
स्थानीय गाइड अल्बर्ट पी.डी. ने घटना से जुड़े अहम सुराग पुलिस को मुहैया कराए। उन्होंने पीटीआई से कहा, मुझे इस बात की तसल्ली है कि मेरी दी गई जानकारी ने हत्या की गुत्थी सुलझाने में मदद की। अब असली गुनहगार कानून की गिरफ्त में हैं और हमारी धरती की छवि को बदनाम करने वालों का चेहरा बेनकाब हो गया है।
अल्बर्ट ने बताया कि 23 मई की सुबह करीब 10 बजे उन्होंने नोंग्रियाट से मावलखियाट की ओर जाते समय चार पुरुषों और एक महिला को साथ देखा था। राजा समेत चारों पुरुष आगे चल रहे थे, जबकि महिला थोड़ी पीछे थी। सभी हिंदी में बात कर रहे थे। अल्बर्ट के अनुसार, इन लोगों ने 22 मई को गाइड सेवा लेने से इनकार कर भा वानसाई नामक एक अन्य गाइड को चुना था, जिसने उन्हें ‘शिपारा होमस्टे’ तक पहुंचाया।
पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि राजा की हत्या की साजिश उसकी पत्नी सोनम रघुवंशी ने ही रची थी। सोनम ने तीन युवकों—आकाश राजपूत (19), विशाल सिंह चौहान (22) और राज सिंह कुशवाह (21)—को अपने पति की हत्या के लिए इंदौर से मेघालय बुलवाया था। इन तीनों को पुलिस ने अलग-अलग जगहों पर रातभर की छापेमारी के बाद गिरफ्तार कर लिया है। सोनम ने इससे पहले गाजीपुर के नंदगंज थाने में आत्मसमर्पण किया था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, राजा के सिर पर दो बार किसी तेजधार हथियार से वार किया गया—एक घाव पीछे की ओर और दूसरा सामने। पूर्वी खासी हिल्स जिले के एसपी विवेक सैम ने इस रिपोर्ट को हत्या में प्रयुक्त वस्तु के प्रमाण के रूप में पुष्टि की है। Sonam Raghuvanshi