
Sirsaganj News: सिरसागंज के किसरांव उच्च प्राथमिक स्कूल में शनिवार को मिडडे मील (एमडीएम) खाने के बाद में स्कूली बच्चों की हालत बिगड़ गई। 25 बच्चों को एंबुलेंस से सीएचसी पर पहुंचाया गया। फूड प्वाइजनिंग से बच्चों की हालत खराब होने की जानकारी मिलते ही एसीएमओ, बीएसए सहित कई स्वास्थ्य अधिकारी भी सीएचसी पर पहुंच गए। सांसद ने भी पहुंच कर बच्चों की हालत का जायजा लिया।
उच्च प्राथमिक स्कूल किसरांव में एमडीएम में आलू, बैंगन, टमाटर की सब्जी एवं चावल बने थे। दोपहर 12 बजे करीब बच्चों ने मध्याह्न भोजन का सेवन किया। खाना खाने के कुछ देर बाद बच्चों की तबियत बिगड़ने लगी। किसी को पेट में दर्द होने लगा तो कुछ को उल्टी एवं दस्त की शिकायत हुई। कुछ सिर में दर्द की समस्या बताते हुए जमीन पर ही बैठ गए। 45 बच्चों की हालत देख शिक्षकों के हाथ-पैर फूल गए। इधर स्कूल में बच्चों की तबियत बिगड़ने की खबर एसडीएम को मिली तो उन्होंने दो एंबुलेंस के साथ लेखपालों को मौके पर भेजा। एंबुलेंस से गंभीर रूप से बीमार 25 बच्चों को सीएचसी पर भर्ती कराया।
सीएमओ के निर्देश पर एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार भी अपनी टीम के साथ सीएचसी सिरसागंज पहुंच गए। इधर बीएसए अंजली अग्रवाल भी सिरसागंज पहुंच गई एवं घटना के संबंध में जानकारी ली। सांसद डॉ.चंद्रसेन जादौन भी सीएचसी पहुंचे तथा बच्चों एवं शिक्षकों से बात की। बताया जाता है कि खाना खुले में बन रहा था। एसीएमओ के अनुसार फूड प्वाइजनिंग का असर 25 बच्चों में ज्यादा दिख रहा था। इन्हें भर्ती करा कर ड्रिप चढ़ाई गई है। बच्चों की देखरेख में चिकित्साधिकारी डॉ.कपिल एवं डॉ.हृदयराम के अलावा उनकी पूरी टीम बच्चों पर निगरानी रखे हुए थी। तहसीलदार ने रसोई को सील करा दिया। वहीं शाम को खाद्य सुरक्षा एवं औषध प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंच कर सैंपल भरा।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अंजलि अग्रवाल ने बताया कि बच्चों की तबियत अब ठीक है। स्कूल में खाना खुले में बनने के संबंध में जानकारी करेंगे। 50 बच्चे स्कूल आए थे, इनमें से दो दर्जन बच्चे बीमार हुए हैं। खाने का सैंपल भरकर जांच कराई जा रही है, जांच रिपोर्ट आने के बाद में दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।