
Scam WFH : वर्ष 2020 में कोरोना वायरस के कारण विश्वभर में लगे लॉक डाउन के बाद वर्क फ्रॉम होम का प्रचलन तेजी से बढ़ा है। हालांकि लॉक डाउन खुलने के बाद जहां कुछ कंपनियों ने अपने अपने दफ्तर खोलकर कर्मचारियों को कार्य पर बुला लिया, वहीं दूसरी ओर आज ज्यादातर कंपनियां घर से ही काम करा रही है। आज के वक्त में विश्व में ही नहीं भारत में भी कई बड़ी कंपनियों से लेकर छोटी कंपनियां भी घर से ही काम करा रही है। वर्क फ्रॉम होम के इस प्रचलन के बीच साइबर ठग भी पूरी तरह से सक्रिय हुए हैं। यह साइबर ठग वर्क फ्रॉम होम के बहाने लोगोंं के बैंक एकाउंट खाली करने का काम कर रहे हैं। वर्क फ्रॉम होम के नाम पर ठगी किए जाने के सैकड़ों मामले सामने आ चुके हैं।
Work From Home स्कैम के शिकार
प्रयागराज के रहने वाले एक इंजीनियर की नौकरी चली जाने के बाद उसने नए सिरे से नौकरी की तलाश की और कई जॉब पार्टल पर अपना रिज्यूम सेंड किया। एक दिन उसे WhatsApp पर मैसेज आता है। मैसेज एक जॉब प्रपोजल का था। इसमें कहा जाता है कि Concentrix नाम की एक कंपनी में वैकेंसी है और इसके लिए उसका CV शॉर्टलिस्ट किया गया है। इसके बाद सिर्फ़ दो दिन के अंदर उसके साथ 3.5 लाख की ठगी हो गई। इसी तरह UP के और शख्स के साथ 40 लाख रुपये की ठगी हो गई। उसके पास इतने पैसे थे भी नहीं, लेकिन दोस्तों से क़र्ज़ लेकर उसने ख़ुद स्कैमर्स को पैसे ट्रांसफ़र कर दिए।
वर्क फ्राम होम के तहत कुछ ठगबाज लोगों को झांसा देते हैं कि घर पर रहकर रोजाना लाखों रुपये कमाए जा सकते हैं। कुछ लोग दावा करते हैं कि एकाउंट को फॉलो और लाइक करने पर आपको पैसा मिलेगा। एकाउंट लाइक और फॉलो करने के काम को इस तरीके से बताया गया जैसे ये काम कंपनी के ग्रोथ के लिए काफी जरूरी है। बिल्कुल प्रोफेशनल तरीके से मैसेज ड्राफ्ट करके भेजे जाते हैं। हर दिन 20 अकाउंट फॉलो करने और पोस्ट लाइक करने के लिए कहा जाता है। कई बार फर्जी ID Card भी भेजा जाता है ताकि लोग आसानी से झांसे में आ जाएं।
कंपनी को एक को इंप्लॉइ की ज़रूरत है जो हमें अपने कस्टमर के पेजेज को फ़ॉलो करने में मदद करे। डेली बेसिस पर एक्स्ट्रा इनकम के लिए आप इसे ज्वाइन कर सकते हैं। पेमेंट के लिए आपको एक टेलीग्राम ग्रुप ज्वाइन कराया जाएगा, जहां डेली 20 से 25 टास्क दिए जाएंगे और हर टास्क के लिए 70 रुपये मिलेंगे।
टास्क के तौर पर हर दिन अलग अलग लोगों और पेज के इंस्टा हैंडल दिए जाते हैं। इन्हें फ़ॉलो करके स्क्रीनशॉट सेंड करना होता है। इसके बाद पेमेंट के तौर पर हर दिन अकाउंट में पैसे आने शुरू हो जाते हैं। यहां से ट्रस्ट बिल्ड करने का पूरा खेल शुरू हो जाता है।
पार्ट टाइम जॉब बता कर कहा जाता है कि दिन के 20-30 इंस्टा हैंडल और यूट्यूब वीडियो लाइक करने हैं जिसके लिए पैसे मिलेंगे। शाम तक स्कैमर्स उनके बैंक अकाउंट में पैसे डाल देते हैं। पैसे मिलने के बाद लोगों को भरोसा हो जाता है कि ये काम सही है। यहीं से शुरू होता है स्कैमर्स का असली काम। ठग पूरे दिन अलग अलग अकाउंट का हैंडल भेजते हैं और ये उन्हें अपने अकाउंट से फ़ॉलो करते हैं। इसी तरह YouTube वीडियो लाइक करने का भी टास्क होता है।
