डायरेक्ट टैक्स की खास बातों में टैक्स कोड को 536 सेक्शन तक आसान बनाना, विदेश से भेजे गए पैसे पर टीसीएस कम करना (2%), और सीनियर सिटिजन्स के लिए डिडक्शन दोगुना करना (1 लाख) शामिल हैं।

Budget Review : फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण का पेश किया गया यूनियन बजट 2026-27, रेट में बड़े बदलाव के बजाय प्रोसेस को आसान बनाने, डिजिटल इंटीग्रेशन और टारगेटेड राहत पर फोकस करता है। डायरेक्ट टैक्स की खास बातों में टैक्स कोड को 536 सेक्शन तक आसान बनाना, विदेश से भेजे गए पैसे पर टीसीएस कम करना (2%), और सीनियर सिटिजन्स के लिए डिडक्शन दोगुना करना (1 लाख) शामिल हैं।
इनकम टैक्स रिटर्न में बदलाव करने की समय-सीमा 31 मार्च, 2026 तक बढ़ा दी गई है।
* सीनियर सिटिजन्स राहत: सीनियर सिटिजन्स के लिए टैक्स डिडक्शन लिमिट 50,000 से बढ़ाकर 1 लाख कर दी गई है।
* प्रॉपर्टी और रेंटल इनकम: टैक्सपेयर अब बिना किसी शर्त के दो खुद के रहने वाली प्रॉपर्टी (एक से ज्यादा) की सालाना वैल्यू क्लेम कर सकते हैं, और किराए पर टीडीएस लिमिट बढ़ाकर 6 लाख कर दी गई है।
कम्प्लायंस और डीक्रिमिनलाइजेशन: डीक्रिमिनलाइज करने के लिए दूसरा जन विश्वास बिल पेश किया गया।
अपडेटेड रिटर्न टाइमलाइन: अपडेटेड टैक्स रिटर्न फाइल करने की टाइम लिमिट दो साल से बढ़ाकर चार साल कर दी गई है।
[ CA Prashant Chand, Past Chairman Noida Branch of ICAI ]