राष्ट्रपति मुर्मू के हेलीकॉप्टर की लैंडिंग में सुरक्षा चूक, अधिकारियों में हड़कंप
भारत
चेतना मंच
22 Oct 2025 01:38 PM
केरल में बुधवार (22 अक्टूबर) को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Draupadi Murmu) की सुरक्षा में बड़ी चूक का मामला सामने आया। राष्ट्रपति को सबरीमाला यात्रा पर ले जाने के लिए एक हेलीकॉप्टर को हेलीपैड पर लैंड करना था, लेकिन हेलीकॉप्टर के पहिए हेलीपैड पर धंस गए। इस घटना ने अधिकारियों में हड़कंप मचा दिया और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
सूत्रों के अनुसार, सबरीमाला में राष्ट्रपति मुर्मू (President Draupadi Murmu) के हेलीकॉप्टर की लैंडिंग के लिए हेलीपैड का निर्माण अंतिम समय में किया गया था। हेलीपैड पर कॉन्क्रीट का काम मंगलवार (21 अक्टूबर) शाम को ही शुरू हुआ और बुधवार सुबह तक इसे पूरा करने का प्रयास किया गया। लेकिन, निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही हेलीकॉप्टर को लैंड करने का निर्णय लिया गया, जिससे स्थिति गंभीर हो गई।
राज्य खुफिया विभाग ने पहले ही चेतावनी दी थी कि हेलीपैड पर कॉन्क्रीट पूरी तरह से सूखा नहीं है और हेलीकॉप्टर की लैंडिंग में परेशानी हो सकती है, लेकिन इस चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया गया। इसके परिणामस्वरूप, हेलीकॉप्टर के पहिए हेलीपैड पर धंस गए और उसे निकालने के लिए पुलिस और फायर डिपार्टमेंट की टीम को मौके पर भेजा गया।
इस घटना के बाद पुलिस और फायर डिपार्टमेंट के कर्मियों ने कड़ी मेहनत की और काफी प्रयासों के बाद हेलीकॉप्टर को हेलीपैड से बाहर निकाला। यह स्थिति तब बनी जब सुबह तक यह साफ नहीं था कि राष्ट्रपति (President Draupadi Murmu) की यात्रा सड़क मार्ग से होगी या हवाई मार्ग से। राष्ट्रपति सचिवालय ने तिरुवनंतपुरम से पंपा तक सड़क मार्ग की संभावना पर विचार किया था, जिससे पुलिस को सड़क पर तैनात किया गया था।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Draupadi Murmu) , जो सबरीमाला के भगवान अयप्पा मंदिर में पूजा-अर्चना करने वाली पहली महिला राष्ट्राध्यक्ष बनेंगी, ने पंबा से सन्निधानम तक की यात्रा करनी थी। इस यात्रा के दौरान उन्हें मंदिर में पूजा करने का अवसर मिला, लेकिन इस घटनाक्रम ने उनके सुरक्षा घेरे में गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
राष्ट्रपति (President Draupadi Murmu) की यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में चूक के मामले ने राज्य और केंद्रीय अधिकारियों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि इस तरह की घटनाएं आगे न घटित हों।