टास्क पूरा होते ही स्कैमर्स विक्टिम के बैंक अकाउंट में पैसे भेज देते हैं। इसके बाद विक्टिम्स को टेलीग्राम ग्रुप में ऐड किया जाता है जिसमें कुछ लोग पहले से होते हैं। ग्रुप में ऐड करने के बाद बताया जाता है कि आपको अगर और पैसे कमाने हैं तो कुछ टास्क दिए जाएंगे जिन्हें ग्रुप के साथ मिल कर कंप्लीट करना है। चूँकि उस ग्रुप में पहले से काफ़ी लोग होते हैं, इस वजह से विक्टिम को आसानी से भरोसा भी हो जाता है। दूसरी बात ये भी कि विक्टिम के अकाउंट में हर दिन कुछ पैसे स्कैमर्स भेजते रहते हैं, ताकि विक्टिम्स का भरोसा बना रहे।
दूसरा टास्क... अब दूसरे टास्क के तौर पर Telegram ग्रुप का एडमिन एक लंबा चौड़ा मैसेज सेंड करता है जो देखने में प्रोफेशनल लगता है। यहाँ ट्रेडिंग के कुछ स्टेप्स लिखे होते हैं और बताया जाता है कि कुछ रकम डालने से उसका कुछ परसेंट इंसेटिव के तौर पर मिलेगा। दरअसल, ये पूरा स्टेप सिर्फ़ इसलिए डिज़ाइन किया गया होता है ताकि लोगों को ऐसा लगे कि वो सही में ट्रेडिंग प्लैटफ़ॉर्म पर क्रिप्टो की ट्रेडिंग कर रहे हैं।
टेलीग्राम के उस ग्रुप का सुपरवाइजर एक क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लैटफॉर्म जैसी दिखने वाली वेबसाइट पर विक्टिम का अकाउंट बना कर देता है। लिंक क्लिक करके यूजरनेम पासवर्ड डालने पर एक क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लैटफॉर्म ओपन होता है। यहां Bitcoin, Eherium जैसे क्वाइन्स की ट्रेडिंग और ग्राफ दिखते हैं। ये पूरा प्लैटफॉर्म उनका ही बनाया हुआ एक मायाजाल जैसा होता है जो अपने आप में एक फ्रॉड है। यहाँ उनका नाम और डिटेल्स होते हैं। साथ ही यहाँ ट्रेडिंग जैसा दिखने वाला इंटरफ़ेस होता है और एक वर्चुअल वॉलेट होता है।
वर्क फ्रॉम होम के तहत आप जिस कंपनी में काम कर रहे हैं, उस कंपनी के दफ्तर जाने की जरूरत नहीं है। जो काम आप कंपनी के आफिस में बैठकर करते थे, वही काम घर पर रहकर किया जाता है। कार्य करने का समय कंपनी के नियमों के अनुसार तय होता है।
कोरोना वायरस के कारण लगे विश्व व्यापी लॉकडाउन के बाद यह प्रचलन बढ़ा। लॉकडाउन खुलने के बाद सरकार की ओर से दिशा निर्देश जारी किए गए कि दो गज की दूरी और कम भीड़ में ही कंपनियां काम करा सकती है। ऐसे में यदि कंपनी का दफ्तर खोलकर काम कराया जाता तो कोविड के नियमों का पालन नहीं होता है। जिस पर कंपनियों ने घर से ही कार्य कराना शुरु कर दिया। इसका फायदा यह हुआ कि जो कंपनी महंगे किराये के दफ्तरों में चलती थी, उन कंपनियों पर आफिस रेंट का बोझ कम हो गया और वह एक छोटे से आफिस से ही काम करने लगी। बाकी काम उनके कर्मचारी घर से ही करते रहे। Scam WFH