देशभर में एकसाथ लागू होगा SIR? इस दिन होगी चुनाव आयोग की बड़ी बैठक
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 05:41 PM
बिहार में एसआईआर (Special Intensive Revision) को लेकर जारी विवाद के बीच चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला लेते हुए पूरे देश में इसे एक साथ लागू करने के संकेत दिए हैं। आयोग ने राज्यों के सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को 10 सितंबर को दिल्ली में बैठक के लिए बुलाया है जिसमें अंतिम निर्णय लिया जाएगा। Bihar News
बिहार में SIR की प्रक्रिया पहले ही जारी है और यह 30 सितंबर तक पूरी होने की संभावना है। चुनाव आयोग के अधिकारियों का कहना है कि देश के अन्य हिस्सों में भी SIR एक साथ लागू करने की योजना पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। हालांकि, अभी तक आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है।
क्या है SIR और क्यों है जरूरी?
SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण, मतदाता सूची को अद्यतन करने की एक प्रक्रिया है जिसमें नए मतदाताओं को जोड़ा जाता है, पुराने या गलत प्रविष्टियों को हटाया जाता है और पूरी सूची को डिजिटल रूप से सुदृढ़ किया जाता है। इस प्रक्रिया के तहत आयोग ने भारतीय नागरिकता के अतिरिक्त प्रमाण के लिए सुझाव भी मांगे हैं। आयोग ने सभी राज्यों से 10 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी मांगी है जिनमें वर्तमान मतदाता संख्या, पिछली SIR रिपोर्ट, डिजिटाइजेशन की स्थिति, मतदान केंद्रों की संख्या, BLO और अधिकारियों की नियुक्ति और प्रशिक्षण शामिल हैं। यह सारी जानकारी पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के जरिए पेश की जाएगी।
बिहार में चुनाव से पहले क्यों चर्चा में है SIR?
बिहार में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं जिसके चलते वहां SIR की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी गई है। 24 जून को आयोग द्वारा जारी एक आदेश में ही यह स्पष्ट किया गया था कि RPA 1950 की धारा 21 के तहत आयोग को देशभर में SIR लागू करने का अधिकार है। आयोग का मानना है कि मतदाता सूचियों की शुद्धता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए SIR बेहद जरूरी है जिससे चुनाव की संवैधानिक अखंडता सुनिश्चित हो सके।
देशभर में SIR की तिथि को लेकर अंतिम फैसला 10 सितंबर की बैठक में होगा। लेकिन सूत्रों का कहना है कि चुनाव आयोग का इरादा है कि इस बार पूरे देश में एक साथ SIR लागू किया जाए ताकि मतदाता सूचियों में सुधार की प्रक्रिया एकरूपता से हो सके। Bihar News