मैं यहां एक बच्चे की तरह सीख रहा हूं" – स्पेस से बोले भारत के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 06:45 AM
नई दिल्ली: भारत के अंतरिक्ष इतिहास में एक और गौरवशाली क्षण जुड़ गया है। भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष से धरती के लिए अपना पहला संदेश भेजा है। उन्होंने अपने संदेश में कहा, “आप सभी को अंतरिक्ष से नमस्कार। मैं यहां एक बच्चे की तरह चीज़ें सीख रहा हूं!”
यह खास संदेश स्पेसएक्स के ड्रैगन यान से भेजा गया है, जिसमें शुभांशु Axiom Mission 4 के तहत तीन अन्य अंतरिक्ष यात्रियों के साथ सवार हैं। यह मिशन अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की ओर अग्रसर है और भारतीय समयानुसार शाम 4:30 बजे अंतरिक्ष स्टेशन पर डॉकिंग होनी है।
स्पेस से आया पहला भारतीय संदेश
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने स्पेसएक्स की लाइव स्ट्रीमिंग के दौरान यह संदेश साझा किया। उन्होंने कहा कि वह अंतरिक्ष की यात्रा से बेहद रोमांचित हैं। उन्होंने इसे “अद्भुत अनुभव” बताया और कहा कि वह वहां की हर गतिविधि को एक बच्चे की तरह सीख रहे हैं — जैसे खाना-पीना, तैरना और काम करना।
उनके शब्दों में गहराई थी, भावनाएं थीं और भविष्य के लिए उम्मीदें भी। उन्होंने कहा कि यह भले ही एक छोटा कदम लगे, लेकिन यह भारत के मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम की दिशा में एक बड़ा और ठोस कदम है।
क्या है Axiom Mission 4?
Axiom Mission 4 एक निजी अंतरिक्ष मिशन है जो वैज्ञानिक प्रयोगों और तकनीकी परीक्षणों के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की ओर भेजा गया है। इसमें भारत सहित कई देशों के अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं। शुभांशु शुक्ला इस मिशन में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, जो देश के लिए गर्व का विषय है।
भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए ऐतिहासिक कदम
इस मिशन के जरिए भारत को अंतरिक्ष अनुसंधान और मानवीय मिशनों के क्षेत्र में नया अनुभव मिलेगा। भविष्य में ‘गगनयान मिशन’ के लिए यह अनुभव बेहद उपयोगी साबित होगा। शुभांशु शुक्ला जैसे अनुभवी और समर्पित व्यक्तित्व की भागीदारी भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।
मिशन का मुख्य उद्देश्य
डॉकिंग के बाद शुभांशु शुक्ला और उनकी टीम अंतरिक्ष स्टेशन में प्रवेश करेंगे, जहां वे विज्ञान आधारित प्रयोग, माइक्रोग्रैविटी में मानव व्यवहार और नई तकनीकों के परीक्षण पर काम करेंगे। यह मिशन न सिर्फ तकनीकी दृष्टि से अहम है, बल्कि यह युवाओं को प्रेरित करने वाला भी है।
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