तुलसी के पास ये काम करने से लक्ष्मी माता होंगी खुश, खूब बरसेंगे पैसे!
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 11:57 AM
आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को शरद पूर्णिमा कहा जाता है। यह दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत पावन माना जाता है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, दान, व्रत और चंद्रमा की रोशनी में खीर रखने की परंपरा है। मान्यता है कि इस रात चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से युक्त होता है और उसकी चांदनी से अमृत बरसता है। Sharad Purnima 2025
आज की रात तुलसी से जुड़े कौन-कौन से उपाय करें?
इस वर्ष शरद पूर्णिमा 6 अक्टूबर 2025 (सोमवार) को मनाई जाएगी। इसे कोजागरी पूर्णिमा और अश्विन पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन मां लक्ष्मी की विशेष कृपा पाने के लिए तुलसी माता की पूजा और कुछ सरल उपाय करने से धन, सुख और शांति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। पौराणिक मान्यता है कि तुलसी में स्वयं लक्ष्मी जी का वास होता है। आइए जानते हैं शरद पूर्णिमा की रात तुलसी से जुड़े कौन-से उपाय करने चाहिए।
शरद पूर्णिमा पर तुलसी से जुड़े 5 प्रभावशाली उपाय
तुलसी के पास दीपक जलाएं
शरद पूर्णिमा की रात जब चंद्रमा उदित हो जाए, तब तुलसी के पौधे के पास घी या तिल के तेल का दीपक जलाएं। यह उपाय घर की नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और समृद्धि लाता है।
तुलसी की परिक्रमा करें
इस पावन रात तुलसी की 7 या 11 बार परिक्रमा करें और उसके बाद हाथ जोड़कर ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करें। इससे मनोकामनाएं पूरी होती हैं और मानसिक शांति मिलती है।
तुलसी के नीचे रखें चांदी या तांबे का सिक्का
एक चांदी या तांबे का सिक्का तुलसी के नीचे रखकर दीपक जलाएं। अगली सुबह वह सिक्का अपनी तिजोरी या पर्स में रखें। यह उपाय आर्थिक तंगी दूर करता है और अचानक धन लाभ के योग बनाता है।
तुलसी के पास करें ध्यान
मानसिक तनाव या बेचैनी है? तो शरद पूर्णिमा की रात तुलसी के पास बैठें और कुछ देर ध्यान (मेडिटेशन) करें। चंद्रमा की ठंडी रोशनी और तुलसी की सुगंध मिलकर मानसिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करते हैं।
करें मां लक्ष्मी के मंत्र का जाप
तुलसी के पास बैठकर ‘ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करें। यह मंत्र मां लक्ष्मी को प्रसन्न करता है और धन-समृद्धि का द्वार खोलता है।
चंद्रमा अपनी पूर्ण कलाओं के साथ आकाश में होता है। माना जाता है कि उसकी चांदनी में अमृत के कण होते हैं। इस रात ध्यान, दान, पूजा और मंत्र साधना से कई गुना अधिक फल प्राप्त होता है। Sharad Purnima 2025