
Raja Raghuvanshi murder case : राजा रघुवंशी हत्याकांड की जांच अब निर्णायक मोड़ पर है। मेघालय पुलिस की एक टीम मंगलवार देर रात इंदौर स्थित सहकार नगर में राजा रघुवंशी के निवास पर पहुंची और परिजनों से लगभग एक घंटे तक गहन पूछताछ की। यह पूछताछ विशेष रूप से मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी के व्यवहार, पारिवारिक रिश्तों और घटनाक्रमों पर केंद्रित रही।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शिलांग से आई टीम ने राजा की मां और दोनों भाइयों से विस्तार से बातचीत की। उनसे पूछा गया कि शादी के बाद सोनम का ससुराल में व्यवहार कैसा था, वह कितने दिन घर पर रही और परिवार के अन्य सदस्यों से उसके संबंध कैसे थे। टीम ने यह भी जानने की कोशिश की कि क्या सोनम के किसी अन्य व्यक्ति से संपर्क या करीबी संबंधों की कोई जानकारी परिवार को पहले से थी। राजा के बड़े भाई विपिन रघुवंशी ने बताया, “पुलिस ने हमसे सीधे सवाल किए—सोनम शादी के बाद कितने दिन घर में रही, उसका व्यवहार कैसा था और क्या उसने कभी किसी से झगड़ा या टकराव किया था।”
इस जांच के तहत पुलिस उस फ्लैट तक भी पहुंची जहां घटना के बाद सोनम के कुछ दिन छिपे रहने की आशंका जताई गई थी। इंदौर के देवास नाका क्षेत्र स्थित इस फ्लैट में शिलांग पुलिस ने तलाशी अभियान चलाया। एक स्थानीय अधिकारी ने बताया कि उन्हें इनपुट मिला था कि मेघालय में हत्या के बाद सोनम कुछ दिनों तक इसी ठिकाने पर रुकी थी, जिसके बाद वह उत्तर प्रदेश चली गई थी और अंततः गाजीपुर में आत्मसमर्पण किया। परिजनों ने पहले ही इस हत्याकांड में अन्य लोगों की संलिप्तता की आशंका जताई थी। ऐसे में यह पूछताछ और फ्लैट पर की गई कार्रवाई मामले में नए मोड़ की ओर इशारा कर रही है। शिलांग पुलिस पूरे ऑपरेशन को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दे रही है, ताकि जांच पर कोई असर न पड़े।
23 मई को मेघालय में हनीमून के दौरान राजा रघुवंशी की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी, उसके प्रेमी राज कुशवाह और तीन अन्य — विशाल चौहान, आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी को गिरफ्तार किया गया है। राजा की गुमशुदगी के नौ दिन बाद, दो जून को उसका शव चेरापूंजी (सोहरा) क्षेत्र के एक झरने के पास गहरी खाई में मिला था। आठ जून की रात सोनम ने गाजीपुर में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था। Raja Raghuvanshi murder case