यहां तक कि ED ने अनिल अंबानी के घर (बंगले) को भी अटैच कर लिया है। इस बीच अनिल अंबानी के लिए राहत भरी खबर यह है कि अनिल अंबानी को अपना बंगला छोडऩा नहीं पड़ेगा। अनिल अंबानी ED द्वारा अटैच बंगले में रह सकेंगे।

Anil Ambani : प्रसिद्ध उद्योगपति अनिल अंबानी की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) अनिल अंबानी की लगातार घेराबंदी में लगा हुआ है। यहां तक कि ED ने अनिल अंबानी के घर (बंगले) को भी अटैच कर लिया है। इस बीच अनिल अंबानी के लिए राहत भरी खबर यह है कि अनिल अंबानी को अपना बंगला छोडऩा नहीं पड़ेगा। अनिल अंबानी ED द्वारा अटैच बंगले में रह सकेंगे।
आपको बता दें कि मुंबई में अनिल अंबानी का शानदार बंगला है। उनके बंगले का नाम ‘‘अबोड” है। अनिल अंबानी के बंगले ‘‘अबोड” की बाजार में कीमत चार हजार करोड़ रूपए से भी अधिक है। ईडी... ने अनिल अंबानी के बंगले की कीमत 3716.83 करोड़ रूपए लगाई है। अनिल अंबानी के विरूद्ध मनी लॉड्रिंग की जांच करते हुए ED ने उनका बंगला भी अटैच कर लिया है। ED ने अनिल अंबानी का बंगला अटैच करने का अस्थायी अटैचमेंट आदेश जारी किया है। यह मामला अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशन (RCom) से जुड़े कथित बैंक धोखाधड़ी केस से संबंधित है। ED इस मामले की जांच प्रवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत कर रही है। ‘Abode’ नाम अनिल अंबानी का बंगला मुंबई के पाली हिल इलाके में स्थित है। यह 66 मीटर ऊंचा और 17 मंजिला इमारत है, जिसे देश की महंगी निजी संपत्तियों में गिना जाता है। ईडी के मुताबिक अनिल अंबानी और उनके समूह की कंपनियों के खिलाफ अब तक कुल अटैचमेंट की कार्रवाई 15,000 करोड़ रुपये से अधिक की हो चुकी है। ED ने पिछले साल CBI की FIR के बाद इस मामले में जांच शुरू की थी। FIR में अनिल अंबानी, RCom और अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी, साजिश और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे। जांच का केंद्र RCom और उसकी सहयोगी कंपनियां हैं, जिन्होंने 2010 से 2012 के बीच भारतीय और विदेशी बैंकों से 40,000 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज लिया था। इनमें से पांच खातों को बाद में कर्ज देने वाले बैंकों ने धोखाधड़ी घोषित कर दिया।
अनिल अंबानी के बंगले को अटैच करने की खबर के बाद यह बताना भी जरूरी है कि कोई प्रोपर्टी किस प्रकार अटैच होती है। आपको बता दें कि ED पहले संपत्ति को लेकर तमाम तरह की जानकारियां जुटाती है और सबूत मिलने पर उन संपत्तियों को अटैच करने का फैसला करती है। इसके बाद मामले को लेकर ED को कोर्ट में सबूत पेश करने होते हैं, ये बताना होता है कि क्यों संपत्ति को अटैच किया गया। अगर कोर्ट में फैसला ED के पक्ष में आता है तो अटैच संपत्ति को जब्त कर लिया जाता है और इसकी कुर्की हो जाती है। अब बात करते हैं कि आखिर ये अटैच करना होता क्या है ।ED जब भी किसी की संपत्ति को अटैच करती है तो इसका मतलब सील करना नहीं होता है. इस प्रॉपर्टी का इस्तेमाल जारी रहता है, यानी अगर किसी का घर अटैच किया गया है तो उसमें लोग रह सकते हैं, साथ ही इसे किराये पर भी दिया जा सकता है। ठीक इसी तरह दफ्तर और फैक्ट्री आदि को लेकर भी होता है. अटैच किए जाने के बाद इस संपत्ति को बेचा नहीं जा सकता है, ना ही इसे किसी और के नाम ट्रांसफर कर सकते हैं। इस प्रकार यह तय है कि अनिल अंबानी को अभी अपना बंगला छोड़ना नहीं पड़ेगा। वह पहले की तरह अपने बंगले में रहते रहेंगे। Anil Ambani