
Saharanpur News : देवबंद के गांव सांपला खत्री में दो परिवारों में चल रहे दशकों पुराने जमीनी विवाद (land dispute) को लेकर को एक पक्ष के व्यक्ति ने राजस्व और पुलिस प्रशासन पर शोषण का आरोप लगाते हुए 4 बच्चों समेत मिट्टी का तेल डाल आत्मदाह का प्रयास (attempted suicide) किया। सूचना से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने मामला संभालते हुए दोनों पक्षों के छह लोगों को हिरासत में लिया।
गांव सांपला खत्री में शहजाद और तौफीक के परिवारों में पिछले 25 वर्षों से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। दोनों पक्षों के बीच न्यायालय में भी यह मामला चल रहा है। शहजाद न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए पिछले कुछ दिनों से अपने हिस्से की जमीन खसरा संख्या 131 में निर्माण कार्य करा रहा था। इससे नाराज तौफीक अपने बच्चों को लेकर निर्माण स्थल पर जा पहुंचा और अपनी पत्नी तीनों बच्चों पर मिट्टी का तेल छिड़क कर आत्महत्या का प्रयास करने लगा। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने तौफीक और उसके परिवार को किसी तरह रोके रखा और पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना पाते ही पुलिस प्रशासन में अफरातफरी मच गई। आनन-फानन में मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों के छह लोगों को हिरासत में लिया और कोतवाली ले आई। प्रभारी निरीक्षक योगेश शर्मा ने बताया कि दोनों पक्षों से जमीन के दस्तावेज मंगाए गए हैं। बताया कि उक्त प्रकरण सिविल कोर्ट में भी है। जिसमें एक पक्ष के पास खसरा संख्या 131 में निर्माण कार्य में हस्तक्षेप न होने देने निर्देश हैं। दस्तावेजों के निरीक्षण के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व अधिकारी रिजवान अली ने बताया कि शहजाद पक्ष खसरा नबंर 131 का स्वामी है जबकि तौफीक पक्ष खसरा नबंर 158 का स्वामित्व रखता है। निर्माण कार्य 131 में हो रहा है। जिसकी जांच रिपोर्ट एसडीएम कार्यालय में भी दे दी गई है।