
हादसे में 16 साल हर्षिता की हालत गंभीर रुप से घायल हो गई थी। जिसे गवर्नमेंट मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल( जीएमएचएच) 16 से पीजीआई शिफ्ट किया गया। वहां उसे डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया गया।
हादसे में घायल 11 बच्चों का जीएमएसएच 16 में इलाज चल रहा है। इनकी स्वास्थ्य जांच करने के बाद डिस्चार्ज किया जाएगा। डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज (DHS) की देखरेख में बच्चों का इलाज हो रहा है।
वहीं दूसरी ओर 4 बच्चों को मोहाली के फोर्टिज अस्पताल और 2 को सेक्टर 34 के मुकुट अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। इन सभी की हालत स्थिर बनाई जा रही है। घटना में महिला अटेंडेंट और एक बच्चे को जीएमएसएच 16 से पीजीआई शिफ्ट किया गया है।
घटना को लेकर होम सेक्रेटरी, डिप्टी कमिश्नर, चीफ कंजरवेट ऑफ फोरेस्ट और हेल्थ सेक्रेटरी ने जीएमएसएच 16 और पीजीआई का दौरा किया और बच्चों का हाल चाल जाना।
यह बच्चे इन अस्पतालों में हैं दाखिल
मोहाली के फोर्टिज में नौंवी कक्षा की ज्योति, आठवीं की गुरबाणी ओबराय, छठी कक्षा की सानवी और हुनर भर्ती हैं। सेक्टर 34 के मुकुट अस्पताल में आठवीं की जन्नत गुप्ता और पांचवी की आमरीन दाखिल हैं। सेक्टर 16 के जीएमएसएच में नौंवी की गीतांजलि, साना बंसल, साना, परिनाज, दसवीं की प्रिशा, कैथरीन और राधिका, ग्यारहवीं की सेजल और अरुणिमा शामिल हैं। वहीं सेक्टर 16 अस्पताल से बस कंडक्टर शीला और दसवीं की इशिता को रैफर किया गया है।
घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश
चंडीगढ़ के डिप्टी कमिश्नर विनय प्रताप सिंह ने इस घटना को लेकर मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए हैं। एक सप्ताह में जांच कमेटी को रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा गया है। जांच कमेटी में एसडीएम(सेंट्रल), एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, होट्रीकल्चर विभाग, यूटी तथा रेंज फोरेस्ट ऑफिसर, फोरेस्ट डिपार्टमेंट होंगे।
कोई और हादसा न हो इसलिए निरीक्षण शुरु
घटना के बाद चंडीगढ़ नगर निगम, फोरेस्ट डिपार्टमेंट, होट्रीकल्चर विंग के अधिकारियों की एक कमेटी का गठन कर दिया गया है। यह टीम शहर के स्कूलों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के पास लगे ऐसे पेड़ों की जांच कर रहे हैं ताकि ऐसा कोई और हादसा न हो।
स्कूल के बाहर तैनात किया गया पुलिस बल घटना की जानकारी मिलते ही कई बच्चों के परिजन स्कूल पहुंचे। उन्हें गेट के बाहर रोक लिया गया, जिसके बाद उन्होंने स्कूल में दाखिल होने की मांग की। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी स्कूल के बाहर तैनात किया गया।प्रशासन ने इस पेड़ को हैरिटेज का दर्जा दिया था
जो पेड़ गिरा वह करीब 250 साल पुराना था। प्रशासन ने इसे हैरिटेज ट्री का दर्जा देकर संरक्षित किया था। इसे चारों तरफ से सीमेंट से कवर किया हुआ था। इसके पास बच्चे अक्सर लंच टाइम में बैठा करते थे और खेलते थे। घटना की जानकारी मिलते ही एसएसपी कुलदीप सिंह चहल समेत कई पुलिस अफसर मौके पर पहुंचे। सेक्टर 3 थाना पुलिस घटना की जांच कर रही है। वहीं गिरे पेड़ की शाखाओं को कटाने के लिए क्रेन का सहारा लिया गया। राहत का कार्य काफी देर तक चलता रहा।
क्या प्रशासन का 'हैरिटेज ट्री लव' बना बच्चे की मौत की वजह जिस पेड़ के गिरने से यह हादसा हुआ है उसे हैरिटेज ट्री का दर्जा हासिल था। ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि स्कूल जैसी जगह पर ऐसे हैरिटेज पेड़ का क्या काम। हैरिटेज पेड़ कभी तो पुराना होकर गिरना ही था। प्रशासन को उसका हैरिटेज ट्री लव क्या बच्चों की जान से ज्यादा प्यारा था। इतने पुराने पेड़ को यहां से कटवाने या इसकी छंटनी करवाने के बारे में क्यों नहीं सोचा गया?