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देश के ट्रांसपोर्ट सेक्टर में आने वाले समय में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर प्रदूषण कम करने और क्लीन फ्यूल वाहनों को बढ़ावा देने के लिए नई रणनीति पर काम कर रही हैं।

EV Policy 2026 : देश के ट्रांसपोर्ट सेक्टर में आने वाले समय में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर प्रदूषण कम करने और क्लीन फ्यूल वाहनों को बढ़ावा देने के लिए नई रणनीति पर काम कर रही हैं। इसी दिशा में उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों में पुराने कमर्शियल वाहनों को स्क्रैप कर नई तकनीक वाली बसों और ट्रकों की खरीद पर 100 प्रतिशत तक रोड टैक्स छूट देने पर विचार किया जा रहा है। EV Policy 2026
दिल्ली में आयोजित “क्लीनर फ्रेट” कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्रालय के एडिशनल सेक्रेटरी महमूद अहमद ने संकेत दिए कि कई राज्यों के साथ इस प्रस्ताव पर बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य पुराने BS-VI से पहले के भारी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर उन्हें आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल वाहनों से बदलना है। इस योजना के तहत राज्यों द्वारा मोटर व्हीकल टैक्स और रोड टैक्स में पूर्ण छूट देने की संभावना पर भी चर्चा की जा रही है, जिससे ट्रक और बस ऑपरेटरों को सीधा आर्थिक लाभ मिल सके। इस ट्रांजिशन को आसान बनाने के लिए वाहन निर्माता कंपनियों के साथ भी समझौते किए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ऑटो इंडस्ट्री ने नई कमर्शियल गाड़ियों की एक्स-शोरूम कीमत पर लगभग 8 प्रतिशत तक छूट देने पर सहमति जताई है। इसका उद्देश्य ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों पर वित्तीय दबाव कम करना और नई गाड़ियों को अपनाने की गति बढ़ाना है। सरकार की योजना के तहत इस स्कीम को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए प्रशासन और बैंकों की मदद ली जाएगी। अलग-अलग जिलों में वाहन मालिकों से संपर्क कर उन्हें स्क्रैपिंग और नई गाड़ियों के फायदे समझाए जाएंगे। इसके जरिए ट्रांसपोर्ट सेक्टर को धीरे-धीरे ग्रीन मोबिलिटी की ओर ले जाने की कोशिश की जाएगी। EV Policy 2026
इसी बीच दिल्ली सरकार ने नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी को मंजूरी दी है, जिसका मुख्य उद्देश्य चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना है। इस नीति के तहत अगले चार वर्षों में राजधानी में 30,000 से अधिक ईवी चार्जिंग पॉइंट स्थापित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में कैबिनेट द्वारा मंजूर यह नीति 1 जुलाई से लागू होकर 31 मार्च 2030 तक प्रभावी रहेगी। सरकार का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों के तेजी से विस्तार के लिए मजबूत चार्जिंग नेटवर्क सबसे जरूरी आधार है। इसी को ध्यान में रखते हुए दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए स्थानों की पहचान पहले ही कर ली गई है। परिवहन मंत्री पंकज सिंह के अनुसार, आने वाले महीनों में बड़े स्तर पर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा, जिससे राजधानी में ईवी अपनाने की गति और तेज हो सके। EV Policy 2026
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