भारतीय रिजर्व बैंक RBI के नाम से प्रसिद्ध है। RBI भारत का सबसे बड़ा बैंक है। RBI ही भारत की पूरी अर्थव्यवस्था का संचालन करता है। RBI की मौद्रिक नीति समिति यानि MPC ने 6 अगस्त को बड़ा फैसला सुनाया है। RBI की PMC ने अपने फैसले में कहा है कि भारत में रैपोरेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है। RBI की MPC में इस फैसले से सस्ती EMI का सपना देखने वालों को बड़ा झटका लगा है। RBI Repo Rate
क्या फैसला सुनाया है रेपो रेट पर RBI की MPC ने ?
RBI की MPC की बैठक लगातार तीन दिन तक चली। तीन दिन बाद 6 अगस्त बुधवार को RBI के गर्वनर संजय मल्होत्रा ने RBI की MPC के फैसले की घोषणा की है।उन्होंने बताया कि RBI की MPC ने फैसला किया है कि फिलहाल रेपो रेट नहीं बदले जाएंगे। RBI के गर्वनर संजय मल्होत्रा ने रैपोरेट को फिलहाल 5.5 प्रतिशत पर ही रखने का बड़ा ऐलान कर दिया है। RBI के गर्वनर ने साफ कहा है कि भारत की अर्थव्यवस्था अनुमान के अनुसार आगे बढ़ रही है।
RBI की MPC से पहले थी रेपोरेट घटने की उम्मीद
RBI की MPC की बैठक से पहले रेपो रेट पर विशेषज्ञों की राय सामने आई थी। इस राय में 40% विशेषज्ञों का मानना था कि 0.25% (25 बेसिस पॉइंट) की कटौती हो सकती है, जबकि 60% इसे स्थिर रहने की उम्मीद करते हैं। पिछले 6 महीनों में तीन कटौतियां (फरवरी, अप्रैल, जून) हो चुकी हैं, जिससे रेपो रेट 5.50% पर पहुंच गया है। अमेरिका द्वारा भारतीय निर्यात पर 25% टैरिफ लगाने का फैसला (7 अगस्त से प्रभावी) आरबीआई को सतर्क बना रहा है इससे GDP पर 0.2–0.3% का नकारात्मक असर हो सकता है। RBI ने वित्त वर्ष 2026 (FY26) के लिए महंगाई का अनुमान 3.1% रखा है, जो जून के पूर्वानुमान (3.7%) से कम है।
इसकी वजह मॉनसून और फसल उत्पादन में सुधार है। सामान्य से अधिक बारिश और घटती महंगाई आर्थिक गतिविधियों को मजबूती दे रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में खर्च बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, औद्योगिक उत्पादन की विकास दर मंद और असमान बनी हुई है। कुछ उप-क्षेत्रों में ही सुधार दिख रहा है। RBI ने चालू वित्त वर्ष (2024-25) के लिए जीडीपी विकास दर 6.5% ही रखने का फैसला किया है। जोखिम "संतुलित" बताए गए हैं।
आपको बता दें कि रेपो रेट वह दर है, जिस पर रिजर्व बैंक द्वारा वाणिज्यिक बैंकों को ऋण दिया जाता है।अगर रिजर्व बैंक द्वारा सस्ती दरों पर कॉमर्शियल बैंकों को धन मुहैया कराया जाता है तो उसका सीधे असर आम आदमी पर भी पड़ता है, क्योंकि आरबीआई द्वारा दरों में कमी किए जाने के बाद बैंक भी अपनी ब्याज दरों में गिरावट करते हैं। GHV इंफ्रा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड के शेयर लगातार फोकस में हैं। कंपनी के शेयर आने वाले दिनों में चर्चा में रह सकते हैं। दरअसल, कंपनी ने अपने निवेशकों को शानदार तोहफा दिया है।
हाल ही में GHV इंफ्रा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड के बोर्ड मेंबर ने 24 जुलाई 2025 को हुई बैठक में कंपनी के मौजूदा शेयरधारकों को 3:2 के रेशियो में बोनस शेयर जारी करने को मंजूरी दे दी है। यानी प्रत्येक 2 शेयरों पर तीन पूर्ण चुकता इक्विटी शेयर। इसके अलावा, बोर्ड मेंबर ने 2:1 के रेशियो में उप-विभाजन/विभाजन को भी मंजूरी दे दी है। इस शेयर विभाजन का उद्देश्य बाजार में कंपनी के शेयरों की लिक्विडिटी को बढ़ाना है। बता दें कि बीते शुक्रवार को कंपनी के शेयर 2% तक चढ़कर 1,549.20 रुपये पर आ गए थे। RBI Repo Rate