मुंबई में रुबेला और खसरा संक्रमण का कहर, बढ़ते मामले को देख सजग हुआ स्वास्थ्य मंत्रालय, शुरू हुआ वैक्सीनेशन
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 04:53 AM
Mumbai- देश की आर्थिक राजधानी मुंबई कि स्लम इलाकों में खसरा और रूबेला संक्रमण का मामला बढ़ने की वजह से राज्य में दहशत का माहौल है। कोरोना और स्वाइन फ्लू के बाद अब स्लम इलाकों में फैल रहे खसरा और रूबेला संक्रमण कि पढ़ते हुए मामले को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय एक्टिव मोड पर आ गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से एक खास टीम तैयार की गई है जो राज्य के स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ मिलकर संक्रमण को फैलने से रोकने व आवश्यक रोकथाम के उपायों पर काम करेगी।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा मुंबई (Mumbai) में खसरा और रूबेला के मामलों में रोकथाम के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है। इस टीम में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र नई दिल्ली, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज नई दिल्ली, व स्वास्थ्य और परिवार कल्याण के क्षेत्रीय कार्यालय पुणे महाराष्ट्र के विशेषज्ञ शामिल है।bइस टीम का नेतृत्व कर रहे हैं डॉक्टर अनुभव श्रीवास्तव, उपनिदेशक एकीकृत रूप निगरानी कार्यक्रम एनसीडीसी मंत्रालय की तरफ से।
बढ़ते मामलों को देखते हुए शुरू किया गया वैक्सीनेशन -
बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) की तरफ से शहर के कई वार्डों में संक्रमण के बढ़ते हुए मामले को देखते हुए वैक्सीनेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक परेल, बांद्रा पूर्व, सांताक्रुज पूर्व, कुर्ला, गोवंडी चेंबूर और मलाड पश्चिम इलाकों में वैक्सीनेशन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गौरतलब है रूबेला और खसरा संक्रमण का मामला अधिकतर 0 से 5 वर्ष की आयु के बच्चों में देखने को मिल रहा है। इसे मद्देनजर रखते हुए छोटे बच्चों के माता-पिता से या अपील की जा रही है कि 9 महीने से लेकर 16 महीने तक के बच्चों टीकाकरण करवाएं। कोशिश की जा रही है कि अधिक से अधिक बच्चों का टीकाकरण किया जा सके।
संक्रमण से अब तक तीन बच्चों की हुई मौत-
अधिकारियों के मुताबिक मुंबई में इस खसरा संक्रमण के लगभग 90 मामले सामने आए हैं, जिनमें से तीन बच्चों की खसरा की वजह से मृत्यु की आशंका जताई जा रही है। बीएमसी के कार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी मंगला गोमारे ने बताया कि जनवरी से अब तक विभिन्न इलाकों में खसरे के कई मामले सामने आ चुके हैं।
अधिकारियों के अनुसार खसरे का सर्वाधिक संक्रमण गोवंडी क्षेत्र में पाया गया, जहां अब तक खसरे के 23 मरीज मिल चुके हैं। जबकि तीन बच्चों की मौत हो चुकी है, जिनकी आयु क्रमशः 3 व 5 वर्ष बताई जा रही है। कस्तूरबा अस्पताल में खतरे के लिए बनाए गए 1 वार्ड में 35 लोगों का इलाज चल रहा है। बताया जा रहा है जो भी संक्रमण के मामले सामने आए हैं, उनमें से 10% मामले ऐसे हैं जिनका टीकाकरण नहीं हुआ है।