सूर्य ग्रहण के बीच कैसे करें सर्वपितृ अमावस्या का पितरों का श्राद्ध? जानिए पूरी जानकारी
भारत
चेतना मंच
21 Sep 2025 08:55 AM
21 सितंबर 2025 को एक खास ज्योतिषीय संयोग बन रहा है साल का आखिरी सूर्य ग्रहण और सर्वपितृ अमावस्या दोनों एक साथ पड़ रहे हैं। इस दिन उन पितरों का श्राद्ध किया जाता है जिनकी मृत्यु तिथि ज्ञात नहीं होती। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं कि सूर्य ग्रहण के कारण इस बार पितरों के तर्पण और श्राद्ध कैसे किए जाएं। Surya Grahan 2025
सूर्य ग्रहण कब और कितना होगा?
इस साल का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण 21 सितंबर की रात 11 बजे शुरू होगा और अगले दिन यानी 22 सितंबर की सुबह 3:23 बजे समाप्त होगा। यह एक आंशिक सूर्य ग्रहण होगा, जिसका चरम समय रात 1 बजकर 11 मिनट पर होगा। इस ग्रहण का भारत में दृश्य होना नहीं है लेकिन इसका धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व बना रहेगा। खास बात यह भी है कि इसी दिन से शारदीय नवरात्रि भी शुरू हो रही है जिससे दिन की महत्ता और बढ़ जाती है।
सर्वपितृ अमावस्या की तिथि और महत्व
सर्वपितृ अमावस्या की शुरुआत 21 सितंबर को आधी रात के लगभग 12:16 बजे होगी और यह अगले दिन 22 सितंबर की सुबह 1:23 बजे तक रहेगी। इस दिन की सबसे खास बात यह है कि इस अमावस्या पर उन सभी पितरों का श्राद्ध और तर्पण किया जाता है जिनकी मृत्यु तिथि याद नहीं होती। यह दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए अत्यंत पावन माना जाता है।
श्राद्ध और तर्पण का शुभ समय
द्रिक पंचांग के अनुसार, श्राद्ध और तर्पण के लिए खास मुहूर्त भी निर्धारित हैं।
कुतुप मुहूर्त: सुबह 11:50 से दोपहर 12:38 तक
रौहिणी मुहूर्त: दोपहर 12:38 से 1:27 तक
अपराह्न बेला: दोपहर 1:27 से शाम 3:53 तक
ग्रहण के चलते इस बार पितरों के श्राद्ध में कोई बाधा नहीं आएगी। लोग तय समय पर विधिपूर्वक तर्पण कर सकते हैं।
ज्योतिष शास्त्र में सूर्य ग्रहण के पहले 12 घंटे के सूतक काल को अशुभ माना जाता है जिसमें कोई शुभ कार्य या धार्मिक अनुष्ठान करने से बचना चाहिए। हालांकि, इस बार का सूर्य ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं होगा इसलिए भारत में सूतक काल का पालन आवश्यक नहीं होगा। इससे भी सर्वपितृ अमावस्या के श्राद्ध कर्मों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इस तरह यह दिन पितरों की याद में श्राद्ध और आस्था के साथ मनाया जाएगा बिना किसी उलझन के। तो अगर आप भी इस वर्ष सर्वपितृ अमावस्या पर तर्पण करने जा रहे हैं तो ग्रहण की वजह से चिंता करने की जरूरत नहीं है। Surya Grahan 2025