आखिर SIR को लेकर विपक्ष इतना आक्रामक क्यों है और चुनाव आयोग के खिलाफ इस बड़े प्रदर्शन का आगे क्या असर होगा ? जानिए दिल्ली के इस बड़े सियासी घटनाक्रम से जुड़ी हर अहम जानकारी चेतना मंच की इस खास रिपोर्ट में।

SIR और चुनाव आयोग के खिलाफ दिल्ली में INDIA ब्लॉक के विरोध मार्च के दौरान बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव समेत विपक्ष के कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया है। इस विरोध प्रदर्शन में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, मल्लिकार्जुन खड़गे समेत विपक्ष के कई नेता और सांसद शामिल हुए। विपक्षी सांसदों का यह मार्च मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर उनकी आपत्तियों के बीच आयोजित किया गया। प्रदर्शन के दौरान नई दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई।
INDIA ब्लॉक के सांसद संसद के मकर द्वार से निर्वाचन सदन की ओर बढ़े। मार्च को रोकने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी। रिपोर्टों के अनुसार, नीति आयोग कार्यालय के पास सुरक्षा कर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद कई विपक्षी सांसद वहीं धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं ने SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आपत्तियां उठाईं। विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर कई सवाल हैं और इन्हें दूर किया जाना चाहिए।
मार्च रोके जाने के बाद राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं ने धरना दिया। राहुल गांधी आकाशवाणी भवन के पास अन्य विपक्षी सांसदों के साथ धरने पर बैठे। बाद की रिपोर्टों में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कुछ विपक्षी नेताओं को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की जानकारी भी सामने आई। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान नई दिल्ली में सुरक्षा बलों की भारी मौजूदगी रही। संसद और निर्वाचन आयोग के आसपास पहले से ही बैरिकेडिंग और अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रदर्शन के दौरान चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहा है और भाजपा के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया। अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। हालांकि, ये विपक्ष की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से सिद्ध तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता।
INDIA ब्लॉक का विरोध मुख्य रूप से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अन्य मुद्दों पर केंद्रित है। विपक्षी दलों ने दावा किया है कि पुनरीक्षण प्रक्रिया में पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित होने की आशंका है। विपक्ष की ओर से चुनाव आयोग से मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया को लेकर अधिक पारदर्शिता तथा प्रभावी शिकायत निवारण व्यवस्था की मांग भी की जा रही है। INDIA ब्लॉक ने SIR को लेकर कई मांगें सामने रखी हैं।
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