RSS का 'घुसपैठ विरोधी रोडमैप', PM मोदी ने क्यों कहा ये है सबसे बड़ी चुनौती?
भारत
चेतना मंच
02 Oct 2025 09:38 AM
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर दिल्ली में आयोजित शताब्दी समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संघ की विचारधारा और राष्ट्रीय भूमिका पर विस्तार से बात की। इस मौके पर पीएम मोदी ने विशेष डाक टिकट और 100 रुपये का स्मृति सिक्का जारी किया। लेकिन इस समारोह में सबसे ज्यादा ध्यान खींचा प्रधानमंत्री के उस बयान ने जिसमें उन्होंने घुसपैठ और डेमोग्राफिक बदलाव जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए संघ के रोडमैप का जिक्र किया। PM Modi Speech
डाक टिकट और सिक्के के जरिए 100 वर्ष की यात्रा का सम्मान
समारोह में जारी किए गए सिक्के की एक तरफ "सत्यमेव जयते" और "भारत-India" लिखा है जबकि दूसरी ओर भारत माता और संघ स्वयंसेवकों की आकृति उकेरी गई है, साथ में लिखा है “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष”। ये प्रतीक सिर्फ स्मृति चिन्ह नहीं बल्कि एक विचारधारा और राष्ट्र निर्माण के 100 साल का प्रतीक हैं।
राष्ट्र प्रथम ही संघ और स्वयंसेवकों का एकमात्र लक्ष्य-PM Modi
प्रधानमंत्री ने कहा कि, “संघ और स्वयंसेवकों का केवल एक ही लक्ष्य है राष्ट्र प्रथम।" उन्होंने साफ तौर पर कहा कि भारत के सामने जो बड़ी चुनौतियां हैं चाहे वो घुसपैठ, डेमोग्राफिक बदलाव, या राष्ट्र की एकता पर प्रहार। सरकार उन पर तेजी से काम कर रही है और संघ भी एक ठोस रणनीति के साथ तैयार है।
घुसपैठियों के खिलाफ क्या है संघ का रोडमैप?
प्रधानमंत्री के बयान के बाद अब सवाल उठ रहा है कि आखिर संघ का रोडमैप है क्या? सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पास देशभर में 1 करोड़ से अधिक कार्यकर्ता हैं, जो जिला, तालुका और गांव स्तर तक सक्रिय हैं। ये कार्यकर्ता न सिर्फ सामाजिक संगठनों के साथ जुड़े हैं, बल्कि स्थानीय प्रशासन और पुलिस के साथ मिलकर जमीनी स्तर पर घुसपैठ की पहचान करने में सहयोग भी कर सकते हैं। संघ पहले भी कह चुका है कि, देश में मजबूत घुसपैठ विरोधी नीति होनी चाहिए। सीमा सुरक्षा, जनसंख्या नियंत्रण, और नागरिकता कानून को कड़ाई से लागू किया जाना चाहिए। नागरिकों को जनसंख्या संतुलन और आंतरिक सुरक्षा के खतरों को लेकर जागरूक किया जाए।
पीएम मोदी की चेतावनी
पीएम मोदी ने कहा कि, “आज सामाजिक समानता पर सबसे बड़ा खतरा बदलती डेमोग्राफी से है। यह घुसपैठ से भी अधिक गंभीर चुनौती है।” उन्होंने यह भी कहा कि जातिवाद, क्षेत्रवाद, भाषावाद और चरमपंथी सोच ये सब मिलकर राष्ट्र की एकता को कमजोर करते हैं। इसी कारण उन्होंने लाल किले से डेमोग्राफिक मिशन की घोषणा की थी, ताकि आने वाले समय में देश इस चुनौती से निपटने के लिए तैयार हो।
पीएम मोदी का यह बयान स्पष्ट करता है कि सरकार और संघ देश की आंतरिक सुरक्षा और जनसंख्या संतुलन जैसे मुद्दों पर एक जैसी चिंता और विजन रखते हैं। और अब जब प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक मंच पर संघ के घुसपैठ विरोधी रोडमैप का जिक्र किया है तो ये साफ है कि आने वाले समय में इस दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकते हैं। PM Modi Speech