आज है चांद की रोशनी में खीर रखने वाली रात, जानें शुभ मुहूर्त
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 06:46 PM
आज 6 अक्टूबर 2025 को शरद पूर्णिमा (Sharad Purnima) का पावन अवसर है। आश्विन माह की यह पूर्णिमा तिथि विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है क्योंकि इस दिन चंद्रमा अपनी पूर्णता और सोलह कलाओं से परिपूर्ण होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शरद पूर्णिमा की चांदनी में अमृत तत्व बरसता है जो तन-मन दोनों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। Sharad Purnima
शरद पूर्णिमा का महत्व
ज्योतिष शास्त्र में शरद ऋतु की पूर्णिमा को बेहद खास माना गया है क्योंकि इसी दिन से शरद ऋतु का आरंभ होता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, प्रेम और कलाओं के देव श्रीकृष्ण ने इसी दिन महारास का आयोजन किया था। इस रात की चांदनी में रखा गया भोजन, खासकर दूध और खीर, अमृत तुल्य माना जाता है। इसे ग्रहण करने वाले को धन-धान्य, प्रेम और उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है।
शरद पूर्णिमा तिथि और शुभ मुहूर्त
शरद पूर्णिमा की पूर्णिमा तिथि आज दोपहर 12 बजकर 23 मिनट से शुरू होकर कल 7 अक्टूबर सुबह 9 बजकर 16 मिनट तक रहेगी। इस पवित्र दिन का सबसे शुभ और लाभकारी समय यानी मुहूर्त खीर चांदनी में रखने का आज रात 10 बजकर 37 मिनट से 12 बजकर 09 मिनट तक रहेगा। इस समय खीर को चंद्रमा की रोशनी में रखना अत्यंत शुभ माना जाता है।
पंचक का प्रभाव भी रहेगा
हालांकि, इस बार शरद पूर्णिमा के दिन पंचक योग का प्रभाव भी रहेगा जो 3 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक चला आ रहा है। पंचक के कारण आज के दिन कोई भी शुभ कार्य करने से बचना चाहिए क्योंकि इसका प्रभाव बाधा और अनिष्टकारी हो सकता है। शरद पूर्णिमा की रात को मां लक्ष्मी की पूजा का भी विशेष महत्व है। इस दिन दीपक जलाकर, सुगंधित फूलों, विशेषकर गुलाब के पुष्प अर्पित करें और इंद्र कृत लक्ष्मी स्तोत्र का पाठ करें। मां लक्ष्मी से धन, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना करें।
सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें। इसके बाद देवी-देवताओं को वस्त्र, अक्षत, आसन, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य, सुपारी और दक्षिणा अर्पित करें। संध्याकाल में दूध की खीर बनाएं और आधी रात को भगवान को भोग लगाएं। फिर चंद्रमा की पूजा करके खीर को उसकी चांदनी में रख दें। अगले दिन प्रसाद के रूप में इसे बांटना शुभ माना जाता है। Sharad Purnima