बिहार में चुनाव से पहले वोटर लिस्ट पर बवाल, मानसून सत्र में विपक्ष का हल्ला बोल
Monsoon Session
भारत
चेतना मंच
26 Nov 2025 09:25 PM
Monsoon Session : आगामी संसद के मानसून सत्र में केंद्र सरकार को घेरने के लिए आई.एन.डी.आई.ए (INDIA) गठबंधन ने कमर कस ली है। शनिवार को इस विपक्षी गठबंधन की ऑनलाइन बैठक आयोजित हुई जिसमें देशभर की 24 राजनीतिक पार्टियों ने हिस्सा लिया। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई और तय किया गया कि संसद सत्र के दौरान इन मसलों को जोर-शोर से उठाया जाएगा। खासतौर पर बिहार में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विपक्ष सत्तारूढ़ एनडीए पर हमलावर रुख अपनाएगा।
अहम मुद्दों पर हुई विस्तार से चर्चा
बैठक की जानकारी कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सत्र पूर्व एक सोशल मीडिया पोस्ट में दी। उन्होंने बताया कि बैठक में बिहार में चुनाव आयोग द्वारा कराई जा रही मतदाता सूची की विशेष समीक्षा प्रक्रिया, पहलगाम आतंकी हमला, ऑपरेशन सिंदूर, भारत-पाक तनाव में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कथित मध्यस्थता और जज यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग की मांग जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
सरकार की चुनावी धांधली की रणनीति का हिस्सा
विपक्षी दलों का मानना है कि बिहार में विधानसभा चुनावों से ठीक पहले वोटर लिस्ट की गहन समीक्षा प्रक्रिया कराना निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है। इन दलों ने इस प्रक्रिया को रद्द करने की मांग की है। उनका आरोप है कि यह सरकार की चुनावी धांधली की रणनीति का हिस्सा है। बैठक में यह भी तय किया गया कि संसद सत्र के दौरान विपक्ष देश की प्रमुख समस्याओं जैसे कि जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने, महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार, बेरोजगारी, किसानों की समस्याएं और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मसलों को भी संसद के भीतर जोरदार ढंग से उठाएगा।
कई दिग्गज नेता हुए शामिल
इस महत्वपूर्ण बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, शरद पवार, उद्धव ठाकरे, तेजस्वी यादव, अभिषेक बनर्जी, हेमंत सोरेन, रामगोपाल यादव, तिरुचि शिवा, डी. राजा, दीपांकर भट्टाचार्य सहित कई अन्य दिग्गज नेता शामिल हुए। विपक्ष ने इस मंच से एक बार फिर एकजुटता और साझा रणनीति का संदेश दिया है, जो सत्तारूढ़ दल के लिए मानसून सत्र में बड़ी चुनौती साबित हो सकता है। अब देखना यह होगा कि संसद में इन मुद्दों को लेकर बहस किस दिशा में जाती है और जनता के मुद्दों को कितना महत्व मिलता है।