
सार
नई दिल्ली। मणिपुर में चल रही हिंसा और दरिंदगी का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले को लेकर विपक्ष पूरी तरह मुखर है तो सरकार मामले को दूसरे प्रदेशों की दिशा में मोड़ने में व्यस्त है। इस बीच राज्यसभा से निलंबित किए गए आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह समेत विपक्ष के अनेक सांसद रातभर धरने पर बैठे रहे।
विस्तार
Sansad News : मणिपुर को लेकर विपक्षी दल व केंद्र सरकार आमने सामने है। संद के मानसून सत्र के दौरान हो रहे हंगामे से साफ जाहिर है कि यह मामला अभी थमने वाला नहीं है। विपक्षी दलों के गठबंधन ''इंडिया'' के नेताओं की मांग है कि मणिपुर के मुद्दे पर पीएम मोदी संसद में आकर वकत्व्य दें। साथ नियम 267 के तहत चर्चा कराई जाए। इससे पहले विपक्षी नेता कुछ भी सुनने को तैयार नहीं है।
इसी मांग को लेकर विपक्षी सांसद रातभर संसद परिसर में धरने पर बैठे रहे। धरने पर लोकगीत व संगीत का दौर भी चला और नारेबाजी भी होती रही। विपक्षी सांसदों के तेवर देखकर लग रहा है कि इस मामले में मंगलवार को भी सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के बीच टकराव जारी रहेगा। इस बीच सरकार के कुछ सूत्र विपक्षी नेताओं को मनाने में लगे हुए हैं किंतु बात बनती हुई नजर नहीं आ रही है।
इस बीच राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि मणिपुर के हालात बेहद चिंताजनक हैं। ऐसे में यह आवश्यक है कि पीएम मोदी संसद में आकर सांसदों व पूरे देश को असली हालात की जानकारी दें। साथ ही सरकार अल्पकालीन चर्चा का विकल्प तुरंत छोड़कर नियम 267 के तहत चर्चा कराने का फैसला करे। उन्होंने कहा कि विपक्ष के एक भी सांसद को अल्पकालीन चर्चा नहीं चाहिए। सभी का एक मत है कि मणिपुर पर नियम 267 के तहत ही चर्चा होनी चाहिए।
इस बीच मणिपुर से लगातार हिंसा की खबरें आ रही है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, मणिपुर में हिंसा के हालात बेकाबू स्थिति तक पहुंच गए हैं। गांवों, शहरों व कस्बों से विस्थापित होकर शिविरों में रह रहे लोगों भी उपद्रवी हमले कर रहे हैं। Sansad News