शेयर बाजार में बड़ा घोटाला? SEBI ने अरशद वारसी समेत 59 पर लगाया बैन, जानिए पूरा मामला!
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 02:02 AM
मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में एक बड़ा घोटाला सामने आया है, जिसमें बॉलीवुड एक्टर अरशद वारसी, उनकी पत्नी और उनके भाई समेत 59 लोगों पर SEBI (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड) ने कार्रवाई की है। सेबी ने अरशद वारसी सहित इन सभी पर शेयर बाजार में धोखाधड़ी और शेयर प्राइस मैनिपुलेशन का आरोप लगाते हुए 1 साल के लिए सिक्योरिटी मार्केट से प्रतिबंधित कर दिया है।
यह मामला साधना ब्रॉडकास्ट लिमिटेड (Sadhna Broadcast Ltd – SBL) के शेयरों से जुड़ा है, जहां पंप एंड डंप स्कीम के जरिए शेयर की कीमत को कृत्रिम रूप से बढ़ाकर निवेशकों को गुमराह किया गया और ऊंचे दाम पर शेयर बेचकर मुनाफा कमाया गया।
क्या है पूरा मामला?
सेबी की जांच के अनुसार, धोखाधड़ी का यह खेल 8 मार्च 2022 से 30 नवंबर 2022 के बीच चला। इस दौरान SBL के शेयर की कीमतों को भ्रामक YouTube वीडियो और पेड मार्केटिंग के जरिए बढ़ाया गया, जिससे निवेशकों को लगने लगा कि यह कंपनी भारी मुनाफा कमाने वाली है। इस झांसे में आकर कई रिटेल निवेशकों ने शेयर खरीदे, और फिर आरोपी समूह ने अपनी हिस्सेदारी ऊंचे दामों पर बेचकर मोटा मुनाफा कमा लिया।
कौन-कौन हैं आरोपी?
अरशद वारसी, उनकी पत्नी और उनके भाई को 1 साल के लिए बैन किया गया है।मनीष मिश्रा पर 5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।गौरव गुप्ता, जिन्होंने सबसे ज्यादा मुनाफा (करीब 18.33 करोड़ रुपये) कमाया, उन पर 2 करोड़ रुपये का जुर्माना।जतिन मनुभाई शाह पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया।कुल मिलाकर 1.05 करोड़ रुपये की अवैध कमाई जब्त की गई है।
इस मामले में YouTube चैनलों की भूमिका
सेबी की रिपोर्ट में 5 यूट्यूब चैनलों – The Advisor, Midcap Calls, Profit Yatra, Moneywise, और India Bullish – का नाम सामने आया है, जो इस झूठे प्रचार अभियान में शामिल थे। इन चैनलों ने निवेशकों को गुमराह करने वाला कंटेंट पब्लिश किया।
व्हाट्सएप चैट से मिले सबूत
जांच के दौरान अरशद वारसी और मनीष मिश्रा की व्हाट्सएप चैट से यह सामने आया कि वारसी परिवार को इस फर्जीवाड़े में शामिल करने के लिए उन्हें 25-25 लाख रुपये ट्रांसफर करने की योजना थी।
SEBI की सख्ती
SEBI ने इस घोटाले में संलिप्तता के आधार पर 7 लोगों को 5 साल का प्रतिबंध, 54 अन्य को 1 साल का प्रतिबंध लगाया है। साथ ही, अवैध लाभों की वसूली और जुर्मानों की घोषणा की गई है। यह कार्रवाई SEBI की बाजार की पारदर्शिता और अखंडता बनाए रखने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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