
Shraddha murder case: दिल्ली के श्रद्धा हत्याकांड के आरोपी आफताब के नार्को टेस्ट की प्रकिया सोमवार, यानि आज से शुरु की जाएगी। पांच दिन तक नार्को टेस्ट होगा। बताया जाता है कि नार्को टेस्ट एक लंबी प्रक्रिया और इसे एक दिन में पूरा नहीं किया जा सकता है।
दिल्ली की फोरेंसिक साइंस लेब्रोरेटरी की डायरेक्टर डॉक्टर दीपा वर्मा ने इंडिया डॉट कॉम को बताया कि, कोर्ट ने आदेश दिया है कि 5 दिन में नार्को टेस्ट कराना है। इसकी एक प्रक्रिया होती है। नार्को टेस्ट को 5 दिन में करवाना स्वभाविक रूप से तो संभव नही है। उन्होंने कहा कि चूंकि इंवेस्टिग्वेशन रिक्वेस्ट जो है तो पांच दिन में ही इसे पूरा किया जाएगा, उसके बाद वो टेकअप हो जाएगा। डॉक्टर दीपा ने बताया कि टेकअप होना ही कठिन एक्सरसाइज होती है क्योंकि इसमें मल्टीपल टेस्ट होते है। उन्होंने कहा कि अगर कोर्ट ने निर्देश दिया है तो टेस्ट की शुरुआत हो सकती है लेकिन वो पांच दिन में पूरा हो जाए यह संभव नही है।
उन्होंने बताया कि नार्को टेस्ट के लिए अलग-अलग विभागों की एक टीम तैयार की जाती है, इसमें मेडिकल बैकग्राउंड एक्सपर्ट्स के अलावा साइक्लोजिस्ट होते हैं। इसके अलावा एंथोलॉजिस्ट होते हैं जो सारे रिकॉर्ड को कंपाइल करते हैं। नार्को टेस्ट से पहले मेडिकल फिटनेस चेक करनी होती है, केस की डिटेल्स भी चाहिए होती हैं क्योंकि उसी से सवाल तैयार किए जाते हैं। इसके अलावा कुछ और टेस्ट भी होते हैं। डॉ. दीपा बताती हैं कि इन टेस्ट को पांच दिनों में कराया जा सकता है लेकिन पांच दिन में किसी निष्कर्ष पर पहुंच पाना मुश्किल है।
उन्होंने बताया कि नार्को टेस्ट से पहले आरोपी के साथ बातचीत करनी होती है। इसी बातचीत के आधार पर टेस्ट की सीरिज तैयार की जाती है, जैसे कि पॉलीग्राफ टेस्ट की जरूरत है या नहीं। ब्रेन मैपिंग कराए जाने की जरूरत है या नहीं। इसके अलावा इसी बातचीत के आधार तय किया जाता है कि यह सारे टेस्ट कैसे किए जाने हैं, कब किए जाने हैं और कितने दिन बाद इनकी जरूरत है। इन सब में सबसे अहम सब्जेक्ट होता है क्योंकि अगर वह स्टेबल नहीं है तो टेस्ट के नतीजे सटीक नहीं हो सकते।