संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कही बड़ी बात, खूब हो रही है चर्चा
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने ज्ञान सभा में बोलते हुए एक बड़ी बात बोल दी है जो चंद मिनटों में ही सोशल मीडिया पर आग की तरह फेल गई है। जिसके बाद चारों पर मोहन भागवत की खूब चर्चा हो रही है।
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RP Raghuvanshi
02 Dec 2025 04:05 AM
राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ को संघ तथा RSS के नाम से भी जाना जाता है। RSS के मुखिया को सर संघ चालक कहा जाता है। वर्तमान में RSS के सर संघ चालक मोहन भागवत हैं। मोहन भागवत ने एक बार फिर से बड़ी बात कही है। RSS प्रमुख ने यह बड़ी बात भारत की पहचान, भारत के गौरव तथा भारत के भविष्य के लिए कही है। RSS प्रमुख मोहन भागवत के द्वारा कही गई बड़ी बात की खूब चर्चा हो रही है। RSS
RSS प्रमुख ने कहा कि भारत बस भारत है इसका अनुवाद गलत
आपको बता दें कि RSS प्रमुख मोहन भागवत ने ज्ञान सभा में बोलते हुए यह बड़ी कही है। ज्ञान सभा का आयोजन RSS के सहयोगी संगठन शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास ने किया था। ज्ञान सभा में बोलते हुए RSS के सर संघ चालक मोहन भागवत ने कहा कि भारत केवल भारत है 'भारत' का अनुवाद नहीं किया जाना चाहिए अन्यथा यह अपनी पहचान और विश्व में इसे जो सम्मान प्राप्त है, वह खो देगा। RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि इंडिया तो 'भारत' है लेकिन जब हम इसके बारे में बात करते हैं, लिखते हैं या बोलते हैं तो इसे भारत ही बोला जाना चाहिए फिर चाहे वह सार्वजनिक रूप से हो या व्यक्तिगत रूप से। उन्होंने कहा कि "क्योंकि यह भारत है" इसलिए भारत की पहचान का सम्मान किया जाता है। उन्होंने कहा, ‘''भारत एक व्यक्तिवाचक संज्ञा है। इसका अनुवाद नहीं किया जाना चाहिए। यह सच है कि 'इंडिया भारत है'। लेकिन भारत, भारत है। इसलिए बातचीत, लेखन और भाषण के दौरान फिर चाहे वह व्यक्तिगत हो या सार्वजनिक हमें भारत को भारत ही रखना चाहिए।'' उन्होंने कहा, ''भारत को भारत ही रहना चाहिए। भारत की पहचान का सम्मान किया जाता है क्योंकि यह भारत है। अगर आप अपनी पहचान खो देते हैं तो चाहे आपके कितने भी अच्छे गुण क्यों न हों आपको इस दुनिया में कभी सम्मान या सुरक्षा नहीं मिलेगी। यही मूल सिद्धांत है।''
भारत के शेर बनने का समय आ गया है
ज्ञान सभा में RSS प्रमुख केवल भारत की परिभाषा तक ही नहीं रूके। RSS प्रमुख मोहन भागवत ने आगे कहा कि दुनिया ताकत की भाषा समझती है इसलिए भारत को आर्थिक दृष्टि से भी शक्तिशाली और समृद्ध बनना होगा। भागवत ने कहा कि भारत को अब सोने की चिडय़िा बनने की जरूरत नहीं है बल्कि अब शेर बनने का समय आ गया है। उन्होंने कहा, ''यह ज़रूरी है क्योंकि दुनिया ताकत को समझती है। इसलिए भारत को ताकतवर बनना होगा। उसे आर्थिक दृष्टि से भी समृद्ध बनना होगा।'' उन्होंने स्पष्ट किया कि देश को दूसरों पर शासन करने के लिए नहीं,बल्कि विश्व की सहायता करने के लिए ताकतवर बनना चाहिए। अपने भाषण में भागवत ने यह भी कहा कि शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो किसी व्यक्ति को कहीं भी अपने दम पर जीवित रहने में मदद कर सके। RSS प्रमुख ने यह भी कहा कि ‘भारतीय’ शिक्षा त्याग और दूसरों के लिए जीना सिखाती है और अगर कोई चीज़ किसी व्यक्ति को स्वार्थी होना सिखाती है तो वह शिक्षा नहीं है।