संघ प्रमुख मोहन भागवत का बयान बन गया बड़ा विषय, राजनीति तेज
RSS Chief
भारत
चेतना मंच
11 Jul 2025 01:43 PM
RSS Chief : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को RSS के नाम से जाना जाता है। RSS के मुखिया को सर संघ चालक कहा जाता है। वर्तमान में RSS के सर संघ चालक मोहन भागवत हैं। RSS के सर संघ चालक मोहन भागवत ने बृहस्पतिवार को नागपुर में एक बड़ा बयान दिया है। RSS प्रमुख मोहन भागवत का यह ताजा बयान बड़ा विषय बन गया है। RSS प्रमुख मोहन भागवत के बयान से राजनीति तेज हो गयी है। राजनीतिक हल्कों में RSS चीफ मोहन भागवत के बयान के अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं।
RSS चीफ का यह बयान बन गया बड़ा विषय
RSS प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर हो रही राजनीति की बात करने से पहले RSS चीफ के बयान को जान लेना जरूरी है। बृहस्पतिवार को RSS प्रमुख मोहन भागवत नागपुर में थे। नागपुर में RSS चीफ RSS के पुराने नेता मोरोपंत पिंगले की स्मृति में प्रकाशित किताब के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में बोलते हुए RSS चीफ मोहन भागवत ने अनेक बात कही। इस बीच RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि नेताओं को 75 साल की उम्र में सेवानिवृत्त हो जाना चाहिए। उन्होंने नागपुर में एक कार्यक्रम में कहा कि जब आपको कोई 75 साल का होने पर बधाई देता है, तो इसका मतलब है कि आपको रुक जाना चाहिए। दूसरों को काम करने का मौका देना चाहिए।
RSS प्रमुख भागवत ने आपातकाल (1975) के बाद राजनीतिक बदलाव के दौरान पिंगले की भविष्यवाणियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा, जब चुनाव की चर्चा हुई, मोरोपंत ने कहा था कि अगर सभी विपक्षी दल एक साथ आएं तो करीब 276 सीटों पर जीत जाएंगे और जब परिणाम आए, तो 276 सीटों पर ही जीत हुई। हालांकि, वे चुनाव परिणाम के दौरान इन चर्चाओं से दूर रहे। RSS प्रमुख ने कहा कि पिंगले ने कभी अपनी उपलब्धियों का जिक्र नहीं किया। वह अपनी मुस्कुराहट से विषयों को बदल देते थे और किसी भी सम्मान समारोह में जाने से भी बचते थे।
RSS प्रमुख मोहन भागवत के 75 साल वाले बयान पर राजनीति तेज
RSS प्रमुख मोहन भागवत का 75 साल वाला बयान प्रकाशित होते ही इस बयान पर राजनीति तेज हो गई है। अनेक विपक्षी नेताओं ने कहना शुरू कर दिया है कि RSS प्रमुख ने 75 साल का होने पर नेता को रिटायर होने की बात के बहुत बड़े मायने हैं। विपक्षी नेताओं ने कहा कि सितंबर-2025 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 75 साल के हो रहे हैं। RSS प्रमुख ने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को रिटायर होने की सलाह दी है। विपक्षी नेता RSS प्रमुख मोहन भागवत के बयान को अपने-अपने ढंग से पेश करने में लगे हुए हैं। विपक्ष के ज्यादातर नेता भाजपा को पूर्व उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी तथा जसवंत सिंह आदि भाजपा नेताओं की याद दिला रहे हैं। इन नेताओं को 75 साल की उम्र के कारण सक्रिय राजनीति से दूर कर दिया गया था। RSS प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर शिवसेना से लेकर कांग्रेस तक के अनेक विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया आई है। भाजपा की तरफ से RSS प्रमुख मोहन भागवत के बयाान पर कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की गयी है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ ही 75 साल के हो रहे हैं RSS प्रमुख
मजेदार बात यह है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ ही खुद RSS प्रमुख मोहन भागवत भी सितंबर-2025 में पूरे 75 साल के हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा RSS चीफ मोहन भागवत का जन्म एक ही वर्ष, एक ही महीने में कुछ ही दिनों के अंतराल पर हुआ था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को हुआ था। वहीं RSS प्रमुख मोहन भागवत का जन्म 11 सितंबर 1950 को हुआ था। RSS प्रमुख मोहन भागवत भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से कुल 6 दिन बड़े हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा हो रही है कि 75 साल की उम्र में नेताओं को रिटायर होने की बात करके RSS प्रमुख मोहन भागवत ने अपने रिटायर होने के संकेत दिए हैं। यहां यह जान लेना भी जरूरी है कि RSS दुनिया का सबसे बड़ा सामाजिक संगठन है। भारत की सत्ता पर कायम भारतीय जनता पार्टी RSS की एक उप शाखा है। RSS प्रमुख का बयान भाजपा तथा RSS दोनों के लिए ही पत्थर की लकी माना जाता है। अगले कुछ दिनों में RSS प्रमुख मोहन भागवत के बयान का बड़ा असर देखने को मिल सकता है।