
इस वक्त आपके ज़हन में एक सवाल घूम रहा होगा कि सबसे धनी गाँव के लोग ऐसा क्या काम करते है कि सभी करोड़पति है।आपको बता दें की मड़ावग गांव के लोग कोई बिजनेस या बड़ा कारोबार नहीं करते बल्कि गांव के लोग सेव की खेती करते हैं। इस गाँव के सेव देश और दुनिया भर में मशहूर है। इस गांव में सालाना 175 करोड़ रुपये तक के सेव बेचे जाते हैं। इस गाँव का हर परिवार सालभर में सेव बेच कर करोड़ों रुपये की कमाई कर लेता है।
हिमाचल प्रदेश के मड़ावग गाँव के लोग शुरुवात में आलू की खेती करते थे। लेकिन वर्ष 1953-1954 में गाँव के रहने वाले चइया राम मेहता ने गाँव में पहला सेव का बाग लगाया था। जिसके बाद गाँव के बाक़ी लोग भी सेव के बाग लगाने के लिए प्रेरित हुए। गाँव वालों की मेहनत से मड़ावग के सेव की क्वालिटी बेहतरीन हो गई। इसी वजह से मड़ावग के सेव देश विदेश में मशहूर है। गाँव के किसानों ने सेव की खेती से आज इस गाँव को एशिया का सबसे अमीर गाँव बना दिया है जिसकी चर्चा देश व विदेश में हो रही है। तो अब आप जान गए हैं कि एशिया का सबसे धनी गांव भारत के हिमाचल प्रदेश का मड़ावग गांव है।