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पुरुषों के शव के प्राइवेट पार्ट पर टिप्पणी को लेकर विवादों में घिरी MBBS छात्रा सेजल पवार ने सार्वजनिक तौर पर माफी मांगी। जानिए वायरल वीडियो, पूरे विवाद, पुलिस कार्रवाई और केईएम अस्पताल की जांच से जुड़ी सभी अहम जानकारी।

मुंबई के केईएम अस्पताल की एमबीबीएस फाइनल ईयर की छात्रा और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर सेजल पवार इन दिनों विवादों में घिरी हुई हैं। पुरुषों के शव के प्राइवेट पार्ट को लेकर एक कॉमेडी शो में की गई उनकी टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। बढ़ते विवाद और आलोचनाओं के बीच अब सेजल पवार ने सार्वजनिक तौर पर माफी मांग ली है। उन्होंने कहा है कि उनसे गलती हुई और भविष्य में वह ऐसी बात दोबारा नहीं करेंगी।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में सेजल पवार ने अपने बयान को लेकर माफी मांगते हुए कहा कि यह उनका पहला कॉमेडी शो था और उन्हें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि कई महीने पहले की गई बात इस तरह बड़ा विवाद बन जाएगी। उन्होंने कहा कि उन्होंने जो कहा वह गलत था और इसके लिए वह माफी मांगती हैं।
सेजल ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि उनका किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था। उन्होंने बताया कि कॉमेडी शो के दौरान उन्होंने शुरुआत में यह भी कहा था कि मेडिकल छात्र दान किए गए शवों का सम्मान करते हैं। हालांकि, उन्होंने माना कि एक जिम्मेदार व्यक्ति होने के नाते उन्हें वह टिप्पणी नहीं करनी चाहिए थी।
माफीनामे वाले वीडियो में सेजल ने कहा कि - "हैलो एवरीवन, 3 महीने पहले मैंने शो किया था उसका एक पार्ट ऑफ द क्लिप वायरल हो रहा है जिसमें मैंने एक चीज बोली थी। इसके लिए मैं माफी मांगती है। यह काफी गलत था। काफी गलत चीज बोली। ऐसा बोलने का मेरा कोई इरादा नहीं था। कभी नहीं सोचा था कि मैं वो चीज बोलूंगी। शुरुआत में मैंने यह दो बार बोला था कि हम उनका (डेड बॉडी) बहुत रिस्पेक्ट करते हैं। यह मेरा पहला कॉमेडी शो था। इसके पहले कभी स्टैंड अप शो में नहीं गई थी एंड मुझे यह बिल्कुल आईडिया नहीं था कि 2 महीने पहले की क्लिप अभी आज उसमें से एक पार्ट लेके ऐसा कुछ बड़ा इशू हो जाएगा। मैं कोई सफाई नहीं दे रही हूं। सिर्फ माफी मांग रही हूं। इसे गलत जगह नहीं लेके जा रही हूं। मेरी तरफ से ऐसा फिर से कभी नहीं होगा। मैं यह सुनिश्चित कर रही हूं। '
उन्होंने आगे कहा कि "'मैं बहुत नाइव थी यार लाइक मुझे ना समझ में नहीं आया था मतलब मैं जब इनिशियली ये सब वो जो आप पूरा देखो वो पूरा जो सेगमेंट है वीडियो का उसमें मैंने एंड में गाना भी गाया था। काफी कुछ हुआ था। उसमें से बस वो एक पार्ट एक जिम्मेदार व्यक्ति होने के चलते मुझे ऐसा नहीं कहना चाहिए था। इसका मुझे पछतावा है। मैं वादा करती हूं ऐसा फिर से नहीं होगा। मैं कभी नहीं चाहती कि आप मुझे ऐसा देखो।'
यह विवाद एक कॉमेडी शो के वायरल वीडियो से शुरू हुआ। यह शो कॉमेडियन प्रणित मोरे से जुड़ा था। इन्हीं के शो का एक वीडियो 370 रुपए की बिरयानी काफी वायरल हुआ था, जिसकी वजह से सोशल मीडिया पर विवाद छिड़ गया था। अब इसी शो का एक और वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दर्शकों से बातचीत के दौरान सेजल पवार ने मेडिकल कॉलेज में अध्ययन और डिसेक्शन के लिए दान किए गए पुरुषों के शवों के प्राइवेट पार्ट को लेकर टिप्पणी की थी। सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस क्लिप में उनके बयान को लेकर लोगों ने कड़ी आपत्ति जताई।
विवाद तब और बढ़ गया जब सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे मेडिकल पेशे की गरिमा और दान किए गए शवों के सम्मान से जोड़कर देखा। बड़ी संख्या में लोगों ने सेजल पवार की आलोचना की और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
वायरल वीडियो सामने आने के बाद मेडिकल छात्रों के संगठनों और कई डॉक्टरों ने भी इस बयान का विरोध किया। आलोचकों का कहना है कि मेडिकल शिक्षा में इस्तेमाल होने वाले दान किए गए शवों के प्रति सम्मान बनाए रखना हर छात्र और डॉक्टर की जिम्मेदारी होती है।
सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर लगातार बहस चल रही है। कई लोगों ने मेडिकल लाइसेंस रद्द करने जैसी मांगें भी उठाईं, जबकि कुछ लोगों ने माफी के बाद मामले को शांत करने की बात कही।
मामले की गंभीरता को देखते हुए केईएम अस्पताल प्रशासन ने तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। अस्पताल प्रशासन ने एक समिति गठित कर रिपोर्ट मांगी है। वहीं महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने भी इस मामले में केस दर्ज किया है और सेजल पवार को समन भेजा है।
विवाद बढ़ने के बाद सेजल पवार ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट में भी कई बदलाव किए हैं। उन्होंने अपना बायो हटा दिया है और जिन अकाउंट्स को फॉलो कर रही थीं, उन्हें अनफॉलो कर दिया है।
फिलहाल इस पूरे मामले में जांच जारी है। वहीं, सार्वजनिक माफी के बाद भी सोशल मीडिया पर बहस थमने का नाम नहीं ले रही है।
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वायरल वीडियो सामने आने के बाद मेडिकल छात्रों के संगठनों और कई डॉक्टरों ने भी इस बयान का विरोध किया। आलोचकों का कहना है कि मेडिकल शिक्षा में इस्तेमाल होने वाले दान किए गए शवों के प्रति सम्मान बनाए रखना हर छात्र और डॉक्टर की जिम्मेदारी होती है।
सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर लगातार बहस चल रही है। कई लोगों ने मेडिकल लाइसेंस रद्द करने जैसी मांगें भी उठाईं, जबकि कुछ लोगों ने माफी के बाद मामले को शांत करने की बात कही।
मामले की गंभीरता को देखते हुए केईएम अस्पताल प्रशासन ने तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। अस्पताल प्रशासन ने एक समिति गठित कर रिपोर्ट मांगी है। वहीं महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने भी इस मामले में केस दर्ज किया है और सेजल पवार को समन भेजा है।
विवाद बढ़ने के बाद सेजल पवार ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट में भी कई बदलाव किए हैं। उन्होंने अपना बायो हटा दिया है और जिन अकाउंट्स को फॉलो कर रही थीं, उन्हें अनफॉलो कर दिया है।
फिलहाल इस पूरे मामले में जांच जारी है। वहीं, सार्वजनिक माफी के बाद भी सोशल मीडिया पर बहस थमने का नाम नहीं ले रही है।
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