कोविड टास्क फोर्स चीफ:देश में कोरोना की दूसरी लहर हुई कमजोर, अभी बुरा वक्त टलने की बात नहीं स्वीकार सकते
भारत
चेतना मंच
28 Nov 2025 03:23 AM
नई दिल्ली: कोविड टास्क फोर्स (Covid) के चीफ डॉ. वीके पॉल ने रविवार के दिन बच्चों के वैक्सीनेशन, वैक्सीन की सप्लाई और कोरोना के खतरे को लेकर अपनी राय रखी। उन्होंने बताया कि सरकार वैज्ञानिक (Scientist) तर्क के अलावा बच्चों के लिए उपलब्ध वैक्सीन (Vaccine) की सप्लाई की स्थिति को आधार बनाकर निर्णय ले सकती है।
पॉल ने कहा कि हम मानते हैं कि कई देशों में किशोरों और बच्चों के लिए वैक्सीनेशन (Vaccination) का आगाज किया जा चुका है। उन्होंने आगाह किया कि भले ही कोरोना का संक्रमण कम हो रहा हो और दूसरी लहर काबू हो गई हो, लेकिन अभी यह कहना पर्योप्त नहीं होगा कि सबसे बुरा समय खत्म हो गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि कई देशों में दो से ज्यादा लहरें आ चुकी हैं।
बच्चों के वैक्सीनेशन की डेडलाइन बताना नहीं है मुमकिन
डॉ. पॉल द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, कोवैक्सिन (Covaxin) बड़ों के वैक्सीनेशन प्रोग्राम का हिस्सा बन चुका है, इसलिए इस जरूरत को पूरा करते हुए बच्चों के वैक्सीनेशन का इंतजाम किस तरह से कराया जा सके, यह भी देखने वाली बात होगी। उन्होंने बताया कि इन सब को देखते हुए बच्चों का वैक्सीनेशन कब शुरू किया जाएगा, इसकी डेडलाइन देना संभव नहीं होगा। उन्होंने बताया कि वैक्सीनेशन प्रोग्राम में जायडस कैडिला (Zydus Cadila) के टीके को शामिल करने की तैयारी अच्छी तरह से आगे बढ़ती जा रही है। इसके लिए पहले से ही ट्रेनिंग जारी है और जल्द ही इसका इस्तेमाल शुरू होगा।
पॉल ने आगे बताया कि बच्चे कोरोना के फैलने की चेन का अहम हिस्सा बन सकते हैं। वे बड़ी संख्या में संक्रमित हो जाते हैं। दूसरा पहलू यह भी बताया गया है कि बच्चों में कोरोना (Corona) का संक्रमण बहुत हल्के या बिना लक्षण वाला हो सकता है। एक बार बच्चों के लिए पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध हो जाती है तो उन्हें भी संक्रमण से बचाया जा सकता हैं।