
Saharanpur News : जमीयत उलेमा ए हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने प्रसिद्ध इस्लामिक विद्वान मौलाना कलीम maulana kaleem सिद्दीकी की गिरफ्तारी पर कहा है कि मौलाना पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद है। क्योंकि किसी भी व्यक्ति का जबरन धर्मपरिवर्तन नहीं कराया जा सकता है।
मीडिया को जारी बयान में मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि किसी भी धर्म को अख्तियार करना आस्था से जुड़ा मामला होता है। कहा कि जबरदस्ती या लालच देकर किसी के धर्म को परिवर्तित कराया जा सकता तो इस्लामिक देशों विशेष तौर पर सऊदी अरब में रह रहे लाखों गैर मुस्लिमों का भी मतांतरण कराया जा चुका होता। मदनी ने कहा कि मौलाना कलीम सिद्दीकी ने ऐसे क्षेत्रों में दीन की तालीम देने का काम किया जहां मुसलमान बहुत कम है और दीन से दूर हैं। ऐसे लोगों को दीन की शिक्षा देने के लिए ही मदरसे भी कायम किए। कहा कि मदरसों के खर्च के लिए चंदे के रुप में आने वाले पैसे को विदेशी फंडिंग बताना गलत है। उन्होंने कहा कि मौलाना कलीम सिद्दीकी की गिरफ्तारी अफसोसनाक घटना है। देश के न्याय पसंद लोगों को इसके विरुद्ध आगे आना चाहिए। ताकि सांप्रदायिक शक्तियों की साजिशें नाकाम बनाई जा सके।
मौलाना अरशद मदनी ने मीडिया की भूमिका पर भी सवाल उठाए। कहा कि मीडिया का किसी भी मामले में जज बन जाना सरासर गलत है। इलेक्ट्रोनिक मीडिया पर मौलाना कलीम सिद्दीकी की गिरफ्तारी को जिस प्रकार प्रसारित किया जा रहा है। उसकी जितनी निंदा की जाए कम है।