Saharanpur News : सहारनपुर की देवबंद तहसील में 20 हजार गन्ना किसान (farmers) को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा हैं। हाल ये है कि किसान (farmers) एक एक पैसे को मोहताज हो गया है। उनका कर्ज लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन सरकार किसानों (farmers) की इस हालत पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। कोविड (covid-19) के बाद लगे लॉकडाउन के कारण चीनी मिल द्वारा गन्ना भुगतान न होने के कारण किसान आर्थिक तंगी झेलने को मजबूर हैं। नागल की बजाज शुगर मिल पर किसानों का 285 करोड़ बकाया है। किसानों का कहना है कि पेराई सत्र 2020-21 में मात्र एक माह का ही गन्ने का भुगतान हो पाया है। क्षेत्र के किसान लगातार प्रदेश सरकार से शीघ्र गन्ना मूल्य का भुगतान कराने की मांग कर रहे हैं।
नागल की बजाज शुगर मिल द्वारा इस सत्र में एक माह का ही गन्ना भुगतान किया गया है। जिस कारण 20 हजार परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं। भुगतान न होने से किसानों को अपने परिवार का भरण पोषण करना मुश्किल हो रहा है। बसेड़ा निवासी नरेंद्र कुमार, हरीश कुमार, खटोली के आदेश कुमार, तहसीन प्रधान, नगली मेहनाज के आजाद कुमार, राकेश कुमार, पिरड़ के ओमपाल आदि किसानों ने बताया कि बजाज शुगर मिल द्वारा इस पेराई सत्र में उन्हें 30 दिन का ही भुगतान किया गया है।
गन्ने का भुगतान न होने के कारण किसान घर के लिए आवश्यक वस्तुएं, कीटनाशक दवाइयां व खाद समेत अन्य सामान नहीं खरीद पा रहे हैं। किसानों ने सरकार से तत्काल गन्ना भुगतान कराने और बारिश व ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा दिलाने की मांग की है। क्षेत्र के किसानों में नागल की बजाज शुगर मिल के खिलाफ भारी रोष बना हुआ है।
नागल क्षेत्र के किसान जहां बजाज शुगर मिल द्वारा गन्ना भुगतान न होने से आर्थिक समस्या से जूझ रहे हैं। वहीं दूसरी ओर बिजली विभाग का बैंकों द्वारा किसानों की आरसी काटी जा रही है जिसके चलते अब तक नलकूपों के कनेक्शन विद्युत निगम द्वारा काट दिए गए हैं। किसानों का आरोप है कि सरकार चीनी मिल के ऊपर तो कोई दबाव नहीं बना रही है, उल्टा उनके खिलाफ आरसी की कार्रवाई की जा रही है।
जिला गन्ना अधिकारी कृष्ण मोहन त्रिपाठी का कहना है कि बजाज शुगर मिल द्वारा अभी हाल में ही कुछ बकाया गन्ना भुगतान किया है। शेष गन्ना भुगतान कराने के लिए चीनी मिल को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। जबकि जिले की अन्य चीनी मिलों द्वारा 85 से 90 प्रतिशत गन्ना भुगतान कर दिया गया है।