
Shraddha Murder Case: पूरे देश में चर्चित श्रद्धा हत्याकांड के आरोपी आफताब ने सोचा था कि वह श्रद्धा की हत्या करके बच जाएगा। उसने पुलिस को झूठ पर झूठ बोला और एक ऐसी कहानी गढ़ दी, जिसके बाद वह अपने ही बुने जाल में फंसता चला गया। झूठ ही झूठ में उसने पुलिस के समक्ष हकीकत सामने लाकर रख दी। आफताब पुलिस की गिरफ्त में है। अब दिल्ली पुलिस कोर्ट से आफताब के नार्को टेस्ट की मांग करने वाली है। श्रद्धा के मोबाइल को लेकर झूठ बोलना, उसके अकाउंट से अपने अकाउंट पर पैसे ट्रांसफर करना और पानी का बिल 300 रुपए आना, इन सभी तथ्यों ने आफताब को उसके ही बुने जाल में फंसा दिया।
आपको बता दें कि पुलिस की पूछताछ में आफताब ने कबूल किया है कि उसने 18 मई को घर के खर्चे और मुंबई से सामान मंगवाने के मामले पर झगड़े के बाद श्रद्धा की हत्या कर दी थी। हालांकि, इससे पहले आफताब ने पुलिस को बताया था कि श्रद्धा 22 मई को घर छोड़कर चली गई थी और वह अपने साथ अपना मोबाइल ले गई थी। तब से श्रद्धा उसके संपर्क में नहीं है। मगर पुलिस ने जब आफताब के मोबाइल और अकाउंट को खंगाला तो उसका झूठ पकड़ में आ गया, क्योंकि 22 मई के बाद ही आफताब ने श्रद्धा के अकाउंट से अपने खाते में 54 हजार रुपये ट्रांसफर किए थे। इतना ही नहीं, श्रद्धा के फोन की आखिरी लोकेशन भी मेहरौली ही थी।
दिल्ली पुलिस सूत्रों की मानें तो मई माह में आफताब के फ्लैट का वाटर बिल 300 रुपए आया था। आफताब के फ्लैट के 300 रुपये के पानी के बिल से साबित होता है कि उसने बड़ी मात्रा में पानी का इस्तेमाल किया। आशंका जताई जा रही है कि शायद हत्या के बाद खून धोने और सबूत को नष्ट करने के लिए ही आफताब ने इतनी मात्रा में पानी का इस्तेमाल किया होगा। पुलिस की जांच में यह भी बात सामने आई है कि वह श्रद्धा के सोशल मीडिया अकाउंट को उसकी मौत के बाद भी यूज कर रहा था ताकि किसी को संदेह न हो। इस वजह से भी आफताब पर पुलिस का संदेह गहराता गया और उसे गिरफ्तार किया।
पुलिस जांच के अनुसार, श्रद्धा की हत्या के दौरान आफताब को भी चोट लगी थी, जिसके इलाज के लिए वह डॉक्टर के पास गया था। आफताब ने उस समय डॉक्टर से कहा था कि फल काटने के दौरान उसे चोट लगी है। फिलहाल पुलिस ने शव 10 से 13 टुकड़े बरामद कर लिए हैं, मगर अब भी श्रद्धा के सिर की तलाश है। इन टुकड़ों को फॉरेंसिंक जांच के लिए भेजा गया ताकि यह पक्का हो जाए कि ये टुकड़े श्रद्धा के हैं या फिर किसी जानवर के।