Sanjay Gandhi Birthday Special- संजय गांधी को दिया जाता है भारत में कार लाने का श्रेय
भारत
चेतना मंच
14 Dec 2022 01:59 PM
Sanjay Gandhi Birthday Special- संजय गांधी भारतीय राजनीति का एक अहम हिस्सा थे। राजनीति में इनका जो योगदान रहा है वो काफी शक्तिशाली रहा। संजय गांधी, इंदिरा गांधी के छोटे बेटे थे। जब इंदिरा गांधी देश की बागडोर संभाल रही थीं तभी से संजय एक शासक की तरह उभर गए।
संजय गांधी का जन्म 14 दिसंबर 1946 में हुआ था। ये भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बेटे थे और इनके बड़े भाई राजीव गांधी थे। इनकी शुरुआती पढ़ाई भारत के देहरादून से हुई। इसके बाद ये स्विट्जरलैंड चले गए। आगे की पढ़ाई इनकी स्विट्जरलैंड के इंटरनेशनल बोर्डिंग स्कूल इकोल ही ह्यूमनाइट से हुई। संजय को पढ़ाई से कहीं ज्यादा रुचि मशीनों में थी। ऐसा बताया जाता है कि वो बचपन से ही जब किसी भी मशीनी चीज़ को देखते थे तो उसे खोल खाल के बैठ जाया करते थे। मशीन में इतनी दिलचस्पी होने की वजह से ही उन्होंने इंग्लैंड के रोल्स रॉयस ऑटोमोटिव इंजीनियरिंग में तीन साल की इंटर्नशिप की थी। भारत में मारुति कार को लाने का श्रेय भी संजय गांधी (Sanjay Gandhi) को दिया जाता है। इनके पास पायलट का भी लाइसेंस था।
जब इंदिरा गांधी ने भारत की सत्ता अपने हाथों में ली तो उसके बाद संजय को अपनी इंटर्नशिप को वहीं पर विराम देना पड़ा और वो भागकर इंडिया आए। इसके बाद इंदिरा गांधी आयरन लेडी बनीं और कांग्रेस में अपना दबदबा कायम किया। संजय की भी इसके चलते एक मजबूत पकड़ बन गई। ज्यादातर अहम फैसले संजय ही लिया करते थे। संजय के किसी भी फैसले को इंदिरा गांधी ने कभी इंकार नहीं किया था।
संजय गांधी को देश में कार लाने का दिया जाता है श्रेय-
बात 1971 की थी जब कैबिनेट में इंदिरा ने लोगो की कार का प्रस्ताव सभी के सामने रखा था। इसके बाद मारुति मोटर्स लिमिटेड ही भारत में अस्तित्व में आई थी। हालांकि बाद में इंदिरा गांधी सरकार को आलोचनाओं का भी शिकार होना पड़ा था फिर जब इंडो- पाक वार हुआ, उसके बाद सबका ध्यान इधर से हटकर उधर चला गया।
उस समय मारुति कार के मैनेजिंग डायरेक्टर संजय ही थे। मगर एक मजेदार बात भी है इसको लेकर। दरअसल जब तक संजय जीवित थे तब तक मारुति ने एक भी कार नहीं बनाई थी। आज के समय में ये कंपनी कार की सबसे सफल कंपनियों में से एक है। संजय गांधी को कभी भी कोई औपचारिक पद नहीं मिला। इसके बावजूद उनका बहुत बड़ा योगदान राजनीति में रहा। 23 जून 1980 को संजय गांधी (Sanjay Gandhi) यात्रा कर रहे थे और उस दौरान विमान दुर्घटना में उनकी मौत हो गई।