा, नीला डस्टबिन रखना होगा। साथ ही जनस्वास्थ्य परियोजना अभियंता को निर्देश दिया कि का यह सुनिश्चित करे कि यहां डस्टबीन लग जाए। इसकी रिपोर्ट बैठक में दी जाए। सेक्टर-127 में अवैध वेंडर्स मिलने पर अवर अभियंता का वेतन रोककर उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। बख्तावरपुर के पास 45 मीटर रोड व जेपी के सामने घास व झाड़ियां मिलीं। अगले सात दिनों में विशेष सफाई अभियान चलाकर साफ करने के निर्देश दिया गया। सेक्टर-135 में गोवंश का निरीक्षण किया। यहां जलभराव वाले स्थानों पर एंटी लार्चा और फागिंग कराने के निर्देश दिया गया है। इसके आलावा सेक्टर-130 परियोजना अभियंता जनस्वास्थ्य से बिजलीघर के पास कूड़ा मिला। सहायक स्पष्टीकरण मांगा गया।
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